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Gorakhpur News: जहां सड़ा है सेब-संतरा..वहीं लगा दिया स्टीकर
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खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने फल की दुकानों से लिया नमूना
बाजार में बिक रहा मोम लगा सेब और संतरा, खाने से लोग हो सकते हैं बीमार
गोरखपुर। मिलावटखोरों ने खाद्य सामग्री को अपने फायदे के लिए जहरीला बना ही दिया है, फलों को भी नहीं बख्शा। शहर में बिक रहे सेब, संतरा और अनार पर प्रतिबंध के बावजूद स्टीकर लगाए जा रहे हैं। ये स्टीकर फल के उस हिस्से पर लगाए गए हैं, जहां से वह सड़ना शुरू होता है। बुधवार को शहर में निकली खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कई जगह ऐसे मामले पकड़े और फल बिक्रेताओं को चेतावनी दी।
करीब-करीब हर चौराहे और बाजार में फल विक्रेताओं की दुकान है। कचहरी के पास लाइन से फुटपाथ पर इसकी दुकानें सजती हैं। इसके अलावा फलमंडी में भी बड़ी-बड़ी दुकाने हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग को जानकारी मिली थी कि फल विक्रेता खराब हो चुके फलों को चमकाने के लिए उस पर मोम का लेप लगाने के साथ ही जहां से फल खराब हो रहे हैं, उस पर स्टीकर भी चिपका रहे हैं।
इसकी सच्चाई जानने बुधवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम शहर में निकली। कलक्ट्रेट कचहरी के बाहर फल की दुकानों पर जांच की गई तो सेब, अनार और संतरा पर स्टीकर लगाए गए थे। स्टीकर हटाने पर उसके नीचे फल सड़ा मिला। पूछताछ में दुकानदारों ने बताया कि फल मंडी से ऐसा ही आता है। हालांकि जांच हुई तो इनके पास से ही स्टीकर भी मिले। छानबीन में यह बात सामने आई कि फल जिस जगह से खराब होने लगता है, वहीं स्टीकर चिपका देते हैं, जिससे कि ग्राहक उसे पकड़ न पाएं।
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ताजा बनाने के लिए करते हैं मोम का प्रयोग
सेब को ताजा बनाए रखने के लिए उस पर मधुमक्खी के छत्ते से मिलने वाला मोम लगाने की छूट है, लेकिन इसकी कम उपलब्धता और कीमत अधिक होने की वजह से फल विक्रेता इसकी जगह मोमबत्ती की मोम का इस्तेमाल करते हैं। बाजार के सूत्रों ने बताया कि फलों पर पहले से ही मोम की हल्की परत लगी होती है। फुटकर दुकानदार जब उसे कपड़े से पोंछ देते हैं तो फल अधिक चमकने लगता है, जिससे उसकी कीमत बढ़ जाती है। लेकिन ऐसे फल को अगर गर्म पानी में डालकर निकलें और फिर साफ कपड़े से पोंछें तो मोमबत्ती की परत उस कपड़े पर निकलकर आ जाती है।
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वर्जन
फलों पर स्टीकर चिपकाना प्रतिबंधित है। फिर भी इसे चिपका कर बेचा जा रहा है। बुधवार को जांच कराई गई तो सेब, अनार समेत कई फलों पर स्टीकर चिपकाए गए थे। 15 हजार स्टीकर जब्त भी किए गए हैं। जल्द ही अन्य जगहों पर जांच कर कार्रवाई होगी।
डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा
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बाजार में बिक रहा मोम लगा सेब और संतरा, खाने से लोग हो सकते हैं बीमार
गोरखपुर। मिलावटखोरों ने खाद्य सामग्री को अपने फायदे के लिए जहरीला बना ही दिया है, फलों को भी नहीं बख्शा। शहर में बिक रहे सेब, संतरा और अनार पर प्रतिबंध के बावजूद स्टीकर लगाए जा रहे हैं। ये स्टीकर फल के उस हिस्से पर लगाए गए हैं, जहां से वह सड़ना शुरू होता है। बुधवार को शहर में निकली खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कई जगह ऐसे मामले पकड़े और फल बिक्रेताओं को चेतावनी दी।
करीब-करीब हर चौराहे और बाजार में फल विक्रेताओं की दुकान है। कचहरी के पास लाइन से फुटपाथ पर इसकी दुकानें सजती हैं। इसके अलावा फलमंडी में भी बड़ी-बड़ी दुकाने हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग को जानकारी मिली थी कि फल विक्रेता खराब हो चुके फलों को चमकाने के लिए उस पर मोम का लेप लगाने के साथ ही जहां से फल खराब हो रहे हैं, उस पर स्टीकर भी चिपका रहे हैं।
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इसकी सच्चाई जानने बुधवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम शहर में निकली। कलक्ट्रेट कचहरी के बाहर फल की दुकानों पर जांच की गई तो सेब, अनार और संतरा पर स्टीकर लगाए गए थे। स्टीकर हटाने पर उसके नीचे फल सड़ा मिला। पूछताछ में दुकानदारों ने बताया कि फल मंडी से ऐसा ही आता है। हालांकि जांच हुई तो इनके पास से ही स्टीकर भी मिले। छानबीन में यह बात सामने आई कि फल जिस जगह से खराब होने लगता है, वहीं स्टीकर चिपका देते हैं, जिससे कि ग्राहक उसे पकड़ न पाएं।
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ताजा बनाने के लिए करते हैं मोम का प्रयोग
सेब को ताजा बनाए रखने के लिए उस पर मधुमक्खी के छत्ते से मिलने वाला मोम लगाने की छूट है, लेकिन इसकी कम उपलब्धता और कीमत अधिक होने की वजह से फल विक्रेता इसकी जगह मोमबत्ती की मोम का इस्तेमाल करते हैं। बाजार के सूत्रों ने बताया कि फलों पर पहले से ही मोम की हल्की परत लगी होती है। फुटकर दुकानदार जब उसे कपड़े से पोंछ देते हैं तो फल अधिक चमकने लगता है, जिससे उसकी कीमत बढ़ जाती है। लेकिन ऐसे फल को अगर गर्म पानी में डालकर निकलें और फिर साफ कपड़े से पोंछें तो मोमबत्ती की परत उस कपड़े पर निकलकर आ जाती है।
वर्जन
फलों पर स्टीकर चिपकाना प्रतिबंधित है। फिर भी इसे चिपका कर बेचा जा रहा है। बुधवार को जांच कराई गई तो सेब, अनार समेत कई फलों पर स्टीकर चिपकाए गए थे। 15 हजार स्टीकर जब्त भी किए गए हैं। जल्द ही अन्य जगहों पर जांच कर कार्रवाई होगी।
डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा