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Gorakhpur News: बर्ड फ्लू से बाघिन मैलानी बीमार...आंखें कमजोर होने से विशेष देखभाल

Fri, 30 May 2025 12:27 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 30 May 2025 12:27 AM IST
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Gorakhpur News: Tigress Malani falls ill due to bird flu... Special care due to weak eyesight
चिड़ियाघर : संक्रमित वन्यजीवों को आइसोलेट कर क्वारंटीन सेंटर पर रखी जा रही नजर
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गोरखपुर। चिड़ियाघर में बाघिन मैलानी में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद उसकी तबीयत खराब है। क्वारंटीन सेंटर में रखकर उसका उपचार किया जा रहा है। आंखें कमजोर होने से चिकित्सक उसकी सेहत पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में बाघिन शक्ति की मौत में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने दूसरे वन्यजीवों का सैंपल जांच के लिए राष्ट्रीय उच्च पशु रोग संस्थान, भोपाल भेजा था। 23 मई को आई रिपोर्ट में बाघिन मैलानी, तेंदुए के दो शावक, हिमालयन गिद्ध और कॉकाटील में संक्रमण की पुष्टि हुई।
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बताया जा रहा है कि मैलानी की उम्र भी अधिक है। वह इस वक्त करीब 13 साल के आसपास की है। ऐसे में इस उम्र में बीमारी होने की वजह से खतरा भी अधिक है। वहीं, दूसरी तरफ तेंदुए के शावकों को भी बर्ड फ्लू से खतरा ज्यादा है। मैलानी की दोनों आंखें कमजोर हैं, जिसकी वजह से वह अभी कम देख पा रही है। उसकी खुराक भी पहले से थोड़ी कम हुई है। वहीं, बलरामपुर से रेस्क्यू कर लाए गए तेंदुए के दोनों शावकों को भी खतरा ज्यादा है। उनकी उम्र भी कम है।
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चिकित्सकों का कहना है कि मां का दूध पीने से शावकों का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। लेकिन, यह कुछ ही दिन बाद बिछड़ गए थे। बर्ड फ्लू से सबसे अधिक खतरा उम्रदराज और कम उम्र के जानवरों को रहता है।
इसके अलावा हिमालयन गिद्ध की स्थिति दोनों जानवरों से बेहतर है। फिलहाल अब टीम को भेजे गए सैंपल के रिपोर्ट का इंतजार है। चिड़ियाघर के निदेशक विकास यादव ने बताया कि संक्रमित जानवरों पर विशेष नजर रखी जा रही है। अगर पहली बार रिपोर्ट निगेटिव आती है, तो दूसरी बार भी इनका सैंपल राष्ट्रीय उच्च पशु रोग संस्थान, भोपाल भेजा जाएगा। इसके बाद ही इन्हें क्वारंटीन सेंटर से निकालकर बाड़े में भेजा जाएगा।

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पांच जानवरों की हो चुकी है मौत
चिड़ियाघर में डेढ़ माह के अंदर पांच जानवरों की मौत हो चुकी है। 30 मार्च को पीलीभीत से रेस्क्यू कर लाए गए बाघ केसरी की मौत सबसे पहले हुई थी। पांच मई को मादा भेड़िया भैरवी, सात को बाघिन शक्ति, आठ को तेंदुआ मोना की मौत हुई थी। बर्ड फ्लू से बाघिन शक्ति और कॉकाटील पक्षी सहित कानपुर भेजे गए शेर पटौदी की मौत हुई है। इसके बाद से ही चिड़ियाघर लगातार बंद है।
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