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Gorakhpur News: लीबिया में फंसे झंगहा के तीन युवक घर लौटे
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लीबिया से लौटे युवक।
फंसे थे 19 भारतीय, झंगहा के तीन युवक शामिल
झंगहा। लीबिया में फंसे झंगहा इलाके के सिंहोडिवा गांव के तीन युवक घर लौट आए हैं। गांव के मिथिलेश और विशाल साहनी 18 माह और राजकुमार 22 माह से लीबिया में फंसे थे। बुधवार को मिथिलेश और विशाल घर पहुंचे, जबकि राजकुमार बृहस्पतिवार को घर लौटा। लीबिया में भारत के 19 युवक फंसे थे, इनमें झंगहा के भी तीनों युवक शामिल थे। सरकार के प्रयास से तीनों युवकों की घर वापसी हुई है।
मिथिलेश विश्वकर्मा और विशाल साहनी परिवार से मिलकर खुश दिखे। उन्होंने बताया कि लीबिया में चार से पांच माह ठीक चला, उसके बाद धीरे-धीरे लोगों की सैलरी रुकने लगी। चार माह तक जब सैलरी नहीं मिली तो खाने की दिक्कत होने लगी। इसके बाद सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर मदद मांगी।
राजकुमार ने बताया कि उन्हें लग रहा था कि परिवार से कभी मिल नहीं पाएंगे, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करने पर मदद मिली और घर वापसी हो सकी है।
तीनों युवकों ने बताया कि वहां सुपरवाइजर सभी को गुलाम बना कर रखते थे। हम लोग सोते थे तो वहां भी पहरा लगा होता था। उनका कहना था कि काम सही से करो, नहीं तो घर नहीं लौट पाओगे। सरकार की तरफ से पहल अच्छी हुई, तब वापस आ पाए। अपने परिवार में आकर एक नई जिंदगी की शुरुआत कर रहे हैं।
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झंगहा। लीबिया में फंसे झंगहा इलाके के सिंहोडिवा गांव के तीन युवक घर लौट आए हैं। गांव के मिथिलेश और विशाल साहनी 18 माह और राजकुमार 22 माह से लीबिया में फंसे थे। बुधवार को मिथिलेश और विशाल घर पहुंचे, जबकि राजकुमार बृहस्पतिवार को घर लौटा। लीबिया में भारत के 19 युवक फंसे थे, इनमें झंगहा के भी तीनों युवक शामिल थे। सरकार के प्रयास से तीनों युवकों की घर वापसी हुई है।
मिथिलेश विश्वकर्मा और विशाल साहनी परिवार से मिलकर खुश दिखे। उन्होंने बताया कि लीबिया में चार से पांच माह ठीक चला, उसके बाद धीरे-धीरे लोगों की सैलरी रुकने लगी। चार माह तक जब सैलरी नहीं मिली तो खाने की दिक्कत होने लगी। इसके बाद सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर मदद मांगी।
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राजकुमार ने बताया कि उन्हें लग रहा था कि परिवार से कभी मिल नहीं पाएंगे, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करने पर मदद मिली और घर वापसी हो सकी है।
तीनों युवकों ने बताया कि वहां सुपरवाइजर सभी को गुलाम बना कर रखते थे। हम लोग सोते थे तो वहां भी पहरा लगा होता था। उनका कहना था कि काम सही से करो, नहीं तो घर नहीं लौट पाओगे। सरकार की तरफ से पहल अच्छी हुई, तब वापस आ पाए। अपने परिवार में आकर एक नई जिंदगी की शुरुआत कर रहे हैं।
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