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Gorakhpur News: अपने ही जाल में फंस गया ठगी का आरोपी, अपहरण की कहानी झूठी निकली
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मुंबई से करोड़ों की ठगी के आरोपी मार्केटिंग एजेंट ने दूसरों को फंसाने के लिए गढ़ी थी अपहरण की झूठी कहानी
पत्नी की शिकायत पर दर्ज हुआ था अपहरण का केस, पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा तो खुली पोल
गोरखपुर। मुंबई में कई लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी का आरोपी मार्केटिंग एजेंट मोहम्मद इद्रीश खुद के बुने जाल में फंस गया। गोरखपुर में पहुंचकर उसने अपनी पत्नी अनुराधा की मदद से लोगों को फंसाने के लिए खुद की झूठी अपहरण की कहानी रची। हालांकि रामगढ़ताल पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा और उन्होंने साक्ष्य दिखाए तो झूठी कहानी से पर्दा उठा गया।
मुंबई के नालासोपारा निवासी अनुराधा ने पुलिस को बताया कि उनके पति मोहम्मद इद्रीश मार्केटिंग का काम करते हैं। काम के सिलसिले में 10 सितंबर को गोरखपुर आए थे। वह नौकायन स्थित होटल में ठहरे। इसकी जानकारी उन्होंने खुद फोन पर दी थी। अनुराधा ने बताया कि वह भी 11 सितंबर को फ्लाइट से गोरखपुर आईं। एयरपोर्ट पर पति से उनकी आखिरी बार 2:10 बजे बात हुई थी। इद्रीश ने कॉल कर कहा कि कोई आया है। बाद में बातचीत करेंगे। इसके बाद वह लगातार फोन करती रहीं, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ।
जब उन्होंने होटल प्रबंधन से संपर्क किया तो वहां से पति से बात कराई गई। पति ने बताया कि उनके परिचित मुंबई निवासी अनिल पासवान, शैलेश कापकर, रान राय, जितिन पटेल और स्नेहल उनसे मिलने होटल आए हैं और लेन-देन की बात कर रहे हैं। बाद में जब वह पति से संपर्क करने की कोशिश करने लगीं तो फोन स्विच ऑफ मिला। होटल पहुंचने पर पता चला कि पांचों लोग उनके पति को होटल से कहीं और ले गए हैं।
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कुछ देर बाद फोन करने पर एक अज्ञात व्यक्ति ने इद्रीश के मोबाइल से फोन उठाया और खुद को वकील बताते हुए धमकी दी। उसने कहा कि इद्रीश को बंधक बनाया गया है। यदि रुपये नहीं दिए गए तो उन्हें मारकर फेंक दिया जाएगा। इस धमकी से वह डर गईं और रामगढ़ताल थाने पहुंचकर शिकायत की। पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। पुलिस मोबाइल सर्विलांस के जरिये छानबीन करते मोहद्दीपुर के एक होटल में पहुंची तो वहां इद्रीश और आरोपी एक कमरे में मिल गए। पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो झूठी कहानी से पर्दा उठा गया।
आरोपियों ने बताया कि इद्रीश ने खुद यहां उधार ली गई रकम देने के लिए बुलाया था। कोई मारपीट नहीं की गई। वे अपनी रकम लेने के लिए मुंबई से आकर मोहद्दीपुर के होटल में ठहरे थे। पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस को जालसाज के बारे में पूरी जानकारी दी।
वर्जन
पुलिस को महिला ने अपहरण की सूचना दी थी। जांच में पता चला कि वह कई लोगों से ठगी करके आया है। उसने ही लोगों को रुपये देने के बहाने बुलाकर फर्जी सूचना दी थी। जांच के आधार पर पुलिस केस को खत्म करेगी।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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पत्नी की शिकायत पर दर्ज हुआ था अपहरण का केस, पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा तो खुली पोल
गोरखपुर। मुंबई में कई लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी का आरोपी मार्केटिंग एजेंट मोहम्मद इद्रीश खुद के बुने जाल में फंस गया। गोरखपुर में पहुंचकर उसने अपनी पत्नी अनुराधा की मदद से लोगों को फंसाने के लिए खुद की झूठी अपहरण की कहानी रची। हालांकि रामगढ़ताल पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा और उन्होंने साक्ष्य दिखाए तो झूठी कहानी से पर्दा उठा गया।
मुंबई के नालासोपारा निवासी अनुराधा ने पुलिस को बताया कि उनके पति मोहम्मद इद्रीश मार्केटिंग का काम करते हैं। काम के सिलसिले में 10 सितंबर को गोरखपुर आए थे। वह नौकायन स्थित होटल में ठहरे। इसकी जानकारी उन्होंने खुद फोन पर दी थी। अनुराधा ने बताया कि वह भी 11 सितंबर को फ्लाइट से गोरखपुर आईं। एयरपोर्ट पर पति से उनकी आखिरी बार 2:10 बजे बात हुई थी। इद्रीश ने कॉल कर कहा कि कोई आया है। बाद में बातचीत करेंगे। इसके बाद वह लगातार फोन करती रहीं, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ।
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जब उन्होंने होटल प्रबंधन से संपर्क किया तो वहां से पति से बात कराई गई। पति ने बताया कि उनके परिचित मुंबई निवासी अनिल पासवान, शैलेश कापकर, रान राय, जितिन पटेल और स्नेहल उनसे मिलने होटल आए हैं और लेन-देन की बात कर रहे हैं। बाद में जब वह पति से संपर्क करने की कोशिश करने लगीं तो फोन स्विच ऑफ मिला। होटल पहुंचने पर पता चला कि पांचों लोग उनके पति को होटल से कहीं और ले गए हैं।
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कुछ देर बाद फोन करने पर एक अज्ञात व्यक्ति ने इद्रीश के मोबाइल से फोन उठाया और खुद को वकील बताते हुए धमकी दी। उसने कहा कि इद्रीश को बंधक बनाया गया है। यदि रुपये नहीं दिए गए तो उन्हें मारकर फेंक दिया जाएगा। इस धमकी से वह डर गईं और रामगढ़ताल थाने पहुंचकर शिकायत की। पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। पुलिस मोबाइल सर्विलांस के जरिये छानबीन करते मोहद्दीपुर के एक होटल में पहुंची तो वहां इद्रीश और आरोपी एक कमरे में मिल गए। पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो झूठी कहानी से पर्दा उठा गया।
आरोपियों ने बताया कि इद्रीश ने खुद यहां उधार ली गई रकम देने के लिए बुलाया था। कोई मारपीट नहीं की गई। वे अपनी रकम लेने के लिए मुंबई से आकर मोहद्दीपुर के होटल में ठहरे थे। पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस को जालसाज के बारे में पूरी जानकारी दी।
वर्जन
पुलिस को महिला ने अपहरण की सूचना दी थी। जांच में पता चला कि वह कई लोगों से ठगी करके आया है। उसने ही लोगों को रुपये देने के बहाने बुलाकर फर्जी सूचना दी थी। जांच के आधार पर पुलिस केस को खत्म करेगी।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी