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Gorakhpur News: दूसरे राज्यों की भी गाड़ियों को मिल सकेगा वीआईपी नंबर
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पहले बाहरी राज्यों की गाड़ियों को वीआईपी नंबर नहीं मिलता था
गोरखपुर। अब किसी भी राज्य से गाड़ी खरीदने के बाद यहां मनचाहा नंबर ले सकेंगे। परिवहन विभाग ने वीआईपी नंबर देने के नियमाें में बदलाव किया है। अब दूसरे राज्य से गाड़ी खरीद कर अस्थायी पंजीयन पर एनओसी लेकर आने वाली गाड़ियों को यूपी में वीआईपी नंबर मिल सकेगा। इस व्यवस्था को लागू कर दिया गया है।
परिवहन विभाग अभी तक उन्हीं गाड़ियों को वीआईपी नंबर देता था, जो उत्तर प्रदेश की एजेंसियों से खरीदी जाती थीं। एआरटीओ अरुण कुमार ने बताया कि वीआईपी नंबरों की बिक्री में लगातार गिरावट आ रही थी। इसे देखते हुए विभाग ने दूसरे राज्यों से खरीदी गई गाड़ियों को भी यहां वीआईपी नंबर देने का निर्णय लिया है।
बता दें कि, बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों से गाड़ियां खरीदते हैं। उनकी कोशिश होती है कि वे पंजीयन अपने जिले से कराएं और मनपसंद नंबर भी हासिल करें। लेकिन, परिवहन विभाग के नियमों के कारण वह यहां पंजीयन नहीं करा पाते थे। अब विभाग ने नियमावली में बदलाव करते हुए आदेश जारी किया है कि दूसरे राज्य से वाहन खरीद कर टेंपरेरी रजिस्ट्रेशन (टीआर) पर एनओसी लेकर आने वाली गाड़ियों को भी उत्तर प्रदेश का वीआईपी नंबर दिया जाएगा। इससे वाहन स्वामियों को जहां वीआईपी नंबर मिल सकेगा, वहीं विभाग की आय भी बढ़ेगी।
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गोरखपुर। अब किसी भी राज्य से गाड़ी खरीदने के बाद यहां मनचाहा नंबर ले सकेंगे। परिवहन विभाग ने वीआईपी नंबर देने के नियमाें में बदलाव किया है। अब दूसरे राज्य से गाड़ी खरीद कर अस्थायी पंजीयन पर एनओसी लेकर आने वाली गाड़ियों को यूपी में वीआईपी नंबर मिल सकेगा। इस व्यवस्था को लागू कर दिया गया है।
परिवहन विभाग अभी तक उन्हीं गाड़ियों को वीआईपी नंबर देता था, जो उत्तर प्रदेश की एजेंसियों से खरीदी जाती थीं। एआरटीओ अरुण कुमार ने बताया कि वीआईपी नंबरों की बिक्री में लगातार गिरावट आ रही थी। इसे देखते हुए विभाग ने दूसरे राज्यों से खरीदी गई गाड़ियों को भी यहां वीआईपी नंबर देने का निर्णय लिया है।
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बता दें कि, बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों से गाड़ियां खरीदते हैं। उनकी कोशिश होती है कि वे पंजीयन अपने जिले से कराएं और मनपसंद नंबर भी हासिल करें। लेकिन, परिवहन विभाग के नियमों के कारण वह यहां पंजीयन नहीं करा पाते थे। अब विभाग ने नियमावली में बदलाव करते हुए आदेश जारी किया है कि दूसरे राज्य से वाहन खरीद कर टेंपरेरी रजिस्ट्रेशन (टीआर) पर एनओसी लेकर आने वाली गाड़ियों को भी उत्तर प्रदेश का वीआईपी नंबर दिया जाएगा। इससे वाहन स्वामियों को जहां वीआईपी नंबर मिल सकेगा, वहीं विभाग की आय भी बढ़ेगी।
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