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Gorakhpur News: छात्रों को पिला रहे थे एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक्स...सॉस भी खराब, हंगामा
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डीडीयू: विश्वविद्यालय प्रशासन ने सील की कैंटीन, अनुबंध निरस्त
करीब ढाई महीने पहले एक ही फर्म को कैंपस में तीन कैंटीन की गई थीं अलॉट
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कैंटीन में एक्सपायरी डेट का माल खपाया जा रहा था। छात्रों, शिक्षकों व कर्मचारियों को बेचे जा रहे एक्सपायरी डेट की कोल्डड्रिंक्स और सॉस का छात्रों ने सोमवार को भंडाफोड़ कर दिया। एक के बाद एक निकल रहे एक्सपायरी माल पर छात्रों ने वहां जमकर हंगामा किया। संपत्ति अधिकारी डॉ अमित उपाध्याय ने कैंटीन चलाने वाली फर्म का अनुबंध निरस्त कर दिया। परिसर में चल रही तीनों कैंटीन को सील भी कर दिया गया।
सोमवार को अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे डीडीयू के छात्र अनुभव शाही और दीपक पांडेय प्रशासनिक भवन स्थित कैंटीन पहुंचे थे। वहां उन्होंने कोकाकोला मंगाया। टेस्ट अच्छा नहीं लगने पर बोतल पर देखा तो चौंक गए। वह बीते 10 जून को ही एक्सपायर हो चुकी थी। एक्सपायरी देखकर उन्होंने दूसरा बोतल मंगवाई तो वह भी एक्सपायर्ड निकली। इसके बाद चार्ज्ड मंगाया तो वह भी करीब एक महीने पुराना निकला।
इसके बाद दोनों छात्रों ने विश्वविद्यालय के छात्र नेताओं को इसकी सूचना दी। सूचना पाकर छात्र नेता गौरव वर्मा, नारायण दत्त पाठक, आदित्य प्रताप सिंह, विपिन तिवारी, अनुराग मिश्र, राघवेंद्र प्रताप सिंह आदि वहां पहुंचे।
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छात्र नेताओं ने अधिकारियों को इसकी सूचना दी। छात्रों की शिकायत पर मुख्य नियंता प्रो. विनय सिंह, सहायक नियंता डॉ वेद प्रकाश राय व संपत्ति अधिकारी डॉ अमित उपाध्याय वहां पहुंचे। छात्रों ने अधिकारियों के सामने एक-एक कर एक्सपायरी माल कैंटीन से निकलवाया। छात्रों के मुताबिक, वहां 30 बोतल कोकाकोला, 20 बोतल चार्ज्ड एक्सपायरी डेट के मिले। इसके अलावा चार बोतल सॉस (चटनी) भी मिली। सॉस फरवरी में ही एक्सपायर हो चुकी थी। एक्सपायरी मिले सामान के सैंपल भी सील किए गए। खुले में बेची जा रही नमकीन का टेस्ट भी बेहद खराब था।
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ज्यादातर लोगों ने बंद कर दिया कैंटीन का खाना
कैंपस में करीब एक साल से कोई कैंटीन नहीं चल रही थी। इसे देखते हुए करीब छह महीने पहले प्रशासनिक भवन, क्रीड़ा संकुल भवन के बगल में स्थित कैंटीन और दीक्षा भवन में कैंटीन संचालन के लिए टेंडर निकाला गया। प्रक्रिया के बाद भदोही स्थित संतरविदास नगर के मेसर्स श्याम जी को करीब ढाई महीने पहले कैंटीन अलॉट हुआ था। गुणवत्ता में कमी की शिकायत करते हुए ज्यादातर लोगों ने कैंटीन से कुछ खाना या मंगाना बंद कर दिया।
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गुणवत्ता की शिकायत पर दो बार दी गई थी चेतावनी
डीडीयू के संपत्ति अधिकारी व राजनीति शास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर अमित उपाध्याय ने बताया कि कैंटीन से खाद्य पदार्थों में गुणवत्ता की शिकायतें पहले भी मिलती रही हैं। इसे लेकर दो बार चेतावनी भी दी गई थी। संचालक गुणवत्ता का ख्याल रखे जाने का आश्वासन देता था लेकिन उसने सुधार नहीं किया।
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उद्घाटन से पहले ही शुरू कर दी थी कैंटीन
संचालक को फिलहाल प्रशासनिक भवन में ही अभी कैंटीन ही शुरू करने की अनुमति दी गई थी। किराया भी सिर्फ उसी का लिया जा रहा था। दीक्षा भवन में परीक्षार्थियों की भीड़ को देखते हुए अस्थायी कैंटीन चलाने की अनुमति दी गई थी। क्रीड़ा संकुल भवन के बगल में स्थित कैंटीन का उद्घाटन होना था, उससे पहले ही वहां बिना आदेश के संचालन किया जा रहा था।
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वर्जन-
छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह मामला संज्ञान में आने के बाद कार्रवाई के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। संबंधित फर्म का संचालन निरस्त कर दिया गया है।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू
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करीब ढाई महीने पहले एक ही फर्म को कैंपस में तीन कैंटीन की गई थीं अलॉट
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कैंटीन में एक्सपायरी डेट का माल खपाया जा रहा था। छात्रों, शिक्षकों व कर्मचारियों को बेचे जा रहे एक्सपायरी डेट की कोल्डड्रिंक्स और सॉस का छात्रों ने सोमवार को भंडाफोड़ कर दिया। एक के बाद एक निकल रहे एक्सपायरी माल पर छात्रों ने वहां जमकर हंगामा किया। संपत्ति अधिकारी डॉ अमित उपाध्याय ने कैंटीन चलाने वाली फर्म का अनुबंध निरस्त कर दिया। परिसर में चल रही तीनों कैंटीन को सील भी कर दिया गया।
सोमवार को अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे डीडीयू के छात्र अनुभव शाही और दीपक पांडेय प्रशासनिक भवन स्थित कैंटीन पहुंचे थे। वहां उन्होंने कोकाकोला मंगाया। टेस्ट अच्छा नहीं लगने पर बोतल पर देखा तो चौंक गए। वह बीते 10 जून को ही एक्सपायर हो चुकी थी। एक्सपायरी देखकर उन्होंने दूसरा बोतल मंगवाई तो वह भी एक्सपायर्ड निकली। इसके बाद चार्ज्ड मंगाया तो वह भी करीब एक महीने पुराना निकला।
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इसके बाद दोनों छात्रों ने विश्वविद्यालय के छात्र नेताओं को इसकी सूचना दी। सूचना पाकर छात्र नेता गौरव वर्मा, नारायण दत्त पाठक, आदित्य प्रताप सिंह, विपिन तिवारी, अनुराग मिश्र, राघवेंद्र प्रताप सिंह आदि वहां पहुंचे।
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छात्र नेताओं ने अधिकारियों को इसकी सूचना दी। छात्रों की शिकायत पर मुख्य नियंता प्रो. विनय सिंह, सहायक नियंता डॉ वेद प्रकाश राय व संपत्ति अधिकारी डॉ अमित उपाध्याय वहां पहुंचे। छात्रों ने अधिकारियों के सामने एक-एक कर एक्सपायरी माल कैंटीन से निकलवाया। छात्रों के मुताबिक, वहां 30 बोतल कोकाकोला, 20 बोतल चार्ज्ड एक्सपायरी डेट के मिले। इसके अलावा चार बोतल सॉस (चटनी) भी मिली। सॉस फरवरी में ही एक्सपायर हो चुकी थी। एक्सपायरी मिले सामान के सैंपल भी सील किए गए। खुले में बेची जा रही नमकीन का टेस्ट भी बेहद खराब था।
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ज्यादातर लोगों ने बंद कर दिया कैंटीन का खाना
कैंपस में करीब एक साल से कोई कैंटीन नहीं चल रही थी। इसे देखते हुए करीब छह महीने पहले प्रशासनिक भवन, क्रीड़ा संकुल भवन के बगल में स्थित कैंटीन और दीक्षा भवन में कैंटीन संचालन के लिए टेंडर निकाला गया। प्रक्रिया के बाद भदोही स्थित संतरविदास नगर के मेसर्स श्याम जी को करीब ढाई महीने पहले कैंटीन अलॉट हुआ था। गुणवत्ता में कमी की शिकायत करते हुए ज्यादातर लोगों ने कैंटीन से कुछ खाना या मंगाना बंद कर दिया।
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गुणवत्ता की शिकायत पर दो बार दी गई थी चेतावनी
डीडीयू के संपत्ति अधिकारी व राजनीति शास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर अमित उपाध्याय ने बताया कि कैंटीन से खाद्य पदार्थों में गुणवत्ता की शिकायतें पहले भी मिलती रही हैं। इसे लेकर दो बार चेतावनी भी दी गई थी। संचालक गुणवत्ता का ख्याल रखे जाने का आश्वासन देता था लेकिन उसने सुधार नहीं किया।
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उद्घाटन से पहले ही शुरू कर दी थी कैंटीन
संचालक को फिलहाल प्रशासनिक भवन में ही अभी कैंटीन ही शुरू करने की अनुमति दी गई थी। किराया भी सिर्फ उसी का लिया जा रहा था। दीक्षा भवन में परीक्षार्थियों की भीड़ को देखते हुए अस्थायी कैंटीन चलाने की अनुमति दी गई थी। क्रीड़ा संकुल भवन के बगल में स्थित कैंटीन का उद्घाटन होना था, उससे पहले ही वहां बिना आदेश के संचालन किया जा रहा था।
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वर्जन-
छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह मामला संज्ञान में आने के बाद कार्रवाई के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। संबंधित फर्म का संचालन निरस्त कर दिया गया है।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू