फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur News: Tell papa that I am still Shravan Kumar

Gorakhpur News: पापा से बता देना मैं आज भी श्रवण कुमार हूं

Fri, 13 Dec 2024 01:06 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 13 Dec 2024 01:06 AM IST
विज्ञापन
Gorakhpur News: Tell papa that I am still Shravan Kumar
गोरखपुर। मां की मौत का जिम्मेदार वैज्ञानिक का बेटा बाल सुधार गृह में अपनी गलती पर पछता रहा है। उससे मिलने एक रिश्तेदार गए थे। उनसे रो-रोकर एक ही बात कह रहा था-पापा से कह देना मुझे माफ कर देंगे, उनका बेटा आज भी श्रवण कुमार है।
विज्ञापन

बुधवार को पुलिस को सौंपते हुए वैज्ञानिक राममिलन ने कहा कि जिस बेटे को वह श्रवण कुमार की उपाधि देते थे, वही अब दुश्मन बन गया। इसके जवाब में बेटे ने रिश्तेदार से यह बात कही।
विज्ञापन

गुलरिहा इलाके के शिवपुर सहबाजगंज स्थित बाल सुधार गृह में 250 से अधिक नाबालिग दुष्कर्म, मारपीट, चोरी और हत्या के केस में बंद हैं। इन बच्चों से अलग वह दिनभर अकेले बैठा रहा। बहुत प्रयास के बाद उसने थोड़ा खाना खाया, वह भी छोड़ दिया। पहली रात उसने करवटें बदलकर बीताईं।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र चेन्नई के सहायक वैज्ञानिक राम मिलन ने बताया कि वह हमेशा पत्नी आरती से कहते थे कि बेटे के गुण श्रवण कुमार से मिलते हैं। वह हमलोगों के बारे में इतनी कम उम्र में ही सोचने लगा है। मां की देखभाल के लिए चेन्नई से उसे गोरखपुर भेज दिया था।
स्कूल से भागता था बेटा
बताया जा रहा है कि राममिलन के साथ रहकर बेटे ने चेन्नई में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के स्कूल में हाईस्कूल तक पढ़ाई की थी। वह पढ़ने में भी बहुत तेज था। गणित से इंटर की पढ़ाई कर रहा था। वह इंजीनियर बनना चाहता था। चेन्नई से पढ़ाई करने के बाद जब गोरखपुर आया तो यहां का स्कूल बिल्कुल भी नहीं भा रहा था। इसलिए वह हमेशा स्कूल जाने से मना करता था। पिता से कई बार उसने चेन्नई बुलाने का आग्रह भी किया था।


शेयर मार्केट में लगाता था रुपये
बताया जा रहा है कि वैज्ञानिक के बेटे को चेन्नई से ही कम उम्र में रुपये कमाने की लत लग गई थी। वह शेयर मार्केट में रुपये लगाता था। उसके डीमैट अकाउंट में अभी भी 15 हजार रुपये हैं। वह अपनी अलग पहचान बनाना चाहता था। उसे लगता था कि वह गोरखपुर में यह सब नहीं कर पाएगा, इसलिए परेशान रहने लगा था। यही वजह है कि दो दिसंबर को सुबह 8:30 बजे स्कूल जाने का दबाव बनाने पर गलती से मां आरती को धकेल दिया था। इसके बाद एक झूठ छिपाने के लिए उसे कई झूठ बोलने पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed