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Gorakhpur News: कर्नाटक का तोतापरी आम, हिमाचल का रामफल और छत्तीसगढ़ का शारदा फल छाए
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छठ पूजा की तैयारी महेवा मंडी में खरिदारी करते लोग।
छठ महापर्व में देश के कोने-कोने से आए फल, बेमौसमी फलों की भी रही मांग
छठ में 100 टन से अधिक बिका शारदा फल, रामफल की भी खूब रही डिमांड
गोरखपुर। छठ महापर्व पर महेवा मंडी देश के कोने-कोने से आए फलों से सज उठी है। इस बार मंडी में कर्नाटक का तोतापरी आम, हिमाचल का रामफल और छत्तीसगढ़ का शारदा फल खरीदारों की पहली पसंद बने हुए हैं। पिछले तीन दिनों में मंडी में शारदा फल की आवक 100 टन से अधिक रही। इधर, व्यापारियों के अनुसार, अब तक छठ में 90 से 100 करोड़ तक का व्यापार हो चुका है।
फलों के थोक व्यापारी और खुदरा दुकानदारों का कहना है कि इस वर्ष छठ के अवसर पर बेमौसमी फलों की बिक्री में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। शहर की महेवा मंडी में शुक्रवार और शनिवार को फल खरीदने वालों की भारी भीड़ रही। मंडी में पहुंचे व्यापारियों के अनुसार, केवल शारदा फल की बिक्री 100 टन से अधिक दर्ज की गई। वहीं, हिमाचल का रामफल अपनी मीठी खुशबू के कारण तेजी से बिक रहा है। यह फल दिखने में टमाटर की तरह है लेकिन मिठास काफी ज्यादा है। मंडी में यह एक पीस 30 से 40 रुपये में बिका। कर्नाटक से आए तोतापरी आम ने भी मंडी में नई चमक भर दी। आमतौर पर गर्मी के मौसम में बिकने वाला यह फल छठ पूजा की तैयारियों में विशेष रूप से सजावट और प्रसाद के लिए खरीदा जा रहा है। व्यापारी अकरम ने बताया कि इस बार दक्षिण भारत से आए फलों की मांग रिकॉर्ड स्तर पर है। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक से आए ट्रकों में फल लगातार मंडी में उतर रहे हैं।
टांडा से आए लाल गन्ने की रही डिमांड
गन्ने के बिना छठ पर्व अधूरा है। इस बार मंडी में लाल गन्ने की मांग सबसे अधिक रही। फैजाबाद, आंबेडकरनगर से मंडी में कई ट्रक आए। 1500 से 1800 रुपये सैकड़ा की कीमत में यह बिका। आम गन्ने की तुलना में इसकी मांग अधिक रही। केला, संतरा, अमरूद, अनार और सेब की बिक्री भी जोरों पर रही। गोरखपुर फ्रूट्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय कुमार सोनकर ने बताया कि मंडी में चार दिनों में कश्मीर से 170 टन से अधिक सेब आया है। लगभग सारा स्टॉक निकल गया है। राजस्थान और नागपुर से संतरा आया है। इस बार संतरे की आवक कम हुई है। वहीं, रोजाना 25 गाड़ी केला की आवक हुई है।
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छठ में 100 टन से अधिक बिका शारदा फल, रामफल की भी खूब रही डिमांड
गोरखपुर। छठ महापर्व पर महेवा मंडी देश के कोने-कोने से आए फलों से सज उठी है। इस बार मंडी में कर्नाटक का तोतापरी आम, हिमाचल का रामफल और छत्तीसगढ़ का शारदा फल खरीदारों की पहली पसंद बने हुए हैं। पिछले तीन दिनों में मंडी में शारदा फल की आवक 100 टन से अधिक रही। इधर, व्यापारियों के अनुसार, अब तक छठ में 90 से 100 करोड़ तक का व्यापार हो चुका है।
फलों के थोक व्यापारी और खुदरा दुकानदारों का कहना है कि इस वर्ष छठ के अवसर पर बेमौसमी फलों की बिक्री में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। शहर की महेवा मंडी में शुक्रवार और शनिवार को फल खरीदने वालों की भारी भीड़ रही। मंडी में पहुंचे व्यापारियों के अनुसार, केवल शारदा फल की बिक्री 100 टन से अधिक दर्ज की गई। वहीं, हिमाचल का रामफल अपनी मीठी खुशबू के कारण तेजी से बिक रहा है। यह फल दिखने में टमाटर की तरह है लेकिन मिठास काफी ज्यादा है। मंडी में यह एक पीस 30 से 40 रुपये में बिका। कर्नाटक से आए तोतापरी आम ने भी मंडी में नई चमक भर दी। आमतौर पर गर्मी के मौसम में बिकने वाला यह फल छठ पूजा की तैयारियों में विशेष रूप से सजावट और प्रसाद के लिए खरीदा जा रहा है। व्यापारी अकरम ने बताया कि इस बार दक्षिण भारत से आए फलों की मांग रिकॉर्ड स्तर पर है। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक से आए ट्रकों में फल लगातार मंडी में उतर रहे हैं।
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टांडा से आए लाल गन्ने की रही डिमांड
गन्ने के बिना छठ पर्व अधूरा है। इस बार मंडी में लाल गन्ने की मांग सबसे अधिक रही। फैजाबाद, आंबेडकरनगर से मंडी में कई ट्रक आए। 1500 से 1800 रुपये सैकड़ा की कीमत में यह बिका। आम गन्ने की तुलना में इसकी मांग अधिक रही। केला, संतरा, अमरूद, अनार और सेब की बिक्री भी जोरों पर रही। गोरखपुर फ्रूट्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय कुमार सोनकर ने बताया कि मंडी में चार दिनों में कश्मीर से 170 टन से अधिक सेब आया है। लगभग सारा स्टॉक निकल गया है। राजस्थान और नागपुर से संतरा आया है। इस बार संतरे की आवक कम हुई है। वहीं, रोजाना 25 गाड़ी केला की आवक हुई है।
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