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Gorakhpur News: परीक्षा समिति में रखे जाएंगे टेंपरिंग के मामले... मार्कशीट निरस्त करने की तैयारी
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फर्जी अंकपत्र और उसमें टेंपरिंग के मामलों में सख्त कार्रवाई करेगा गोरखपुर विश्वविद्यालय
समिति कर रही जांच, आगामी परीक्षा समिति की बैठक में मार्कशीट को निरस्त करने का रखा जाएगा प्रस्ताव
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में अभिलेखों में टेंपरिंग (छेड़छाड़) कर फर्जी मार्कशीट बनाने के मामले को परीक्षा समिति की बैठक में रखा जाएगा। ऐसे करीब तीन से चार मामले हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन सभी की मार्कशीट निरस्त करेगा। बाद में इसे कार्य परिषद से भी अनुमोदित कराया जाएगा। साथ ही जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी कराई जाएगी।
जानकारी के अनुसार, अभिलेखों में टेंपरिंग कर मार्कशीट में अंक बढ़ाने के मामले में परीक्षा नियंत्रक डॉ. कुलदीप सिंह ने बर्खास्त शिक्षिका प्रीति जायसवाल के खिलाफ कैंट थाने में केस दर्ज कराया है। अब आगामी परीक्षा समिति की बैठक में इस मार्कशीट को निरस्त करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके साथ ही विवि की आंतरिक कमेटी ऐसे और भी मामलों की जांच कर रही है। सभी मामलों में मार्कशीट निरस्त करने की तैयारी है।
विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। विवि ने सेंट एंड्रयूज कॉलेज और डीडीयू के अभिलेख विभाग के अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। जल्द ही कुछ और नाम इसमें जुड़ सकते हैं। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि मामले की जांच एसटीएफ से कराने के लिए शासन में पत्र भेजा गया है। परीक्षा समिति में मामले को रखा जाएगा और संबंधित की मार्कशीट निरस्त की जाएगी।
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सेंट एंड्रयूज कॉलेज ने भी दी है तहरीर
सेंट एंड्रयूज महाविद्यालय के बीए तृतीय वर्ष की छात्रा प्रीति जायसवाल के अंकों में कथित हेराफेरी के मामले में कॉलेज प्रशासन ने अपनी भूमिका से इंकार किया है। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के अज्ञात कर्मियों पर अभिलेखों में छेड़छाड़ कर अंक बढ़ाने का केस दर्ज कराया है। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एसडी राजकुमार ने बताया कि वर्ष 2019 में ही कॉलेज प्रशासन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सूचित कर दिया था कि संबंधित अंकपत्र कूटरचित है। इस संबंध में कॉलेज ने पांच सितंबर 2019 को रिपोर्ट भेजी थी। छह वर्ष बाद फिर से उसी प्रकरण में स्पष्टीकरण मांगा गया है। कॉलेज ने 20 अक्तूबर 2025 को कैंट थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ तहरीर भी दी है। प्रशासन ने कहा कि महाविद्यालय की कोई भूमिका नहीं है और वह निष्पक्ष जांच की मांग करता है।
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समिति कर रही जांच, आगामी परीक्षा समिति की बैठक में मार्कशीट को निरस्त करने का रखा जाएगा प्रस्ताव
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में अभिलेखों में टेंपरिंग (छेड़छाड़) कर फर्जी मार्कशीट बनाने के मामले को परीक्षा समिति की बैठक में रखा जाएगा। ऐसे करीब तीन से चार मामले हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन सभी की मार्कशीट निरस्त करेगा। बाद में इसे कार्य परिषद से भी अनुमोदित कराया जाएगा। साथ ही जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी कराई जाएगी।
जानकारी के अनुसार, अभिलेखों में टेंपरिंग कर मार्कशीट में अंक बढ़ाने के मामले में परीक्षा नियंत्रक डॉ. कुलदीप सिंह ने बर्खास्त शिक्षिका प्रीति जायसवाल के खिलाफ कैंट थाने में केस दर्ज कराया है। अब आगामी परीक्षा समिति की बैठक में इस मार्कशीट को निरस्त करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके साथ ही विवि की आंतरिक कमेटी ऐसे और भी मामलों की जांच कर रही है। सभी मामलों में मार्कशीट निरस्त करने की तैयारी है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। विवि ने सेंट एंड्रयूज कॉलेज और डीडीयू के अभिलेख विभाग के अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। जल्द ही कुछ और नाम इसमें जुड़ सकते हैं। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि मामले की जांच एसटीएफ से कराने के लिए शासन में पत्र भेजा गया है। परीक्षा समिति में मामले को रखा जाएगा और संबंधित की मार्कशीट निरस्त की जाएगी।
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सेंट एंड्रयूज कॉलेज ने भी दी है तहरीर
सेंट एंड्रयूज महाविद्यालय के बीए तृतीय वर्ष की छात्रा प्रीति जायसवाल के अंकों में कथित हेराफेरी के मामले में कॉलेज प्रशासन ने अपनी भूमिका से इंकार किया है। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के अज्ञात कर्मियों पर अभिलेखों में छेड़छाड़ कर अंक बढ़ाने का केस दर्ज कराया है। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एसडी राजकुमार ने बताया कि वर्ष 2019 में ही कॉलेज प्रशासन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सूचित कर दिया था कि संबंधित अंकपत्र कूटरचित है। इस संबंध में कॉलेज ने पांच सितंबर 2019 को रिपोर्ट भेजी थी। छह वर्ष बाद फिर से उसी प्रकरण में स्पष्टीकरण मांगा गया है। कॉलेज ने 20 अक्तूबर 2025 को कैंट थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ तहरीर भी दी है। प्रशासन ने कहा कि महाविद्यालय की कोई भूमिका नहीं है और वह निष्पक्ष जांच की मांग करता है।