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गोरखपुर: कोरोना से बेसहारा हुए 12 बच्चे चिह्नित, प्रशासन देगा सहारा
Thu, 20 May 2021 01:02 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 20 May 2021 01:02 PM IST
सार
शासन के निर्देश पर जिला प्रोबेशन विभाग ने किया सर्वे। इन बच्चों की पढ़ाई, रहने-खाने का कराया जाएगा इंतजाम। जिनका पूरा परिवार संक्रमित उन बच्चों की भी होगी देखरेख।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
कोरोना महामारी से बेसहारा हुए 12 बच्चे चिह्नित किए गए हैं। इन्हें प्रशासन सहारा देगा और इनकी पढ़ाई, रहने-खाने का इंतजाम भी कराएगा। जिनका पूरा परिवार संक्रमित है, ऐसे में उन बच्चों की भी देखरेख की जाएगी।
महामारी की वजह से मां-बाप दोनों की मौत के बाद बेसहारा हो गए बच्चों की सूची प्रशासन तैयार कर रहा है।
शासन की मदद से प्रशासन ऐसे बच्चों को सहारा देगा। यही नहीं कोविड की जांच आदि औपचारिकताएं नहीं हो पाने की वजह से जिन माता-पिता का किन्हीं और वजह से भी देहांत हो गया है, उनके बच्चों की भी देख-रेख प्रशासन करेगा। अभी तक के सर्वे में ऐसे 12 बच्चे चिह्नित किए गए हैं। इनमें तीन के माता-पिता की मृत्यु कोविड की वजह से जबकि बाकी के अन्य वजहों से हुई है।
प्रशासन ने अपील की है कि किसी के भी पास ऐसे बच्चों की सूचना हो तो वह जरूर बताए ताकि उनकी मदद की जा सके। प्रशासन उन बच्चों की भी देखभाल करेगा, जिनके माता-पिता दोनों संक्रमित हैं और बच्चे की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। जिला प्रोबेशन कार्यालय की ओर से इस संबंध में सर्वे कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पहले चरण का सर्वे पूरा हो चुका है। अभी तक 12 बच्चे चिह्नित किए गए हैं।
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यह सर्वे लगातार तबतक जारी रहेगा जब तक कोविड महामारी से मौतों का सिलसिला नहीं थमता। सर्वे के लिए ग्रामीण स्तर पर प्रशासन द्वारा गठित की गई निगरानी समितियों, ग्राम बाल कल्याण समितियों, स्वयं सेवी संगठनों, जिला बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन आदि का सहयोग लिया जा रहा है। माना जा रहा है कि गांवों में संयुक्त परिवार की अवधारणा होने के कारण इस तरह के मामले कम मिल रहे हैं।
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महामारी की वजह से मां-बाप दोनों की मौत के बाद बेसहारा हो गए बच्चों की सूची प्रशासन तैयार कर रहा है।
शासन की मदद से प्रशासन ऐसे बच्चों को सहारा देगा। यही नहीं कोविड की जांच आदि औपचारिकताएं नहीं हो पाने की वजह से जिन माता-पिता का किन्हीं और वजह से भी देहांत हो गया है, उनके बच्चों की भी देख-रेख प्रशासन करेगा। अभी तक के सर्वे में ऐसे 12 बच्चे चिह्नित किए गए हैं। इनमें तीन के माता-पिता की मृत्यु कोविड की वजह से जबकि बाकी के अन्य वजहों से हुई है।
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प्रशासन ने अपील की है कि किसी के भी पास ऐसे बच्चों की सूचना हो तो वह जरूर बताए ताकि उनकी मदद की जा सके। प्रशासन उन बच्चों की भी देखभाल करेगा, जिनके माता-पिता दोनों संक्रमित हैं और बच्चे की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। जिला प्रोबेशन कार्यालय की ओर से इस संबंध में सर्वे कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पहले चरण का सर्वे पूरा हो चुका है। अभी तक 12 बच्चे चिह्नित किए गए हैं।
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यह सर्वे लगातार तबतक जारी रहेगा जब तक कोविड महामारी से मौतों का सिलसिला नहीं थमता। सर्वे के लिए ग्रामीण स्तर पर प्रशासन द्वारा गठित की गई निगरानी समितियों, ग्राम बाल कल्याण समितियों, स्वयं सेवी संगठनों, जिला बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन आदि का सहयोग लिया जा रहा है। माना जा रहा है कि गांवों में संयुक्त परिवार की अवधारणा होने के कारण इस तरह के मामले कम मिल रहे हैं।
इन बिंदुओं पर जुटा रहे जानकारी
माता-पिता के न होने की दशा में भी कोई अन्य अभिभावक बच्चों की जिम्मेदारी ले रहा है। इस बात की सूचना भी सर्वे में एकत्रित की जा रही है। विभाग का कहना है कि जैसे ही इस तरह का बच्चा मिलेगा, उसे ऑनलाइन 24 घंटे के भीतर बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत करना होगा जिसके बाद उसकी देखभाल का इंतजाम होगा। जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वजीत सिंह ने बताया कि इस काम में स्वास्थ्य विभाग के अलावा पुलिस विभाग की भी मदद ली जा रही है। उनके पास भी ऐसी सूचनाएं पहुंचती हैं। इसके लिए एसपी ग्रामीण ने सभी थानाध्यक्षों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
बच्चे का नाम, उम्र, जैविक माता-पिता का नाम व स्थिति, परिवार में अन्य अभिभावकों का नाम, स्थिति व फोन नंबर, ऐसा फोन नंबर जिससे बच्चे से संपर्क किया जा सके, बच्चे को तुरंत किस चीज की जरूरत है।
यहां दी जा सकती है ऐसे बच्चों की सूचना
चाइल्ड लाइन हेल्प लाइन नंबर 1098
महिला हेल्पलाइन नंबर 181
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की हेल्पलाइन नंबर 011-23478250
जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वजीत सिंह ने बताया कि शासन की तरफ से जिले के ऐसे बच्चों का विवरण मांगा गया है, जिनके माता-पिता दोनों की कोरोना संक्रमण से मृत्यु हो गई हो और उनके परिवार में दूसरा कोई अभिभावक या तो नहीं है या देखभाल करने की स्थिति में नहीं है। अभी तक 12 ऐसे बच्चे चिह्नित किए गए हैं। सभी का सत्यापन चल रहा है। उनकी पढ़ाई से लेकर उनके रहने और शासन की कई अन्य योजनाओं का भी उन्हें लाभ दिलाया जाएगा। यदि किसी को ऐसे बच्चों की जानकारी हो तो वह विभाग को सूचना दे सकता है।
बच्चे का नाम, उम्र, जैविक माता-पिता का नाम व स्थिति, परिवार में अन्य अभिभावकों का नाम, स्थिति व फोन नंबर, ऐसा फोन नंबर जिससे बच्चे से संपर्क किया जा सके, बच्चे को तुरंत किस चीज की जरूरत है।
यहां दी जा सकती है ऐसे बच्चों की सूचना
चाइल्ड लाइन हेल्प लाइन नंबर 1098
महिला हेल्पलाइन नंबर 181
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की हेल्पलाइन नंबर 011-23478250
जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वजीत सिंह ने बताया कि शासन की तरफ से जिले के ऐसे बच्चों का विवरण मांगा गया है, जिनके माता-पिता दोनों की कोरोना संक्रमण से मृत्यु हो गई हो और उनके परिवार में दूसरा कोई अभिभावक या तो नहीं है या देखभाल करने की स्थिति में नहीं है। अभी तक 12 ऐसे बच्चे चिह्नित किए गए हैं। सभी का सत्यापन चल रहा है। उनकी पढ़ाई से लेकर उनके रहने और शासन की कई अन्य योजनाओं का भी उन्हें लाभ दिलाया जाएगा। यदि किसी को ऐसे बच्चों की जानकारी हो तो वह विभाग को सूचना दे सकता है।