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Gorakhpur News: शहर में मकान बनवाने के लिए मानचित्र स्वीकृति पर चुकानी होगी अधिक रकम
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चार साल बाद विकास शुल्क में प्रति वर्ग मीटर 175 रुपये की बढ़ोतरी
गोरखपुर। शहर में मकान बनवाने के लिए मानचित्र स्वीकृति के लिए अब अधिक रकम चुकानी होगी। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने मानचित्र पास कराने की दर में बढ़ोतरी की है। अब मानचित्र पास कराने के लिए प्रति वर्ग मीटर की दर से 1025 रुपये विकास शुल्क देना होगा। पुराने और विकसित क्षेत्र में विकास शुल्क का सिर्फ 10 फीसदी यानी 102 रुपये ही देना होगा।
पिछले दिनों बोर्ड की बैठक में बढ़ोतरी का प्रस्ताव लाया गया, जिसपर 2024-25 के हिसाब से 1025 रुपये प्रति वर्ग मीटर विकास शुल्क बढ़ोतरी लागू की गई। वित्त वर्ष 2020-20 में विकास शुल्क सिर्फ 700 रुपये प्रति वर्ग मीटर लगता था। 2020-21 में इसे बढ़ाकर 850 रुपये कर दिया गया था। यह बढ़ोतरी उत्तर प्रदेश नगर विकास योजना एवं विकास नियमावली 2021 के तहत निर्धारित की जाती है।
विकास शुल्क की वृद्धि प्रत्येक वित्तीय वर्ष के आय कर विभाग की लागत मुद्रा स्फीति सूचकांक के आधार पर की जाती है। आय कर विभाग की लागत मुद्रा स्फीति सूचकांक के आधार पर लेखा अनुभाग ने विकास शुल्क में मूल्य वृद्धि की। वित्तीय वर्ष 2021-22 में 895 रुपये, 2022-23 में 935 रुपये, 2023-24 में 983 रुपये और 2024-25 में 1025 रुपये की वृद्धि की गई। हालांकि, 2020-21 के बाद कोई बढ़ोतरी नहीं की गई।
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जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि विकास शुल्क में बढ़ोतरी तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी। 2021 से विकास शुल्क नहीं बढ़ा था, जबकि महंगाई काफी बढ़ी है।
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गोरखपुर। शहर में मकान बनवाने के लिए मानचित्र स्वीकृति के लिए अब अधिक रकम चुकानी होगी। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने मानचित्र पास कराने की दर में बढ़ोतरी की है। अब मानचित्र पास कराने के लिए प्रति वर्ग मीटर की दर से 1025 रुपये विकास शुल्क देना होगा। पुराने और विकसित क्षेत्र में विकास शुल्क का सिर्फ 10 फीसदी यानी 102 रुपये ही देना होगा।
पिछले दिनों बोर्ड की बैठक में बढ़ोतरी का प्रस्ताव लाया गया, जिसपर 2024-25 के हिसाब से 1025 रुपये प्रति वर्ग मीटर विकास शुल्क बढ़ोतरी लागू की गई। वित्त वर्ष 2020-20 में विकास शुल्क सिर्फ 700 रुपये प्रति वर्ग मीटर लगता था। 2020-21 में इसे बढ़ाकर 850 रुपये कर दिया गया था। यह बढ़ोतरी उत्तर प्रदेश नगर विकास योजना एवं विकास नियमावली 2021 के तहत निर्धारित की जाती है।
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विकास शुल्क की वृद्धि प्रत्येक वित्तीय वर्ष के आय कर विभाग की लागत मुद्रा स्फीति सूचकांक के आधार पर की जाती है। आय कर विभाग की लागत मुद्रा स्फीति सूचकांक के आधार पर लेखा अनुभाग ने विकास शुल्क में मूल्य वृद्धि की। वित्तीय वर्ष 2021-22 में 895 रुपये, 2022-23 में 935 रुपये, 2023-24 में 983 रुपये और 2024-25 में 1025 रुपये की वृद्धि की गई। हालांकि, 2020-21 के बाद कोई बढ़ोतरी नहीं की गई।
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जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि विकास शुल्क में बढ़ोतरी तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी। 2021 से विकास शुल्क नहीं बढ़ा था, जबकि महंगाई काफी बढ़ी है।