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Gorakhpur News: नकहा जंगल-गोंडा और मथुरा-कासगंज डबलिंग के लिए सर्वे पूरा, बनने लगी डीपीआर
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डबल लाइन होने से ट्रेनों को चलाने में होगी सहूलियत, दोनों रूटों पर बढ़ जाएंगी एक्सप्रेस ट्रेनें
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे में नकहा जंगल-बढ़नी-गोंडा (215 किमी) और मथुरा-कासगंज (105 किमी) रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण कार्य के लिए लिडार सर्वे का काम पूरा हो गया है। अब दोनों रेल लाइनों के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इसके बाद स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड भेजा जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले साल से डबल लाइन बिछाने का काम शुरू हो जाएगा। इसके बनने से ट्रेनों को बढ़ाने में सहूलियत होगी।
नकहा जंगल-बढ़नी-गोंडा लाइन के दोहरीकरण से बिहार से लखनऊ-दिल्ली-मुंबई जाने वाली ट्रेनों को चलाने के लिए रेल प्रशासन को एक वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा। यह लाइन तीन जिलों गोरखपुर, महराजगंज और सिद्धार्थनगर को गोंडा से जोड़ती है। रेलवे बोर्ड ने इस रूट पर लिडार (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) सर्वे के लिए 4.13 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। अब एजेंसी से सर्वे का काम पूरा कर लिया है। डीपीआर तैयार कर बजट की स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा।
नकहा जंगल-बढ़नी-गोंडा रूट पर 12 से ज्यादा एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनें चल रही हैं। इसमें गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस, आनंद विहार टर्मिनल हमसफर एक्सप्रेस, गोरखपुर पनवेल एक्सप्रेस, गोरखपुर-बांद्रा एक्सप्रेस, गोमतीनगर इंटरसिटी प्रमुख हैं। अभी सिंगल ट्रैक होने की वजह से इस रूट पर ट्रेनों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है। डबल लाइन हो जाने से इस रूट पर ट्रेनों का संचलन और आसान हो जाएगा। यात्री ट्रेनों के साथ ही मालगाड़ियों के संचलन की भी राह आसान हो जाएगी।
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कानपुर-बरेली रूट पर बढ़ जाएंगी ट्रेनेंमथुरा-कासगंज रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण के लिए सर्वे का काम पूरा होने के बाद अब डीपीआर तैयार की जा रही है। इस रेल खंड पर डबल लाइन बिछने से कानपुर और बरेली ट्रैक पर भी अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। अभी मथुरा-कासगंज के बीच जंक्शन से प्रतिदिन 12 पैसेंजर ट्रेनें और 6 साप्ताहिक सुपर फास्ट ट्रेनें संचालित होती हैं।
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वर्जननकहा जंगल-बढ़नी-गोंडा और मथुरा-कासगंज डबलिंग के लिए एजेंसी ने सर्वे का काम पूरा कर लिया है। अब डीपीआर तैयार की जा रही है। रेल दोहरीकरण होने से ट्रेनों के संचलन में सहूलियत होगी।
-पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनईआर
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गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे में नकहा जंगल-बढ़नी-गोंडा (215 किमी) और मथुरा-कासगंज (105 किमी) रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण कार्य के लिए लिडार सर्वे का काम पूरा हो गया है। अब दोनों रेल लाइनों के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इसके बाद स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड भेजा जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले साल से डबल लाइन बिछाने का काम शुरू हो जाएगा। इसके बनने से ट्रेनों को बढ़ाने में सहूलियत होगी।
नकहा जंगल-बढ़नी-गोंडा लाइन के दोहरीकरण से बिहार से लखनऊ-दिल्ली-मुंबई जाने वाली ट्रेनों को चलाने के लिए रेल प्रशासन को एक वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा। यह लाइन तीन जिलों गोरखपुर, महराजगंज और सिद्धार्थनगर को गोंडा से जोड़ती है। रेलवे बोर्ड ने इस रूट पर लिडार (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) सर्वे के लिए 4.13 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। अब एजेंसी से सर्वे का काम पूरा कर लिया है। डीपीआर तैयार कर बजट की स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा।
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नकहा जंगल-बढ़नी-गोंडा रूट पर 12 से ज्यादा एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनें चल रही हैं। इसमें गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस, आनंद विहार टर्मिनल हमसफर एक्सप्रेस, गोरखपुर पनवेल एक्सप्रेस, गोरखपुर-बांद्रा एक्सप्रेस, गोमतीनगर इंटरसिटी प्रमुख हैं। अभी सिंगल ट्रैक होने की वजह से इस रूट पर ट्रेनों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है। डबल लाइन हो जाने से इस रूट पर ट्रेनों का संचलन और आसान हो जाएगा। यात्री ट्रेनों के साथ ही मालगाड़ियों के संचलन की भी राह आसान हो जाएगी।
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कानपुर-बरेली रूट पर बढ़ जाएंगी ट्रेनेंमथुरा-कासगंज रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण के लिए सर्वे का काम पूरा होने के बाद अब डीपीआर तैयार की जा रही है। इस रेल खंड पर डबल लाइन बिछने से कानपुर और बरेली ट्रैक पर भी अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। अभी मथुरा-कासगंज के बीच जंक्शन से प्रतिदिन 12 पैसेंजर ट्रेनें और 6 साप्ताहिक सुपर फास्ट ट्रेनें संचालित होती हैं।
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वर्जननकहा जंगल-बढ़नी-गोंडा और मथुरा-कासगंज डबलिंग के लिए एजेंसी ने सर्वे का काम पूरा कर लिया है। अब डीपीआर तैयार की जा रही है। रेल दोहरीकरण होने से ट्रेनों के संचलन में सहूलियत होगी।
-पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनईआर