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UP: 'मसीही किताबें पढ़ो तो खत्म होंगी सारी समस्याएं...', महिलाओं को समझाती थीं दोनों; धर्मांतरण केस में खुलासा
Wed, 01 Oct 2025 10:19 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 01 Oct 2025 10:19 AM IST
सार
गोरखपुर की सहजनवां पुलिस ने धर्मांतरण के लिए बहकाने के आरोप में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। दोनों महिलाएं धर्मांतरण के लिए बस्तियों में जाकर मसीही प्रार्थना कराती थीं। 100 लोगों को बैठाकर प्रार्थना करवा रही थीं।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी महिलाएं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
गोरखपुर के सहजनवां थाना क्षेत्र में धर्मांतरण कराने की कोशिश के आरोप में पुलिस ने दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिलाएं गरीब बस्तियों में जाकर मसीही प्रार्थना कराती थीं। साथ ही लोगों को उस धर्म की पुस्तकें पढ़ने के लिए भी प्रेरित करती थीं। कहती थीं कि मसीही पुस्तकें पढ़ने से सारी समस्याएं खत्म हो जाएंगी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान क्षेत्र की लक्ष्मी यादव और रोशनी के रूप में हुई। पुलिस ने उन्हें जेल भिजवा दिया है। बताया जा रहा है कि लक्ष्मी घर पर ब्यूटी पार्लर के साथ सिलाई सिखाने का भी काम करती थी। वह दावा करती थी कि जो वह बोलती जाए, वही काम सारे लोग करें तो सारे कष्ट खत्म हो जाएंगे।
उसके घर पर ज्यादातर गांव की गरीब महिलाएं आती थीं। उन्हें नौकरी और पैसे का भी लालच दिया जाता था। लक्ष्मी की आठ साल की बेटी भी है। घर में पति वीरेंद्र यादव भी रहते हैं। लक्ष्मी की आदतों की वजह वह उससे मतलब नहीं रखते हैं।
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान क्षेत्र की लक्ष्मी यादव और रोशनी के रूप में हुई। पुलिस ने उन्हें जेल भिजवा दिया है। बताया जा रहा है कि लक्ष्मी घर पर ब्यूटी पार्लर के साथ सिलाई सिखाने का भी काम करती थी। वह दावा करती थी कि जो वह बोलती जाए, वही काम सारे लोग करें तो सारे कष्ट खत्म हो जाएंगे।
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उसके घर पर ज्यादातर गांव की गरीब महिलाएं आती थीं। उन्हें नौकरी और पैसे का भी लालच दिया जाता था। लक्ष्मी की आठ साल की बेटी भी है। घर में पति वीरेंद्र यादव भी रहते हैं। लक्ष्मी की आदतों की वजह वह उससे मतलब नहीं रखते हैं।
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पुलिस की पूछताछ में लक्ष्मी ने बताया कि उसे पांच साल पहले पथरी की शिकायत हो गई थी। काफी दर्द से परेशान रहती थी। बहुत इलाज कराया लेकिन ठीक नहीं हुआ। तब किसी के बताने पर बहराइच इलाज कराने गई। वहां एक किताब दी गई।
'इस किताब को पढ़ो, रोज प्रार्थना करो, सब ठीक हो जाएगा'
बोला गया- इसे पढ़ो, रोज प्रार्थना करो, सब ठीक हो जाएगा। उस किताब और धर्म के बारे में इंटरनेट पर सर्च कर और जानकारी हासिल की। इसके बाद प्रार्थना करने पर फायदा होने लगा। इसके बाद में रोज ऐसा करने लगी। गांव वालों से भी प्रार्थना कराने लगी। इसके लिए हर रविवार को स्पेशल प्रार्थना का आयोजन करती थी।
बोला गया- इसे पढ़ो, रोज प्रार्थना करो, सब ठीक हो जाएगा। उस किताब और धर्म के बारे में इंटरनेट पर सर्च कर और जानकारी हासिल की। इसके बाद प्रार्थना करने पर फायदा होने लगा। इसके बाद में रोज ऐसा करने लगी। गांव वालों से भी प्रार्थना कराने लगी। इसके लिए हर रविवार को स्पेशल प्रार्थना का आयोजन करती थी।
धार्मिक पुस्तक पढ़ने से एक झटके में खत्म हो जाएगी बीमारी
गरीब बस्तियों में जाकर लक्ष्मी लोगों को धर्म विशेष की किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित करती थी। उन्हें कहती थी-इसे पढ़ने से सारी बीमारियां खत्म हो जाएंगी। तुमने जितना भी कष्ट अपनी जिंदगी में झेला है, एक ही झटके में खत्म हो जाएगा। एक नए जीवन का अहसास करोगे। ऊपर वाले ने एक ही जीवन दिया है। इसलिए अपनी झोली में कष्ट नहीं, सुख डालो। यह सब तुम तब कर पाओगे, जब सच्चे ईश्वर को समझ पाओगे। बताया जा रहा है कि इस काम में और भी कई लोग शामिल हैं।
गरीब बस्तियों में जाकर लक्ष्मी लोगों को धर्म विशेष की किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित करती थी। उन्हें कहती थी-इसे पढ़ने से सारी बीमारियां खत्म हो जाएंगी। तुमने जितना भी कष्ट अपनी जिंदगी में झेला है, एक ही झटके में खत्म हो जाएगा। एक नए जीवन का अहसास करोगे। ऊपर वाले ने एक ही जीवन दिया है। इसलिए अपनी झोली में कष्ट नहीं, सुख डालो। यह सब तुम तब कर पाओगे, जब सच्चे ईश्वर को समझ पाओगे। बताया जा रहा है कि इस काम में और भी कई लोग शामिल हैं।
छह पर दर्ज है केस
दरअसल, गांव के लोगों ने परेशान होकर धर्मांतरण की शिकायत संतकबीरनगर के विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष सौरभ जायसवाल से की। सौरभ ने रविवार को सहजनवां थाने में केस दर्ज कराया। लक्ष्मी और पांच अज्ञात को नामजद किया। फिर पुलिस ने सोमवार को लक्ष्मी और रोशनी की गिरफ्तार किया। पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान तलाशी ली तो वहां से संबंधित किताबें, एक शुभ समाचार पुस्तिका, एक मसीही गीत पुस्तक और एक प्रभु की अनमोल सहायता पाकेट पुस्तिका बरामद हुई।
दरअसल, गांव के लोगों ने परेशान होकर धर्मांतरण की शिकायत संतकबीरनगर के विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष सौरभ जायसवाल से की। सौरभ ने रविवार को सहजनवां थाने में केस दर्ज कराया। लक्ष्मी और पांच अज्ञात को नामजद किया। फिर पुलिस ने सोमवार को लक्ष्मी और रोशनी की गिरफ्तार किया। पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान तलाशी ली तो वहां से संबंधित किताबें, एक शुभ समाचार पुस्तिका, एक मसीही गीत पुस्तक और एक प्रभु की अनमोल सहायता पाकेट पुस्तिका बरामद हुई।
इसके अलावा एक पुरानी डायरी और किताब भी मिली थी, जिस पर हिंदी-अंग्रेजी में कई तंत्र लिखे हुए थे। पुलिस को एक रूमाल भी मिला था, जिसे बीमार लोगों पर रखते ही बीमारियां दूर करने का दावा किया जाता था। मौके से एक मोबाइल भी मिला जिसमे धर्मांतरण से जुड़े कई वीडियो मिले हैं। एसपी नॉर्थ जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर दो आरोपियों को जेल भिजवा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
दूसरे जिलों में भी है नेटवर्क
लक्ष्मी केवल गोरखपुर ही नहीं, दूसरे जिलों में भी लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करती थी। वह पादरी भी थी और प्रार्थना सभा में लोग उसकी बातें दोहराते थे। पुलिस को उसके मोबाइल फोन से कई नंबर मिले हैं। इससे यह पता चला है कि कई और जिलों में भी लक्ष्मी का आना-जाना था। पुलिस इस बारे में जांच कर और जानकारी जुटा रही है। इस नेटवर्क से और कौन-कौन जुड़ा है, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
लक्ष्मी केवल गोरखपुर ही नहीं, दूसरे जिलों में भी लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करती थी। वह पादरी भी थी और प्रार्थना सभा में लोग उसकी बातें दोहराते थे। पुलिस को उसके मोबाइल फोन से कई नंबर मिले हैं। इससे यह पता चला है कि कई और जिलों में भी लक्ष्मी का आना-जाना था। पुलिस इस बारे में जांच कर और जानकारी जुटा रही है। इस नेटवर्क से और कौन-कौन जुड़ा है, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
पिपराइच में पकड़ा गया था मामला
सितंबर 2022 में पिपराइच इलाके के महुअंवा खुर्द गांव में प्रलोभन देकर धर्मांतरण के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। वह धर्म सभा आयोजित कर धर्म परिवर्तन करा रहे थे। वह गांव में खासकर अनुसूचित जाति के लोगों को रुपये, आराम की जिंदगी, मिशनरी स्कूलों में दाखिले, रोजगार जैसे लुभावने प्रलोभन देकर मनोवैज्ञानिक रूप से धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाते थे।
सितंबर 2022 में पिपराइच इलाके के महुअंवा खुर्द गांव में प्रलोभन देकर धर्मांतरण के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। वह धर्म सभा आयोजित कर धर्म परिवर्तन करा रहे थे। वह गांव में खासकर अनुसूचित जाति के लोगों को रुपये, आराम की जिंदगी, मिशनरी स्कूलों में दाखिले, रोजगार जैसे लुभावने प्रलोभन देकर मनोवैज्ञानिक रूप से धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाते थे।
जो लोग उनके बहकावे में नहीं आ रहे थे, उन्हें यह कैंसर, पेट दर्द, कान बहना, गले में दर्द जैसी बीमारी बताकर सेवा भाव का नाटक रचते थे ताकि वह धर्म परिवर्तन कर लें। धर्म परिवर्तन करने के लिए आरोपी बिना डिग्री का इलाज भी करते थे।
आरोप है कि तीनों कैंसर, गर्दन दर्द, कान का बहना जैसे रोगों का इलाज करने का दावा करके झाड़-फूंक भी किया करते थे। जो लोग धर्म परिवर्तन के लिए रुपये लेने को तैयार नहीं होते थे, उन्हें इस माध्यम से तैयार करने की कोशिश की जाती थी। मौके से पुलिस को धार्मिक पुस्तकें भी मिली थीं।