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Gorakhpur News: शहर में किन कारणों से बढ़ रहा प्रदूषण...नगर निगम कराएगा सर्वे
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राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत निगम की पहल, स्रोत आवंटन अध्ययन में होगा खुलासा
ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया को दी सर्वे की जिम्मेदारी
शहर के विभिन्न हिस्सों में प्रदूषण के कारण, रोकने के उपाय के बारे में सौंपेगी रिपोर्ट
गोरखपुर। शहर में वायु प्रदूषण काफी बढ़ गया है। निर्माण कार्यों की वजह से हमेशा धूल उड़ रही है। इसके अलावा वाहनों के धुएं से भी प्रदूषण बढ़ रहा है। इसके लिए नगर निगम पूरे शहर का सर्वे कर प्रदूषण के कारणों का पता लगाएगा। इसके बाद उपाय तलाश कर इसे कम किया जाएगा।
नगर निगम ने स्रोत आवंटन अध्ययन के लिए ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) को जिम्मेदारी दी है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत इसमें 70 लाख रुपये खर्च होंगे। एआरएआई की टीम करीब एक साल तक शहर के विभिन्न हिस्सों में सर्वे करेगी। टीम नगर निगम को बीच में अंतरिम रिपोर्ट भी देगी, लेकिन फाइनल रिपोर्ट सर्वे पूरा होने के बाद मिलेगा।
नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय चौहान ने बताया कि एआरएआई की टीम शहर के विभिन्न हिस्सों और गीडा में सर्वे करेगी। इन जगहों पर किस कारण से प्रदूषण बढ़ रहा है, हवा में कौन से पॉल्युटेंट ज्यादा हैं और किस वजह से यह बढ़ रहा, इसका पता लगाया जाएगा। साथ ही टीम इसे कम करने के उपायों पर सुझाव भी देगी।
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धूल से सबसे ज्यादा प्रदूषण
शहर में तेजी से निर्माण कार्य चल रहे हैं, लेकिन पानी का नियमित छिड़काव और हरा पर्दा न होने की वजह से लगातार धूल उड़ती रहती है। दोपहर के समय में यदि आप निमार्णाधीन टीपीनगर फ्लाईओवर के पास से गुजर जाएं तो धूल से भर जाएंगे। देवरिया बाईपास से टीपीनगर तक सड़क किनारे घरों के सामने लोगों ने प्लास्टिक डाल रखी है ताकि धूल अंदर न आए।
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इलेक्टि्रक वाहनों की है कमी
शहर में वाहनों के धुएं से भी प्रदूषण बढ़ रहा है। इलेक्टि्रक वाहनों की संख्या बढ़ी है, लेकिन अभी भी यह अन्य शहरों की तुलना में कम है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2023 में इसी कारण गोरखपुर के नंबर भी कट गए थे।
वर्जन
शहर में प्रदूषण कम करने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत उपाय किए जा रहे हैं। एआएआई की टीम स्रोत आवंटन अध्ययन करेगी। यह अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण के कारणों का पता लगाकर उसे कम करने के उपाय बताएगी। कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही सर्वे शुरू हो जाएगा।
- संजय चौहान, मुख्य अभियंता, नगर निगम
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ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया को दी सर्वे की जिम्मेदारी
शहर के विभिन्न हिस्सों में प्रदूषण के कारण, रोकने के उपाय के बारे में सौंपेगी रिपोर्ट
गोरखपुर। शहर में वायु प्रदूषण काफी बढ़ गया है। निर्माण कार्यों की वजह से हमेशा धूल उड़ रही है। इसके अलावा वाहनों के धुएं से भी प्रदूषण बढ़ रहा है। इसके लिए नगर निगम पूरे शहर का सर्वे कर प्रदूषण के कारणों का पता लगाएगा। इसके बाद उपाय तलाश कर इसे कम किया जाएगा।
नगर निगम ने स्रोत आवंटन अध्ययन के लिए ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) को जिम्मेदारी दी है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत इसमें 70 लाख रुपये खर्च होंगे। एआरएआई की टीम करीब एक साल तक शहर के विभिन्न हिस्सों में सर्वे करेगी। टीम नगर निगम को बीच में अंतरिम रिपोर्ट भी देगी, लेकिन फाइनल रिपोर्ट सर्वे पूरा होने के बाद मिलेगा।
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नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय चौहान ने बताया कि एआरएआई की टीम शहर के विभिन्न हिस्सों और गीडा में सर्वे करेगी। इन जगहों पर किस कारण से प्रदूषण बढ़ रहा है, हवा में कौन से पॉल्युटेंट ज्यादा हैं और किस वजह से यह बढ़ रहा, इसका पता लगाया जाएगा। साथ ही टीम इसे कम करने के उपायों पर सुझाव भी देगी।
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धूल से सबसे ज्यादा प्रदूषण
शहर में तेजी से निर्माण कार्य चल रहे हैं, लेकिन पानी का नियमित छिड़काव और हरा पर्दा न होने की वजह से लगातार धूल उड़ती रहती है। दोपहर के समय में यदि आप निमार्णाधीन टीपीनगर फ्लाईओवर के पास से गुजर जाएं तो धूल से भर जाएंगे। देवरिया बाईपास से टीपीनगर तक सड़क किनारे घरों के सामने लोगों ने प्लास्टिक डाल रखी है ताकि धूल अंदर न आए।
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इलेक्टि्रक वाहनों की है कमी
शहर में वाहनों के धुएं से भी प्रदूषण बढ़ रहा है। इलेक्टि्रक वाहनों की संख्या बढ़ी है, लेकिन अभी भी यह अन्य शहरों की तुलना में कम है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2023 में इसी कारण गोरखपुर के नंबर भी कट गए थे।
वर्जन
शहर में प्रदूषण कम करने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत उपाय किए जा रहे हैं। एआएआई की टीम स्रोत आवंटन अध्ययन करेगी। यह अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण के कारणों का पता लगाकर उसे कम करने के उपाय बताएगी। कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही सर्वे शुरू हो जाएगा।
- संजय चौहान, मुख्य अभियंता, नगर निगम