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Gorakhpur News: अल्ट्रासाउंड बड़ा महंगा है.. यह सुनते ही भड़के डॉक्टर और पति को पीटा
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गोरखपुर। डॉ. अनुज सरकारी पर हमले के आरोपी निलंबित सिपाही पंकज कुमार की पत्नी अदिति चार साल के बेटे शिवम के साथ सोमवार को पुलिस ऑफिस पहुंचीं। उन्होंने एसएसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। अदिति ने बताया-मेरे पति ने डॉक्टर से जब यह कहा कि आपके यहां अल्ट्रासाउंड जांच महंगी है तो वह भड़क गए। इसके बाद मेरे पति को जमकर पीटा गया। एसएसपी ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
एसएसपी को घटनाक्रम की जानकारी देते हुए अदिति ने बताया कि तीन अक्तूबर को डॉक्टर के चैंबर में पहुंचे तो उनके पति ने कहा-डॉक्टर साहब! आपके यहां अल्ट्रासाउंड जांच के लिए 1100 रुपये लिए गए। यही जांच अन्य जगहों पर 800 रुपये में ही हो जाती है। इसके बाद डॉक्टर अनुज सरकारी भड़क गए और गाली देने लगे। तभी उनके 15-20 गुर्गे भी चेंबर में घुस आए। डॉक्टर के साथ मिलकर गुर्गों ने उनके पति को बेरहमी से पीटा। उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।
अदिति ने बताया कि इस घटना को देखकर उनका चार साल का बेटा शिवम चीखने-चिल्लाने लगा। इसके बाद डॉक्टर ने पुलिस बुलाकर उन्हें व पति को सौंप दिया। थाने पर जांच-पड़ताल में डॉक्टर अनुज सरकारी की गलती सामने आने पर दंपती को छोड़ दिया गया।
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आधार कार्ड और पर्चा लेने गए थे क्लीनिक
अदिति ने बताया कि चार अक्तूबर को पंकज अपना आधार कार्ड व दवा का पर्चा वापस मांगने डॉ. अनुज सरकारी के क्लीनिक पर गए। इस दौरान उन्हें अकेला देखकर एक बार फिर डॉक्टर के गुर्गों ने उनपर हमला कर दिया। डॉ. अनुज सरकारी जातिसूचक गाली देते हुए बोले-आज इसके साथ इसकी पत्नी नहीं है, इसे कैंट थाने ले चलकर एफआईआर दर्ज कराओ। इसके बाद मारते-पीटते हुए थाना कैंट तक ले गए, वहां पर एफआईआर दर्ज कराकर जेल भिजवा दिया। थाना कैंट में उन्होंने भी तहरीर दी, लेकिन डॉक्टर के दबाव में केस दर्ज नहीं किया गया।
अदिति से बीमारी के बारे में एसएसपी ने ली जानकारी
एसएसपी ने सिपाही की पत्नी अदिति से उसकी बीमारी के बारे में भी जानकारी ली। साथ ही सिपाही के निलंबित होने का कारण भी पूछा। उन्होंने अदिति का इलाज कराने का भी आश्वासन दिया।
वर्जन-
सिपाही की पत्नी ने मिलकर प्रार्थना पत्र दिया है। घटनाक्रम के बारे में भी बताया है। इसकी जांच-पड़ताल कर साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी
सोशल मीडिया पर डॉक्टर और सिपाही के खूब चर्चे
गोरखपुर। सिपाही की पिटाई और डॉक्टर अनुज सरकारी पर हमले का प्रकरण सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटना के बाद से ही यूजर एक्स और फेसबुक, इंस्टाग्राम प्लेटफार्म पर इस घटना को लेकर डॉक्टर के प्रति तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। सिपाही पर कार्रवाई से लोग संतुष्ट हैं, लेकिन डॉक्टर अनुज सरकारी पर पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया, इससे वे काफी नाराज भी हैं। यूजर का कहना है कि डॉक्टर और उनके स्टाफ पर भी केस दर्ज कर कार्रवाई होनी चाहिए।
मेरठ में कई संगठन जुटा रहे चंदा
सूत्रों के अनुसार, इस घटना की चर्चा प्रदेश के कई शहरों में शुरू हो गई है। मेरठ और अन्य शहरों में एक संगठन सिपाही को न्याय देने के लिए संगठित भी हो रहा है। यही नहीं, चंदा बटोरने की बात भी सामने आई है।
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एसएसपी को घटनाक्रम की जानकारी देते हुए अदिति ने बताया कि तीन अक्तूबर को डॉक्टर के चैंबर में पहुंचे तो उनके पति ने कहा-डॉक्टर साहब! आपके यहां अल्ट्रासाउंड जांच के लिए 1100 रुपये लिए गए। यही जांच अन्य जगहों पर 800 रुपये में ही हो जाती है। इसके बाद डॉक्टर अनुज सरकारी भड़क गए और गाली देने लगे। तभी उनके 15-20 गुर्गे भी चेंबर में घुस आए। डॉक्टर के साथ मिलकर गुर्गों ने उनके पति को बेरहमी से पीटा। उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।
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अदिति ने बताया कि इस घटना को देखकर उनका चार साल का बेटा शिवम चीखने-चिल्लाने लगा। इसके बाद डॉक्टर ने पुलिस बुलाकर उन्हें व पति को सौंप दिया। थाने पर जांच-पड़ताल में डॉक्टर अनुज सरकारी की गलती सामने आने पर दंपती को छोड़ दिया गया।
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आधार कार्ड और पर्चा लेने गए थे क्लीनिक
अदिति ने बताया कि चार अक्तूबर को पंकज अपना आधार कार्ड व दवा का पर्चा वापस मांगने डॉ. अनुज सरकारी के क्लीनिक पर गए। इस दौरान उन्हें अकेला देखकर एक बार फिर डॉक्टर के गुर्गों ने उनपर हमला कर दिया। डॉ. अनुज सरकारी जातिसूचक गाली देते हुए बोले-आज इसके साथ इसकी पत्नी नहीं है, इसे कैंट थाने ले चलकर एफआईआर दर्ज कराओ। इसके बाद मारते-पीटते हुए थाना कैंट तक ले गए, वहां पर एफआईआर दर्ज कराकर जेल भिजवा दिया। थाना कैंट में उन्होंने भी तहरीर दी, लेकिन डॉक्टर के दबाव में केस दर्ज नहीं किया गया।
अदिति से बीमारी के बारे में एसएसपी ने ली जानकारी
एसएसपी ने सिपाही की पत्नी अदिति से उसकी बीमारी के बारे में भी जानकारी ली। साथ ही सिपाही के निलंबित होने का कारण भी पूछा। उन्होंने अदिति का इलाज कराने का भी आश्वासन दिया।
वर्जन-
सिपाही की पत्नी ने मिलकर प्रार्थना पत्र दिया है। घटनाक्रम के बारे में भी बताया है। इसकी जांच-पड़ताल कर साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी
सोशल मीडिया पर डॉक्टर और सिपाही के खूब चर्चे
गोरखपुर। सिपाही की पिटाई और डॉक्टर अनुज सरकारी पर हमले का प्रकरण सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटना के बाद से ही यूजर एक्स और फेसबुक, इंस्टाग्राम प्लेटफार्म पर इस घटना को लेकर डॉक्टर के प्रति तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। सिपाही पर कार्रवाई से लोग संतुष्ट हैं, लेकिन डॉक्टर अनुज सरकारी पर पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया, इससे वे काफी नाराज भी हैं। यूजर का कहना है कि डॉक्टर और उनके स्टाफ पर भी केस दर्ज कर कार्रवाई होनी चाहिए।
मेरठ में कई संगठन जुटा रहे चंदा
सूत्रों के अनुसार, इस घटना की चर्चा प्रदेश के कई शहरों में शुरू हो गई है। मेरठ और अन्य शहरों में एक संगठन सिपाही को न्याय देने के लिए संगठित भी हो रहा है। यही नहीं, चंदा बटोरने की बात भी सामने आई है।