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Gorakhpur News: नौसड़ में खुला था खेल, देवरिया में भी पकड़ी गई थी केमिकल वाली मिलावटी चायपत्ती

Fri, 30 May 2025 12:28 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 30 May 2025 12:28 AM IST
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Gorakhpur News: The game was exposed in Nausad, adulterated tea leaves with chemicals were also caught in Deoria
शहर में चाय की दुकानों पर खपती है खुली व कम गुणवत्ता वाली पैकेटबंद चायपत्ती
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अप्रैल में धर्मशाला और आसपास की चाय की दुकानों पर भी फेल हुए थे चायपत्ती के नमूने
बहराइच की चायपत्ती लखनऊ में भी पकड़ी जा चुकी है
गोरखपुर। केमिकल वाली चायपत्ती बिक्री का खुलासा बीते नवंबर में नौसड़ के एक गोदाम में 180 क्विंटल चायपत्ती पकड़े जाने के बाद हुआ था। इसके बाद देवरिया में मामला पकड़ा गया। इसके कुछ दिन बाद ही राजधानी लखनऊ में भी इस तरह की चायपत्ती पकड़ी गई थी।
धंधेबाज इसमें जो केमिकल वाला रंग मिलाते हैं, उसकी वजह से चाय का टेस्ट बढ़ जाता है। इसीलिए सस्ते रेट वाली यह चायपत्ती छोटी-छोटी चाय की दुकानों पर आसानी से खप जाती है।
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बाजार में खुली चायपत्ती का कारोबार पुराना है। यह चायपत्ती पश्चिमी बंगाल और असम से आती है। कई छोटी-छोटी कंपनियां चाय बागान की डस्ट को क्रिस्टल रूप में तैयार कर पांच 10 किलो की बोरियों में भर देते हैं। आमतौर पर थोक विक्रेताओं को यह चायपत्ती 200 रुपये किलो के भाव मिल जाती है, जिसे वे 220-240 रुपये किलो के भाव बेचते हैं। इसकी आड़ में मिलावटी चायपत्ती का धंधा शुरू हो गया। धंधेबाज खराब चायपत्ती को रंग में मिलाकर सुखा लेते हैं। इसे कोई नाम देकर 250 ग्राम, 500 ग्राम व एक किलोग्राम के पैकेट में डालकर बेच देते हैं। नौसड़ में गोदाम पर छापा मारकर इस खेल को पकड़ा गया। यहां से मिले इनपुट के आधार पर जब देवरिया जिले में छापा मारा गया तो वहां पैकिंग मशीन भी मिली। यह भी पता लगा कि गोरखपुर से आसपास के जिलों के अलावा लखनऊ-कानपुर तक चायपत्ती की खेप जाती है।
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बहराइच में पुरानी चायपत्ती को बनाते हैं नया
नेपाल बाॅर्डर से सटे बहराइच में एक बार प्रयोग की जा चुकी चायपत्ती को नया बनाने का धंधा होता है। सूत्रों की मानें तो चाय की दुकानों पर उपयोग में लाई गई चायपत्ती को एकत्रित कराते हैं। इसमें रंग मिलाकर सुखाया जाता है और फिर इसकी पैकिंग होती है। इस प्रक्रिया के दौरान चायपत्ती के क्रिस्टल का आकार बढ़ जाता है।

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इस प्रकार कर सकते हैं पहचान

खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक मिलावटी चायपत्ती में छोटे-छोटे लाल रंग के कण दिखाई देते हैं। एक साथ दो गिलास पानी रखें। एक गिलास में ब्रांडेड कंपनी की एक चम्मच चायपत्ती डालिए और दूसरे में यह मिलावटी चायपत्ती डालिए। अच्छी चायपत्ती धीरे-धीरे नीचे जाएगी और पानी का रंग हल्का लाल होगा। जबकि रसायन वाली चायपत्ती घुलते ही नीचे चली जाएगी और पानी का रंगा ब्रांडेड की अपेक्षा अधिक लाल रंग का होगा।
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