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Gorakhpur News: कोल्ड ड्रिंक में जहर नहीं..फिर किसने दिया
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गोरखपुर। दिल्ली से अपने बड़े भाई की हत्या में गवाही देने आए गंगेश पांडेय की मौत के मामले की जांच उलझती जा रही है। गंगेश की विसरा रिपोर्ट में जहर से मौत होने की पुष्टि हुई है। हालांकि जांच कर रही एसआईटी को पता चला है कि पेट और सीने में जलन के बाद गंगेश ने कोल्ड ड्रिंक खरीद कर पी थी। अब एसआईटी यह पता कर रही है कि कोल्ड ड्रिंक में अगर जहर नहीं मिलाया गया था तो आखिर किसने दिया होगा।
खोवा मंडी के पास एक दुकान के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में गंगेश कोल्ड ड्रिंक खरीद कर पीते दिख रहा है। एसआईटी ने दुकानदार से बयान लिया तो पता चला कि गंगेश को काफी बेचैनी हो रही थी। उसने पेट में गैस होने की आशंका में कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए मांगी थी। शुरुआत में कोल्ड ड्रिंक के उसी बोतल में जहर देने की बात सामने आई थी, लिहाजा विसरा जांच के दौरान बोतल को भी पैक कर भेजा गया था।
जांच में उसमें जहर नहीं मिला। इसके बाद से ही यह तय हो गया था कि जहर कहीं और ही दिया गया है।एसआईटी इसी गुत्थी को सुलझाने में जुटी है। एसआईटी ने यह जानने की कोशिश शुरू कर दी है कि आखिर उसके शरीर में किस माध्यम से जहर पहुंचा।
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उधर, एम्स के मेडिको लीगल विभाग और फॉरेंसिक विभाग को विसरा रिपोर्ट और पीएम रिपोर्ट के साथ पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भेजी गई है। वहां से अभी इस मामले में कोई रिपोर्ट नहीं आई है।
यह है मामला
महेवा में रहने वाले गंगेश पांडेय के भाई योगेश दत्त की वर्ष 2017 में हत्या कर दी गई। इस मामले में मुख्य गवाह गंगेश था। गवाही के सिलसिले में वह मई के पहले सप्ताह दिल्ली से गोरखपुर आया। 11 मई की सुबह 10:30 बजे केस के संबंध में बात करने घर से निकला। एक घंटे बाद गोलघर में उसकी मौत हो गई। परिजनों की तहरीर पर 13 जून को इस मामले में आरोपियों पर केस दर्ज हुआ। फॉरेंसिक रिपोर्ट में जहर से मौत होने की पुष्टि के बाद परिजन आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं।
वर्जन
इस प्रकरण में खोवा मंडी की एक दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को देखा गया है, जिसमें गंगेश कोल्ड ड्रिंक खरीदते नजर आ रहे हैं। दुकानदार के बयान में भी यही बात सामने आई है। गंगेश को कब और कैसे जहर दिया गया, इसकी पड़ताल की जा रही है।
-अंशिका वर्मा, सीओ कैंट
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खोवा मंडी के पास एक दुकान के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में गंगेश कोल्ड ड्रिंक खरीद कर पीते दिख रहा है। एसआईटी ने दुकानदार से बयान लिया तो पता चला कि गंगेश को काफी बेचैनी हो रही थी। उसने पेट में गैस होने की आशंका में कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए मांगी थी। शुरुआत में कोल्ड ड्रिंक के उसी बोतल में जहर देने की बात सामने आई थी, लिहाजा विसरा जांच के दौरान बोतल को भी पैक कर भेजा गया था।
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जांच में उसमें जहर नहीं मिला। इसके बाद से ही यह तय हो गया था कि जहर कहीं और ही दिया गया है।एसआईटी इसी गुत्थी को सुलझाने में जुटी है। एसआईटी ने यह जानने की कोशिश शुरू कर दी है कि आखिर उसके शरीर में किस माध्यम से जहर पहुंचा।
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उधर, एम्स के मेडिको लीगल विभाग और फॉरेंसिक विभाग को विसरा रिपोर्ट और पीएम रिपोर्ट के साथ पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भेजी गई है। वहां से अभी इस मामले में कोई रिपोर्ट नहीं आई है।
यह है मामला
महेवा में रहने वाले गंगेश पांडेय के भाई योगेश दत्त की वर्ष 2017 में हत्या कर दी गई। इस मामले में मुख्य गवाह गंगेश था। गवाही के सिलसिले में वह मई के पहले सप्ताह दिल्ली से गोरखपुर आया। 11 मई की सुबह 10:30 बजे केस के संबंध में बात करने घर से निकला। एक घंटे बाद गोलघर में उसकी मौत हो गई। परिजनों की तहरीर पर 13 जून को इस मामले में आरोपियों पर केस दर्ज हुआ। फॉरेंसिक रिपोर्ट में जहर से मौत होने की पुष्टि के बाद परिजन आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं।
वर्जन
इस प्रकरण में खोवा मंडी की एक दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को देखा गया है, जिसमें गंगेश कोल्ड ड्रिंक खरीदते नजर आ रहे हैं। दुकानदार के बयान में भी यही बात सामने आई है। गंगेश को कब और कैसे जहर दिया गया, इसकी पड़ताल की जा रही है।
-अंशिका वर्मा, सीओ कैंट