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Gorakhpur News: वाहनों से नहीं होगी तेल चोरी, एप से होगी निगरानी
Wed, 16 Oct 2024 05:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 16 Oct 2024 05:12 AM IST
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गोरखपुर। नगर निगम की गाड़ियों में अब कोई भी व्यक्ति तेल की चोरी नहीं कर पाएगा। अब तेल की स्वीकृति से लेकर उसकी निगरानी मोबाइल एप के जरिए होगी। नगर निगम जल्द ही इस व्यवस्था को लागू कर सकता है।
मंगलवार को वीडीएआई बायोसेक प्राइवेट लिमिटेड नामक फर्म के प्रतिनिधियों ने तेल के खर्च का प्रबंधन कैसे एप के जरिए संचालित किया जा सकता है, इसे लेकर प्रस्तुतिकरण दिया। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल समेत निगम के अन्य अनुभागों के अधिकारियों को फर्म का प्रस्तुतिकरण पसंद आया। निगम के वाहनों के बेड़े में ढाई हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन हैं, जिन पर हर साल 11 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च होती है।
अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने बताया कि यह एप निगम की ओर से चयनित पेट्रोल पंप मालिक और प्रबंधक के पास भी रहेगा। यहां से अधिकारी तेल की जितनी मात्रा, जिस वाहन नंबर में भरने की स्वीकृति देंगे, एप के जरिए वह उसे देख सकेंगे और उतनी ही मात्रा में डीजल या पेट्रोल संबंधित वाहन में भरेंगे। इसके जरिए संबंधित वाहन के लिए तेल की स्वीकृति दी जा सकेगी। संंबंधित अधिकारी का निगम कार्यालय में मौजूद रहना भी जरूरी नहीं होगा। वह कहीं से एक फोन पर संबंधित वाहनों के ईंधन के लिए अपनी स्वीकृति दे सकेंगे। इस एप के जरिए रोजाना के खर्च की भी जानकारी आसानी से मिल जाएगी। तेल का प्रबंधन आसान होने के साथ ही भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा।
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मंगलवार को वीडीएआई बायोसेक प्राइवेट लिमिटेड नामक फर्म के प्रतिनिधियों ने तेल के खर्च का प्रबंधन कैसे एप के जरिए संचालित किया जा सकता है, इसे लेकर प्रस्तुतिकरण दिया। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल समेत निगम के अन्य अनुभागों के अधिकारियों को फर्म का प्रस्तुतिकरण पसंद आया। निगम के वाहनों के बेड़े में ढाई हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन हैं, जिन पर हर साल 11 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च होती है।
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अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने बताया कि यह एप निगम की ओर से चयनित पेट्रोल पंप मालिक और प्रबंधक के पास भी रहेगा। यहां से अधिकारी तेल की जितनी मात्रा, जिस वाहन नंबर में भरने की स्वीकृति देंगे, एप के जरिए वह उसे देख सकेंगे और उतनी ही मात्रा में डीजल या पेट्रोल संबंधित वाहन में भरेंगे। इसके जरिए संबंधित वाहन के लिए तेल की स्वीकृति दी जा सकेगी। संंबंधित अधिकारी का निगम कार्यालय में मौजूद रहना भी जरूरी नहीं होगा। वह कहीं से एक फोन पर संबंधित वाहनों के ईंधन के लिए अपनी स्वीकृति दे सकेंगे। इस एप के जरिए रोजाना के खर्च की भी जानकारी आसानी से मिल जाएगी। तेल का प्रबंधन आसान होने के साथ ही भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा।
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