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Gorakhpur News: प्रदेश में पहला गोरखपुर चिड़ियाघर... जहां रहेंगे गजराज
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चिड़ियाघर में हाथी का रेस्क्यू सेंटर बनकर तैयार, लखनऊ और कानपुर चिड़ियाघर में भी नहीं हैं हाथी
रेस्क्यू सेंटर का सीएम योगी जल्द करेंगे लोकार्पण
गोरखपुर। शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान प्रदेश का पहला चिड़ियाघर है जहां दर्शक गजराज (हाथी) को देख सकेंगे। यहां पर रेस्क्यू सेंटर बनकर तैयार हो गया है। बहुत जल्द इसमें गजराज को शिफ्ट कर दिया जाएगा।
प्रदेश के दूसरे चिड़ियाघरों में हाथी नहीं हैं। हाथी को नियंत्रित करना अन्य जानवरों की तुलना में थोड़ा कठिन होता है। यह ज्यादातर एलीफेंट सफारी में ही रहते हैं। चिड़ियाघर में एक एकड़ से अधिक जमीन पर दो हाथी के लिए रेस्क्यू सेंटर बनाया गया है। इसका काम भी पूरा हो गया है। बहुत जल्द रेस्क्यू सेंटर का लोकार्पण सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे। इसके बाद विनोद वन में रह रहे हाथी (गंगा प्रसाद) को शिफ्ट कर दिया जाएगा।
चिलुआताल के मोहम्मदपुर माफी में 15 फरवरी, 2023 को यज्ञ की कलश यात्रा में गंगाराम शामिल हुआ था। किसी कारण से वह बिदक गया और फिर दो महिलाओं व चार वर्षीय बच्चे को सूंड से लपेटकर पटक दिया और कुचल दिया। तीनों की मौत के बाद वन विभाग की टीम ने हाथी को रेस्क्यू किया और विनोद वन में रखा। इसके बाद 16 फरवरी से विनोद वन को दर्शकों के लिए बंद कर दिया गया। कुछ दिन बाद जब हाथी का कोई मालिक नहीं आया तो उच्चाधिकारियों ने हाथी को चिड़ियाघर में रखने का फैसला लिया।
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चिड़ियाघर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि विनोद वन में गंगा प्रसाद अभी पूरी तरह स्वस्थ है। यहां पर बाड़े में उसको स्वस्थ रखने के लिए कई उपाय किए गए हैं। बाड़े में उसके चलने के लिए बड़ी जगह है और एक तालाब भी बनाया गया है। गर्मी के समय तालाब में नहाकर काफी राहत महसूस होगी। गोरखपुर चिड़ियाघर सूबे का पहला है जिसमें हाथी रहेगा। लखनऊ या कानपुर चिड़ियाघर में ये नहीं हैं। आमतौर पर हाथी को नियंत्रित करना थोड़ा मुश्किल होता है। फिलहाल गंगा प्रसाद स्वस्थ है।
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कोट...
चिड़ियाघर में हाथी का रेस्क्यू सेंटर बनकर तैयार है। बहुत जल्द गंगा प्रसाद को यहां शिफ्ट कर दिया जाएगा। यह प्रदेश का पहला चिड़ियाघर है जहां हाथी देखने को मिलेगा। रेस्क्यू सेंटर में हाथी को स्वस्थ रखने के लिए सभी तरह के उपाय किए गए हैं।
- डॉ. योगेश प्रताप सिंह, उप निदेशक, चिड़ियाघर
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रेस्क्यू सेंटर का सीएम योगी जल्द करेंगे लोकार्पण
गोरखपुर। शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान प्रदेश का पहला चिड़ियाघर है जहां दर्शक गजराज (हाथी) को देख सकेंगे। यहां पर रेस्क्यू सेंटर बनकर तैयार हो गया है। बहुत जल्द इसमें गजराज को शिफ्ट कर दिया जाएगा।
प्रदेश के दूसरे चिड़ियाघरों में हाथी नहीं हैं। हाथी को नियंत्रित करना अन्य जानवरों की तुलना में थोड़ा कठिन होता है। यह ज्यादातर एलीफेंट सफारी में ही रहते हैं। चिड़ियाघर में एक एकड़ से अधिक जमीन पर दो हाथी के लिए रेस्क्यू सेंटर बनाया गया है। इसका काम भी पूरा हो गया है। बहुत जल्द रेस्क्यू सेंटर का लोकार्पण सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे। इसके बाद विनोद वन में रह रहे हाथी (गंगा प्रसाद) को शिफ्ट कर दिया जाएगा।
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चिलुआताल के मोहम्मदपुर माफी में 15 फरवरी, 2023 को यज्ञ की कलश यात्रा में गंगाराम शामिल हुआ था। किसी कारण से वह बिदक गया और फिर दो महिलाओं व चार वर्षीय बच्चे को सूंड से लपेटकर पटक दिया और कुचल दिया। तीनों की मौत के बाद वन विभाग की टीम ने हाथी को रेस्क्यू किया और विनोद वन में रखा। इसके बाद 16 फरवरी से विनोद वन को दर्शकों के लिए बंद कर दिया गया। कुछ दिन बाद जब हाथी का कोई मालिक नहीं आया तो उच्चाधिकारियों ने हाथी को चिड़ियाघर में रखने का फैसला लिया।
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चिड़ियाघर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि विनोद वन में गंगा प्रसाद अभी पूरी तरह स्वस्थ है। यहां पर बाड़े में उसको स्वस्थ रखने के लिए कई उपाय किए गए हैं। बाड़े में उसके चलने के लिए बड़ी जगह है और एक तालाब भी बनाया गया है। गर्मी के समय तालाब में नहाकर काफी राहत महसूस होगी। गोरखपुर चिड़ियाघर सूबे का पहला है जिसमें हाथी रहेगा। लखनऊ या कानपुर चिड़ियाघर में ये नहीं हैं। आमतौर पर हाथी को नियंत्रित करना थोड़ा मुश्किल होता है। फिलहाल गंगा प्रसाद स्वस्थ है।
कोट...
चिड़ियाघर में हाथी का रेस्क्यू सेंटर बनकर तैयार है। बहुत जल्द गंगा प्रसाद को यहां शिफ्ट कर दिया जाएगा। यह प्रदेश का पहला चिड़ियाघर है जहां हाथी देखने को मिलेगा। रेस्क्यू सेंटर में हाथी को स्वस्थ रखने के लिए सभी तरह के उपाय किए गए हैं।
- डॉ. योगेश प्रताप सिंह, उप निदेशक, चिड़ियाघर