फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur Zoo will open today after two months.

Gorakhpur News: दो माह बाद आज से खुलेगा चिड़ियाघर, बर्ड फ्लू के संक्रमण की वजह से था बंद

Tue, 08 Jul 2025 12:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Tue, 08 Jul 2025 12:02 AM IST
सार

चिड़ियाघर में डेढ़ माह के अंदर पांच वन्यजीवों की मौत हो चुकी है। 30 मार्च को पीलीभीत से रेस्क्यू कर लाए गए बाघ केसरी की मौत सबसे पहले हुई थी। इसके बाद पांच मई को मादा भेड़िया भैरवी, सात को बाघिन शक्ति और आठ मई को तेंदुआ मोना की मौत हुई थी। 23 मई को एक काकाटेल की मौत भी हो गई थी।
 

विज्ञापन
Gorakhpur  Zoo will open today after two months.
गोरखपुर चिड़ियाघर( फाइल फोटो) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

बर्ड फ्लू की वजह से करीब दो माह तक बंद रहने के बाद गोरखपुर चिड़ियाघर मंगलवार से दर्शकों के लिए खुल जाएगा। शासन से अनुमति मिलने के बाद सोमवार को चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से इसका आदेश जारी कर दिया गया। सुबह नौ से शाम पांच बजे तक प्राणि उद्यान में वन्यजीवों के दीदार किए जा सकेंगे।
विज्ञापन


सोमवार को परिसर में उगी घास और झाड़-झंखाड़ की साफ-सफाई की गई। टिकट काउंटर और कंप्यूटर भी सही किए गए। दर्शकों को जांच के बाद ही प्रवेश मिलेगा। गेट पर स्थित स्टाॅक रूम में उन्हें अपना सामान रखना होगा। इसके अलावा दर्शकों का पैर और हाथ का सैनिटाइजेशन होगा फिर उन्हें प्रवेश दिया जाएगा।
विज्ञापन

शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में बर्ड फ्लू के चलते सात मई को बाघिन शक्ति की मौत हो गई थी। 12 मई को राष्ट्रीय उच्च पशुरोग संस्थान, भोपाल से आई रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई थी। इसके बाद 13 मई से प्राणि उद्यान दर्शकों के लिए बंद है। इस वजह से गर्मी की छुट्टी में बच्चे चिड़ियाघर नहीं घूम पाए। दूर-दराज से आए पर्यटकों को भी मायूस लौटना पड़ा।

चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने आकर अन्य वन्यजीवों के स्वास्थ्य की जांच की। नमूना लिए और जांच के लिए भोपाल व बरेली भेजा। इसी बीच बाघ पटौदी की तबीयत खराब हो गई। मुख्य वनाधिकारी के निर्देश पर उसे कानपुर चिड़ियाघर भेजा गया, जहां एक हफ्ते बाद उसकी मौत हो गई। जांच में उसमें भी बर्ड फ्लू मिला। इसके बाद कानपुर चिड़ियाघर को भी बंद कर दिया गया।
विज्ञापन

पांच वन्यजीवों में मिला था संक्रमण
चिड़ियाघर प्रशासन ने जांच के लिए वन्यजीवों का सैंपल भोपाल भेजा था। इनकी रिपोर्ट 23 मई को आई। इसमें बाघिन मैलानी, तेंदुआ के दो शावक, हिमालयन गिद्ध और काकाटेल पक्षी में संक्रमण मिला। आइसोलेट कर इनका इलाज किया गया। इस दौरान काकाटेल पक्षी की भी मौत हो गई।

एक सप्ताह बाद दोबारा नमूना लेकर भेजा गया। इसकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने राहत की सांस ली। इसके बाद से जितने भी नमूने जांच के लिए भेजे गए, सभी निगेटिव आए हैं। चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि सभी वन्यजीव स्वस्थ हैं। दर्शकों के आने से पहले सारी तैयारियां पूरी हो गई हैं।
विज्ञापन

पांच वन्यजीवों की हो चुकी है मौत
चिड़ियाघर में डेढ़ माह के अंदर पांच वन्यजीवों की मौत हो चुकी है। 30 मार्च को पीलीभीत से रेस्क्यू कर लाए गए बाघ केसरी की मौत सबसे पहले हुई थी। इसके बाद पांच मई को मादा भेड़िया भैरवी, सात को बाघिन शक्ति और आठ मई को तेंदुआ मोना की मौत हुई थी। 23 मई को एक काकाटेल की मौत भी हो गई थी।

सभी वन्यजीवों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत कराया गया था। फिलहाल सभी वन्यजीव स्वस्थ हैं। मंगलवार से प्राणि उद्यान को दर्शकों के लिए खोल दिया जाएगा: विकास यादव, निदेशक, चिड़ियाघर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed