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Gorakhpur News: डबल इंजन की सरकार राज्यभर में बिछा रही पुस्तकालयों का जाल
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गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित गोरखपुर पुस्तक महोत्सव कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्त
सीएम योगी बोले-हर ग्राम पंचायत में पुस्तकालय स्थापित कर रही यूपी सरकार
मुख्यमंत्री ने डीडीयू में गोरखपुर पुस्तक महोत्सव का किया शुभारंभ
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुस्तकें हमेशा नई प्रेरणा देती हैं। हमें उनसे जुड़ना चाहिए। डबल इंजन की सरकार राज्यभर में पुस्तकालयों का जाल बिछा रही है। प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालयों के साथ पुस्तकालय स्थापित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) की ओर से दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) परिसर में आयोजित नौ दिवसीय गोरखपुर पुस्तक महोत्सव-2025 के शुभारंभ के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबाेधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के 1.56 लाख से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में से 1.36 लाख विद्यालयों का कायाकल्प किया गया है, जिनमें पुस्तकालय और डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है ताकि बच्चों में पढ़ने की संस्कृति विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि अगले नौ दिनों में यहां कई विमर्श, परिचर्चा, पुस्तकों के विमोचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। गोरखपुर विश्वविद्यालय के साथ शहर की सभी संस्थाओं को इसमें भागीदारी करनी चाहिए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति की सबसे सही मार्गदर्शक और सच्ची साथी अच्छी पुस्तकें होती हैं। उन्होंने भारत की श्रवण परंपरा और गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे ऋषियों ने ज्ञान को लिपिबद्ध कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की अद्भुत परंपरा विकसित की।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पीएम मोदी हमेशा कहते हैं कि जब नागरिक पढ़ते हैं तभी देश आगे बढ़ता है। सीएम ने कहा कि गोरखपुर की भूमि इसलिए भी विशेष है क्योंकि पिछले 100 वर्षों से गीताप्रेस भारत और विश्व में सनातन धर्म की विचारधारा को अपनी पुस्तकों के माध्यम से पहुंचा रहा है।
उन्होंने साहित्यकार फिराक गोरखपुरी, मुंशी प्रेमचंद, प्रो. विश्वनाथ तिवारी जैसे लेखकों का स्मरण किया और हाल ही में दिवंगत साहित्यकार प्रो. रामदरश मिश्र को श्रद्धांजलि दी।
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देवोत्थान एकादशी के दिन शुभारंभ शुभ संकेत
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देवोत्थान एकादशी है। यह शुभ अवसर भगवान विष्णु की कृपा का प्रतीक है। इसी पावन दिन पर पुस्तक महोत्सव का शुभारंभ हुआ है, यह पूरे प्रदेश के लिए शुभ संकेत है।
मुख्यमंत्री ने बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित
इससे पहले मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। इसमें निशा, चिंता, प्रेमलता, पुष्पा और बिंद्रावती को मुख्यमंत्री ने पुस्तकें भेंटकर सम्मानित किया। वहीं एनबीटी और डीडीयू की ओर से आयोजित प्रतियोगिता में विजयी बच्चों को सम्मानित किया गया।
इनमें श्रीजा शरण, अभय वर्मा, रश्मिका दुबे, आदर्श कुंवर सिंह, दिव्या विश्वकर्मा, शिवम कुमार गुप्ता, तोषिका चौहान, शिवांगी पांडेय, निलय कुमार, अभिषेक सिंह, देवानंद गुप्ता और आयुष किशोर को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।
इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ला, विधायक विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ला, श्रीराम चौहान, श्रवण निषाद, विमलेश पासवान, महिला आयोग उपाध्यक्ष चारू चौधरी, डीडीयू की कुलपति प्रो पूनम टंडन, अवनीश अवस्थी, एनबीटी के चेयरमैन मिलंद सुधाकर मराठे, निदेशक युवराज मलिक, आचार्य पवन त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री ने डीडीयू में गोरखपुर पुस्तक महोत्सव का किया शुभारंभ
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुस्तकें हमेशा नई प्रेरणा देती हैं। हमें उनसे जुड़ना चाहिए। डबल इंजन की सरकार राज्यभर में पुस्तकालयों का जाल बिछा रही है। प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालयों के साथ पुस्तकालय स्थापित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) की ओर से दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) परिसर में आयोजित नौ दिवसीय गोरखपुर पुस्तक महोत्सव-2025 के शुभारंभ के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबाेधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश के 1.56 लाख से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में से 1.36 लाख विद्यालयों का कायाकल्प किया गया है, जिनमें पुस्तकालय और डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है ताकि बच्चों में पढ़ने की संस्कृति विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि अगले नौ दिनों में यहां कई विमर्श, परिचर्चा, पुस्तकों के विमोचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। गोरखपुर विश्वविद्यालय के साथ शहर की सभी संस्थाओं को इसमें भागीदारी करनी चाहिए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति की सबसे सही मार्गदर्शक और सच्ची साथी अच्छी पुस्तकें होती हैं। उन्होंने भारत की श्रवण परंपरा और गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे ऋषियों ने ज्ञान को लिपिबद्ध कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की अद्भुत परंपरा विकसित की।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पीएम मोदी हमेशा कहते हैं कि जब नागरिक पढ़ते हैं तभी देश आगे बढ़ता है। सीएम ने कहा कि गोरखपुर की भूमि इसलिए भी विशेष है क्योंकि पिछले 100 वर्षों से गीताप्रेस भारत और विश्व में सनातन धर्म की विचारधारा को अपनी पुस्तकों के माध्यम से पहुंचा रहा है।
उन्होंने साहित्यकार फिराक गोरखपुरी, मुंशी प्रेमचंद, प्रो. विश्वनाथ तिवारी जैसे लेखकों का स्मरण किया और हाल ही में दिवंगत साहित्यकार प्रो. रामदरश मिश्र को श्रद्धांजलि दी।
देवोत्थान एकादशी के दिन शुभारंभ शुभ संकेत
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देवोत्थान एकादशी है। यह शुभ अवसर भगवान विष्णु की कृपा का प्रतीक है। इसी पावन दिन पर पुस्तक महोत्सव का शुभारंभ हुआ है, यह पूरे प्रदेश के लिए शुभ संकेत है।
मुख्यमंत्री ने बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित
इससे पहले मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। इसमें निशा, चिंता, प्रेमलता, पुष्पा और बिंद्रावती को मुख्यमंत्री ने पुस्तकें भेंटकर सम्मानित किया। वहीं एनबीटी और डीडीयू की ओर से आयोजित प्रतियोगिता में विजयी बच्चों को सम्मानित किया गया।
इनमें श्रीजा शरण, अभय वर्मा, रश्मिका दुबे, आदर्श कुंवर सिंह, दिव्या विश्वकर्मा, शिवम कुमार गुप्ता, तोषिका चौहान, शिवांगी पांडेय, निलय कुमार, अभिषेक सिंह, देवानंद गुप्ता और आयुष किशोर को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।
इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ला, विधायक विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ला, श्रीराम चौहान, श्रवण निषाद, विमलेश पासवान, महिला आयोग उपाध्यक्ष चारू चौधरी, डीडीयू की कुलपति प्रो पूनम टंडन, अवनीश अवस्थी, एनबीटी के चेयरमैन मिलंद सुधाकर मराठे, निदेशक युवराज मलिक, आचार्य पवन त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।