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चिड़ियाघर : मीडियम जू की मिल सकती है मान्यता
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शासन की उच्च स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर हो सकता है मान्यता में बदलाव
गोरखपुर। चिड़ियाघर को शुभारंभ के समय मिनी जू की मान्यता मिली थी। उस समय 125 के करीब वन्यजीव आए थे। लेकिन, चार वर्षो के अंदर चिड़ियाघर में 400 वन्यजीव रह रहे हैं। अब इसे मीडियम जू की मान्यता मिल सकती है।
शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान के बाड़े में 322 और वन्यजीव पशु अस्पताल में 78 रेस्क्यू वन्यजीव हैं। इन वन्यजीवों के हिसाब से चिड़ियाघर का बाड़ा और पशु अस्पताल छोटा पड़ रहा है। शासन की आरे से नामित कमेटी ने भी इस बात को माना। इसके अलावा बीते वर्ष जांच के लिए आई केंद्रीय जू अथाॅरिटी ने भी चिड़ियाघर को मिनी की जगह मीडियम जू का दर्जा देने की बात कही थी। लेकिन, अभी तक इस पर मुहर नहीं लगी। हालांकि, कमेटी के आने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि अब चिड़ियाघर का विस्तार होगा और इसे मीडियम जू का दर्जा भी मिल जाएगा।
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गोरखपुर। चिड़ियाघर को शुभारंभ के समय मिनी जू की मान्यता मिली थी। उस समय 125 के करीब वन्यजीव आए थे। लेकिन, चार वर्षो के अंदर चिड़ियाघर में 400 वन्यजीव रह रहे हैं। अब इसे मीडियम जू की मान्यता मिल सकती है।
शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान के बाड़े में 322 और वन्यजीव पशु अस्पताल में 78 रेस्क्यू वन्यजीव हैं। इन वन्यजीवों के हिसाब से चिड़ियाघर का बाड़ा और पशु अस्पताल छोटा पड़ रहा है। शासन की आरे से नामित कमेटी ने भी इस बात को माना। इसके अलावा बीते वर्ष जांच के लिए आई केंद्रीय जू अथाॅरिटी ने भी चिड़ियाघर को मिनी की जगह मीडियम जू का दर्जा देने की बात कही थी। लेकिन, अभी तक इस पर मुहर नहीं लगी। हालांकि, कमेटी के आने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि अब चिड़ियाघर का विस्तार होगा और इसे मीडियम जू का दर्जा भी मिल जाएगा।
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