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Gorakhpur News: 162 साल पुराना है बर्डघाट की रामलीला का इतिहास

Sat, 12 Oct 2024 04:09 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Oct 2024 04:09 AM IST
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Gorakhpur News: The history of Ramlila of Birdghat is 162 years old.
गोरखपुर। बर्डघाट की रामलीला के मंचन का इतिहास 162 साल पुराना है। वैसे तो गोरक्षनगरी में रामलीला इससे पहले से भी होती रही है, लेकिन समिति बनाकर इसकी शुरुआत 1858 से करने के प्रमाण मिलते हैं। गोरक्षनगरीवासियों में बर्डघाट की रामलीला के प्रति आस्था और लगाव बहुत ज्यादा है।
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बर्डघाट रामलीला कमेटी के संरक्षक पंकज गोयल बताते हैं-बर्डघाट की रामलीला नवरात्र के दो दिन पहले शुरू होती है। इसके मंचन की शुरुआत दामोदर दास ने की थी। इसके बाद इस परंपरा को राय साहब सरहरी, चौधरी रामहर्ष चंद्र, नारायन दास, गोकुल प्रसाद मोदी व महाशय चुन्नी लाल आदि ने आगे बढ़ाया। वहीं, राघव-शक्ति मिलन परंपरा की शुरुआत 1948 में मोहन लाल यादव, रामचंद्र सैनी, मेवालाल, रघुवीर मास्टर आदि ने की।
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उन्होंने बताया कि रामलीला के मंचन में वन यात्रा ठाकुर प्रसाद जगन्नाथ प्रसाद के घर से निकलती आ रही है। पहले राजगद्दी किसी के घर में आयोजित होती थी, अब खुले मंच पर इसका आयोजन होता है। पूर्णिमा को आयोजित होने वाले भरत मिलाप व राज्याभिषेक में बहुत भीड़ उमड़ती है। रामलीला का मंचन अयोध्या के कलाकारों की ओर से किया जाता है।
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संरक्षक ने बताया कि राम बरात व वन यात्रा का जुलूस निकाला जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। बसंतपुर चौराहे पर बर्डघाट रामलीला के भगवान राम व दुर्गाबाड़ी की आदिशक्ति का मिलन होता है। इस आयोजन के बाद ही रामलीला मैदान जाकर भगवान राम, रावण का वध करते हैं।

अद्भुत होता है राघव शक्ति मिलन, भगवान राम रथ पर बैठ करते हैं आरती

बर्डघाट रामलीला मैदान पर भगवान राम शाम को रावण का वध करते हैं। फिर भगवान राम का रथ गाजे-बाजे व जुलूस के साथ बसंतपुर चौराहे के लिए रवाना होता है। वहीं, रावण वध के साथ ही दुर्गाबाड़ी से माता की प्रतिमा जुलूस निकलता है। उसके पीछे बड़ी संख्या में प्रतिमाएं होती हैं। गाजे-बाजे के साथ प्रतिमाओं का जुलूस बसंतपुर तिराहे पर पहुंचता है। यहीं भगवान राम अपने रथ से ही मां की आरती करते हैं और दुर्गाबाड़ी की प्रतिमा को उसी स्थान पर घुमाकर प्रदक्षिणा कराई जाती है। इसके बाद मां का जुलूस विसर्जन के लिए राजघाट रवाना होता है।
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