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Exclusive: कोरोना मरीजों से अपनों ने मोड़ा मुंह तो पुलिस ने कहा- 'मैं हूं न'
Sun, 16 May 2021 04:24 PM IST
vivek shukla
शिवम सिंह, गोरखपुर।
शिवम सिंह, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 16 May 2021 04:24 PM IST
सार
किसी को पहुंचाई दवा तो सवारी ना मिलने पर किसी को स्टेशन छोड़ा, रोज लेते हैं हालचाल। होम आइसोलेशन में रहने वालों से बातचीत कर उनकी समस्या भी दूर कर रही पुलिस।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
पुलिसकर्मी भी इंसान हैं, डर उन्हें भी लगता है मगर अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए वे लोगों तक मदद पहुंचा रहे हैं। ऐसे समय में जब कोरोना मरीज से अपने भी मुंह मोड़ ले रहे हैं या किसी को सवारी नहीं मिल रही लोग पुलिस को याद कर रहे हैं। पुलिसकर्मी भी जरूरतमंदों को निराश नहीं कर रहे हैं।
केस एक
तिवारीपुर इलाके के एक ही परिवार के चार लोग कोरोना संक्रमित हैं। नौ मई को अचानक घर के एक बुजुर्ग की हालत खराब हो गई। दवा की जरूरत थी जो घर पर मौजूद नहीं थी। घर से निकलने की किसी की हिम्मत नहीं हुई तो घर के एक सदस्य आशुतोष ने पुलिस से बात की। पुलिसकर्मी ने पर्चा लेकर दवा उपलब्ध कराया।
केस दो
कोरोना कर्फ्यू के चलते 18 अप्रैल को मेडिकल रोड निवासी चेतन उपाध्याय को सवारी नहीं मिल रही थी। उन्हें बनारस जाना था। पहले तो सगे संबंधियों से
संपर्क किया, मदद नहीं मिली तो डॉयल 112 पर संपर्क किया। पीआरवी 0321 के पुलिसकर्मी ने खुद की गाड़ी से उन्हें रेलवे स्टेशन छोड़ा।
केस तीन
अलीनगर में एक काम करने वाली महिला की मौत हो गई थी। जिस घर में वह काम करती थी उस घर के लोग कोरोना से मौत की वजह से शव को छूना नहीं चाहते थे। आखिर में एडीजी से मदद मांगी गई। एडीजी ने एसएसपी से बाचतीत की जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने घर को सैनेटाइज कराने के साथ ही कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए महिला का दाह संस्कार कराया।
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केस एक
तिवारीपुर इलाके के एक ही परिवार के चार लोग कोरोना संक्रमित हैं। नौ मई को अचानक घर के एक बुजुर्ग की हालत खराब हो गई। दवा की जरूरत थी जो घर पर मौजूद नहीं थी। घर से निकलने की किसी की हिम्मत नहीं हुई तो घर के एक सदस्य आशुतोष ने पुलिस से बात की। पुलिसकर्मी ने पर्चा लेकर दवा उपलब्ध कराया।
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केस दो
कोरोना कर्फ्यू के चलते 18 अप्रैल को मेडिकल रोड निवासी चेतन उपाध्याय को सवारी नहीं मिल रही थी। उन्हें बनारस जाना था। पहले तो सगे संबंधियों से
संपर्क किया, मदद नहीं मिली तो डॉयल 112 पर संपर्क किया। पीआरवी 0321 के पुलिसकर्मी ने खुद की गाड़ी से उन्हें रेलवे स्टेशन छोड़ा।
केस तीन
अलीनगर में एक काम करने वाली महिला की मौत हो गई थी। जिस घर में वह काम करती थी उस घर के लोग कोरोना से मौत की वजह से शव को छूना नहीं चाहते थे। आखिर में एडीजी से मदद मांगी गई। एडीजी ने एसएसपी से बाचतीत की जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने घर को सैनेटाइज कराने के साथ ही कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए महिला का दाह संस्कार कराया।
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344 कोरोना मरीजों को फोन कर पूछी जरूरत
एडीजी के निर्देश के बाद गोरखपुर पुलिस, पीआरओ सेल व कोरोना सेल के पुलिसकर्मियों ने शुक्रवार को जनपद में होमआइसोलेट कुल 6610 मरीजों में से
344 मरीजों से फोन पर उनके स्वास्थ्य एवं समस्याओं के संबंध में बात की। जिसमें से नौ व्यक्तियों द्वारा सेनेटाइजेशन व मेडिकल की समस्या बताई गई। 125 व्यक्तियों ने अपने को स्वस्थ/निगेटिव बताया। शेष व्यक्तियों ने कोई विशेष समस्या नहीं बताई।
एडीजी अखिल कुमार ने बताया कि पुलिस को कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए निर्देशित किया गया है। पुलिस ऐसा कर रही है। संक्रमण के इस दौर में पुलिस अपने सामाजिक दायित्वों के प्रति भी सतर्क है। पुलिस होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों से लगातार संपर्क में रहेगी और उनकी हर जरूरत में मदद करेगी। अगर उन्हें चिकित्सा की जरूरत होगी तो पुलिस कर्मी इसकी जानकारी सीओ या फिर एसपी रैंक के अफसर को देंगे। अफसर सीएमओ से बातचीत कर उनकी मदद करेंगे।
344 मरीजों से फोन पर उनके स्वास्थ्य एवं समस्याओं के संबंध में बात की। जिसमें से नौ व्यक्तियों द्वारा सेनेटाइजेशन व मेडिकल की समस्या बताई गई। 125 व्यक्तियों ने अपने को स्वस्थ/निगेटिव बताया। शेष व्यक्तियों ने कोई विशेष समस्या नहीं बताई।
एडीजी अखिल कुमार ने बताया कि पुलिस को कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए निर्देशित किया गया है। पुलिस ऐसा कर रही है। संक्रमण के इस दौर में पुलिस अपने सामाजिक दायित्वों के प्रति भी सतर्क है। पुलिस होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों से लगातार संपर्क में रहेगी और उनकी हर जरूरत में मदद करेगी। अगर उन्हें चिकित्सा की जरूरत होगी तो पुलिस कर्मी इसकी जानकारी सीओ या फिर एसपी रैंक के अफसर को देंगे। अफसर सीएमओ से बातचीत कर उनकी मदद करेंगे।