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Gorakhpur News: एम्स के कार्यकारी निदेशक का कार्यकाल खत्म, नए का नहीं हुआ चयन

Sun, 29 Dec 2024 01:10 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 29 Dec 2024 01:10 AM IST
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Gorakhpur News: Tenure of AIIMS Executive Director ends, new one not selected
गोरखपुर। एम्स जैसा बड़ा संस्थान एक साल से कार्यवाहक कार्यकारी निदेशक के हाथों संचालित हो रहा है। इसका असर यह है कि प्रभारी कार्यकारी निदेशक जब अपने मूल तैनाती स्थान वाली जगह से थोड़ा समय पाते हैं तो गोरखपुर आकर कागजी कोरमपूर्ति कर देते हैं। ज्यादातर आदेश-निर्देश फोन से ही दिए जाते हैं। इसका नतीजा यह है कि एक साल में यह संस्थान चिकित्सा के बजाय विवाद का केंद्र बनकर उभरा है।
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इस साल की शुरूआत ही गोरखपुर एम्स के लिए खराब सूचना लेकर आई। कार्यकारी निदेशक रहीं डॉ. सुरेखा किशोर पर बेटों की नियुक्ति में मनमानी समेत कई गंभीर आरोप लगे। विजलेंस की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्हें 02 जनवरी को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया। उनकी जगह एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल को छह महीने के लिए गोरखपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। इसके बाद फरवरी में नए कार्यकारी निदेशक के लिए विज्ञापन भी जारी कर दिया गया। इस प्रतिष्ठित पद के लिए गोरखपुर एम्स के चार वरिष्ठ प्रोफेसरों समेत देश भर से 83 लोगों ने आवेदन किए। अगस्त में इसकी स्क्रीनिंग हुई तो पता लगा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज कोलकाता के प्राचार्य रहे डॉ. संदीप घोष ने भी यहां के लिए आवेदन किया था। इसके अलावा 25 आवेदक ऐसे थे जो कार्यकारी निदेशक पद के मानक को पूरा नहीं कर रहे थे।
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उधर जून में छह माह का अतिरिक्त कार्यकाल पूरा करने वाले डॉ. जीके पाल को तीन महीने का एक्सटेंशन दे दिया गया था। उनका कार्यकाल 02 अक्तूबर को समाप्त हो रहा था। चर्चा होने लगा कि 02 अक्तूबर से पहले नए कार्यकारी निदेशक की तैनाती हो जाएगी। इसी बीच डॉ. जीके पाल भी बेटे को पीजी कक्षा में गलत तरीके से चयनित करने के आरोप में घिर गए और जांच से पहले ही उन्हें हटा दिया गया। उनकी जगह एम्स भोपाल के कार्यकारी निदेशक डॉ. अजय कुमार सिंह को यहां का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया। 27 सितंबर को गोरखपुर एम्स का अतिरिक्त कार्यभार संभालने वाले डॉ. अजय सिंह का कार्यकाल भी 26 दिसंबर को समाप्त हो गया। लेकिन अभी तक नए कार्यकारी निदेशक की तैनाती नहीं हो पाई है।
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दो महीने के लिए फिर बढ़ सकता है कार्यकाल
एम्स में हो रही चर्चा में कहा जा रहा है कि अभी कार्यकारी निदेशक पद की काउंसिलिंग के बाद रिजल्ट ही जारी नहीं हुआ है। इसलिए रिजल्ट जारी करने और नए निदेशक की तैनाती होती भी तो भी 10-15 दिन का समय लग सकता है। जबकि डॉ. अजय सिंह का अतिरिक्त प्रभार का वक्त भी समाप्त हो चुका है। इसलिए इस बात की पूरी संभावना है कि अगले दो महीने के लिए इनका कार्यकाल फिर से बढ़ा दिया जाए। एम्स के डिप्टी डायरेक्टर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को इसकी पूरी जानकारी है। संभव है कि एकाध दिन में नया आदेश आ जाए।
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