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Gorakhpur News: छिनैती के एक ही मामले में 10 दिन के भीतर दर्ज किए दो केस

Sat, 19 Jul 2025 01:06 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jul 2025 01:06 AM IST
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Gorakhpur News: Two cases registered within 10 days in the same case of snatching
गोरखनाथ थाने का मामला, पहले पत्नी और फिर पति को बनाया वादी, पुलिस आरोपियों को भिजवा चुकी है जेल
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गोरखपुर। छिनैती जैसे गंभीर मामले में गोरखनाथ पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने एक ही मामले में 10 दिन के भीतर दो केस दर्ज किए हैं। बृहस्पतिवार को छिनैती में जो केस दर्ज किया गया है, उसके दोनों आरोपियों को पुलिस उसी मामले में एक हफ्ते पहले ही मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भिजवा चुकी है। मामला संज्ञान में आने के बाद सीओ गोरखनाथ ने बृहस्पतिवार दर्ज केस को स्पंज करने के आदेश दिए हैं।
बीती सात जुलाई को बाइक सवार बदमाश हड़हवा फाटक के पास हुमायूंपुर उत्तरी निवासी सावित्री शर्मा से पर्स छीनकर भाग गए थे। पुलिस ने सावित्री की तहरीर पर 9 जुलाई को बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों पर केस दर्ज किया। 10 जुलाई को गोरखनाथ पुलिस ने वारदात में शामिल दो बदमाशों सहजनवां थाने के गैंगस्टर शाहपुर के बिछिया जंगल तुलसीराम खुदी टोला निवासी अमन कुमार भारती व कैंट क्षेत्र के मोहद्दीपुर जगदंबा गली निवासी तरुण राय को गिरफ्तार कर लिया था।
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पुलिस ने आरोपियों के पास से छिनैती के पांच मोबाइल, 1500 रुपये नकद और बाइक भी बरामद की थी। इसके बाद कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें भेज दिया गया था। इसी बीच गोरखनाथ पुलिस ने बृहस्पतिवार की सुबह 11.19 मिनट पर उसी मामले में सावित्री शर्मा के पति अरविंद शर्मा की तहरीर पर छिनैती का केस दर्ज कर लिया। मामला संज्ञान में आने के बाद सीओ गोरखनाथ रवि सिंह ने थाना प्रभारी गोरखनाथ शशि भूषण राय को बाद में दर्ज हुए केस को स्पंज करने के आदेश दिए हैं।
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यह होता है नियम
अधिवक्ता अरविंद राम त्रिपाठी ने बताया कि एक ही मामले में दो केस (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज करना आम तौर पर स्वीकार्य नहीं है। भारतीय कानून में किसी घटना या अपराध के लिए केवल एक ही केस दर्ज होना चाहिए। यदि दो केस दर्ज किया जाता है तो बाद वाले को आमतौर पर रद्द कर दिया जाता है। हालांकि, कुछ मामलों में, यदि दो केस अलग-अलग घटनाओं या अपराधों से संबंधित हैं, तो उन्हें अलग माना जा सकता है और दोनों की अनुमति दी जा सकती है। लेकिन उसी के दो भिन्न कथन, तथ्य व सबूत के साथ शिकायत की गई हो तो दूसरा केस दर्ज किया जा सकता है।
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कोट
पीड़ित ने तथ्य को छुपाते हुए तहरीर दी होगी। सूचना मिलने पर केस दर्ज किया जाता है। विवेचना के दौरान यह पुष्टि हुई होगी। यदि वादी एक है तो पहली विवेचना में दूसरी शामिल कर दी जाएगी। 161 के बयान के बाद उसे खत्म कर दिया जाएगा।

- आरके नय्यर, एसएसपी
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अधिवक्ता की राय

किसी व्यक्ति के विरुद्ध एक घटना में दो केस विधि विरुद्ध है। यदि ऐसा है तो पहला केस चलेगा। उसी की विवेचना होनी चाहिए। वहीं दूसरा केस गलत तरीके से दर्ज हुआ, जिसे पुलिस को समाप्त कर देना चाहिए। केस समाप्त नहीं हुआ तो आरोपी को लाभ मिल सकता है।

- शंकर शरण त्रिपाठी, वरिष्ठ अधिवक्ता, सिविल कोर्ट गोरखपुर
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