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Gorakhpur News: चलते-चलते बंद हो जाती थी गाड़ी, अब कंपनी को देना पड़ेगा नया वाहन
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गोरखपुर। राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग लखनऊ के सदस्य सुशील कुमार व सुधा उपाध्याय ने कामर्शियल ऑटो प्रोडक्ट लखनऊ एवं स्कोडा ऑटो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड औरंगाबाद के विरुद्ध निर्णय दिया है। वह परिवादी नीरज मातनहेलिया को वाहन वापस करें या वाहन का मूल्य 19 लाख 46 हजार 8 सौ 95 रुपये वापस करें। इसके अतिरिक्त वाद व्यय के रूप में 25 हजार रुपये क्षतिपूर्ति भी प्रदान करें।
आयोग के समक्ष सिविल लाइन निवासी नीरज मातनहेलिया प्रोपराइटर गोरखपुर रिसोर्स लिमिटेड की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अम्बरीश कौशल श्रीवास्तव ने दाखिल परिवाद में कहा था कि परिवादी ने स्कोडा ऑटो इंडिया प्राइवेट लिमिट निर्मित एक वाहन कामर्शियल ऑटो प्रोडक्ट लिमिटेड से वर्ष 2009 में क्रय किया था। बार-बार वाहन चलते-चलते बंद होने की शिकायत लगातार बनी रही। शिकायत परिवादी ने कंपनी से कई बार की। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। इसके बाद वाहन बदल कर नया प्रदान करने का अनुरोध किया गया। कंपनी ने अनुरोध पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
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आयोग के समक्ष सिविल लाइन निवासी नीरज मातनहेलिया प्रोपराइटर गोरखपुर रिसोर्स लिमिटेड की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अम्बरीश कौशल श्रीवास्तव ने दाखिल परिवाद में कहा था कि परिवादी ने स्कोडा ऑटो इंडिया प्राइवेट लिमिट निर्मित एक वाहन कामर्शियल ऑटो प्रोडक्ट लिमिटेड से वर्ष 2009 में क्रय किया था। बार-बार वाहन चलते-चलते बंद होने की शिकायत लगातार बनी रही। शिकायत परिवादी ने कंपनी से कई बार की। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। इसके बाद वाहन बदल कर नया प्रदान करने का अनुरोध किया गया। कंपनी ने अनुरोध पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
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