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Gorakhpur News: मोहर्रम को कहां से होती थी फंडिंग, खातों की होगी जांच
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नौकरी की तलाश में अकेली घूमने वाली लड़कियों को झांसा देकर करते थे तस्करी
राजस्थान, हरियाणा के अलावा छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और झारखंड में बेची जाती थी लड़कियां
पकड़े गए गैंग के सदस्यों के मोबाइल की कॉल डिटेल के साथ बैंक डिटेल भी खंगाल रही पुलिस
गोरखपुर। लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर बेचने के आरोपी व गिरोह के सरगना मोहर्रम उर्फ राहुल और उसके गुर्गों को कहा फंडिंग होती थी, पुलिस इसकी जांच करेगी। पुलिस इनके बैंक खातों की डिटेल खंगालने के साथ गुर्गों की तलाश में दबिश दे रही है।
लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर बेचने के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। पुलिस को गैंग में सात नहीं 12 से अधिक लोगों के शामिल होने के सबूत मिले हैं। गैंग के गुर्गों ने राजस्थान, हरियाणा के अलावा देश के कई अन्य प्रदेशों में भी लड़कियों के बेचने की योजना बनाई थी। पिपराइच पुलिस ने सबसे पहले चार गुर्गों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, गैंग के सरगना महराजगंज जिले के निचलौल के मोहर्रम उर्फ राहुल को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था, जबकि तीन अन्य साथी अभी भी चंपत हैं।
जानकारी के अनुसार, खोराबार निवासी महिला ने बेटी के लापता होने पर इलाके की रहने वाली राधा के खिलाफ केस दर्ज कराया था। पुलिस ने तीन माह बाद किशोरी को उनौला स्टेशन से ढूंढ़ निकाला था। किशोरी ने अपने बयान में बताया कि राधा ने उसे पैसे की लालच देकर महाराजगंज के रहने वाले मोहर्रम उर्फ राहुल को सौंप दिया। इसके बाद मोहर्रम अपने साथी सन्नी और सरिता के साथ उसे दिल्ली लेकर चला गया, जहां उसकी मुलाकात देवा से कराई गई। वहां से आरोपी उसे राजस्थान के किशनगंज ले जाकर बागचंद्र प्रजापति के पास ले गए, जहां पर काफी संख्या में लड़कियां मौजूद थीं। इसके बाद जबरन मोहन हरमाणा से उसकी शादी करा दी गई। वहां मोहन के भाई श्रवणपुरी ने बागचंद्र, मोहर्रम, सन्नी, राधा, देव व सरिता को रुपये देकर उसे खरीद लिया।
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किशोरी ने बताया कि खरीदने के बाद अक्सर दोनों भाई उसके साथ मारपीट करते थे। वहीं, जान से मारने की धमकी देते हुए मोहन जबरन संबंध बनाता था। विरोध पर टाॅर्चर भी करते थे। पुलिस ने किशोरी का बयान दर्ज करने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोहर्रम के गैंग में सात नहीं 12 से अधिक गुर्गे शामिल हैं। प्राथमिक विवेचना में आठ आरोपियों के नाम प्रकाश में आए थे। इनमें से पुलिस ने बागचंद्र, श्रवणपुरी, सन्नी, राधा व मोहर्रम को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि मोहन, देवा और सरिता अभी भी पुलिस गिरफ्त से दूर हैं।
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पूरे देश में सप्लाई की जाती हैं लड़कियां
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोहर्रम के अलावा कई और भी गैंग यूपी में सक्रिय है जो भोली-भाली और गरीब लड़कियों को नौकरी दिलाने व शादी का झांसा देकर जाल में फंसा लेते हैं। इसके बाद उन्हें राजस्थान के किशनगंज ले जाकर बागचंद्र प्रजापति को सौंप देते हैं। वहां से लड़कियां देश के कई प्रदेशों में बेच दी जाती हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब किशोरी बागचंद्र प्रजापति के घर पहुंची। बागचंद्र की गिरफ्तारी के बाद उसके घर में मौजूद लड़कियां कहां गई, पुलिस उनका पता लगाने में जुटी है।
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मोहर्रम और बागचंद्र को कस्टडी रिमांड पर लेगी पुलिस
गैंग के अन्य गुर्गों तक पहुंचने के लिए पुलिस जल्द ही मोहर्रम और बागचंद्र को कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी देगी। इससे गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं, उन तक पहुंचा जा सके। साथ ही बागचंद्र के घर में मौजूद लड़कियां कहां गई, इसका भी पता चल सके। सूत्रों के अनुसार, पुलिस टीम जब बागचंद्र के घर पहुंची तो वहां लड़कियां नहीं थीं। आरोपियों की तलाश में जुटी टीम को दिल्ली में बैठे दलाल देवा की लोकेशन भी मिल गई है। पुलिस टीम जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लेगी। पुलिस की दो टीमें दिल्ली में ही डेरा जमाए हुए हैं।
एसपी नॉर्थ जितेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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राजस्थान, हरियाणा के अलावा छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और झारखंड में बेची जाती थी लड़कियां
पकड़े गए गैंग के सदस्यों के मोबाइल की कॉल डिटेल के साथ बैंक डिटेल भी खंगाल रही पुलिस
गोरखपुर। लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर बेचने के आरोपी व गिरोह के सरगना मोहर्रम उर्फ राहुल और उसके गुर्गों को कहा फंडिंग होती थी, पुलिस इसकी जांच करेगी। पुलिस इनके बैंक खातों की डिटेल खंगालने के साथ गुर्गों की तलाश में दबिश दे रही है।
लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर बेचने के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। पुलिस को गैंग में सात नहीं 12 से अधिक लोगों के शामिल होने के सबूत मिले हैं। गैंग के गुर्गों ने राजस्थान, हरियाणा के अलावा देश के कई अन्य प्रदेशों में भी लड़कियों के बेचने की योजना बनाई थी। पिपराइच पुलिस ने सबसे पहले चार गुर्गों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, गैंग के सरगना महराजगंज जिले के निचलौल के मोहर्रम उर्फ राहुल को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था, जबकि तीन अन्य साथी अभी भी चंपत हैं।
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जानकारी के अनुसार, खोराबार निवासी महिला ने बेटी के लापता होने पर इलाके की रहने वाली राधा के खिलाफ केस दर्ज कराया था। पुलिस ने तीन माह बाद किशोरी को उनौला स्टेशन से ढूंढ़ निकाला था। किशोरी ने अपने बयान में बताया कि राधा ने उसे पैसे की लालच देकर महाराजगंज के रहने वाले मोहर्रम उर्फ राहुल को सौंप दिया। इसके बाद मोहर्रम अपने साथी सन्नी और सरिता के साथ उसे दिल्ली लेकर चला गया, जहां उसकी मुलाकात देवा से कराई गई। वहां से आरोपी उसे राजस्थान के किशनगंज ले जाकर बागचंद्र प्रजापति के पास ले गए, जहां पर काफी संख्या में लड़कियां मौजूद थीं। इसके बाद जबरन मोहन हरमाणा से उसकी शादी करा दी गई। वहां मोहन के भाई श्रवणपुरी ने बागचंद्र, मोहर्रम, सन्नी, राधा, देव व सरिता को रुपये देकर उसे खरीद लिया।
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किशोरी ने बताया कि खरीदने के बाद अक्सर दोनों भाई उसके साथ मारपीट करते थे। वहीं, जान से मारने की धमकी देते हुए मोहन जबरन संबंध बनाता था। विरोध पर टाॅर्चर भी करते थे। पुलिस ने किशोरी का बयान दर्ज करने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोहर्रम के गैंग में सात नहीं 12 से अधिक गुर्गे शामिल हैं। प्राथमिक विवेचना में आठ आरोपियों के नाम प्रकाश में आए थे। इनमें से पुलिस ने बागचंद्र, श्रवणपुरी, सन्नी, राधा व मोहर्रम को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि मोहन, देवा और सरिता अभी भी पुलिस गिरफ्त से दूर हैं।
पूरे देश में सप्लाई की जाती हैं लड़कियां
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोहर्रम के अलावा कई और भी गैंग यूपी में सक्रिय है जो भोली-भाली और गरीब लड़कियों को नौकरी दिलाने व शादी का झांसा देकर जाल में फंसा लेते हैं। इसके बाद उन्हें राजस्थान के किशनगंज ले जाकर बागचंद्र प्रजापति को सौंप देते हैं। वहां से लड़कियां देश के कई प्रदेशों में बेच दी जाती हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब किशोरी बागचंद्र प्रजापति के घर पहुंची। बागचंद्र की गिरफ्तारी के बाद उसके घर में मौजूद लड़कियां कहां गई, पुलिस उनका पता लगाने में जुटी है।
मोहर्रम और बागचंद्र को कस्टडी रिमांड पर लेगी पुलिस
गैंग के अन्य गुर्गों तक पहुंचने के लिए पुलिस जल्द ही मोहर्रम और बागचंद्र को कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी देगी। इससे गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं, उन तक पहुंचा जा सके। साथ ही बागचंद्र के घर में मौजूद लड़कियां कहां गई, इसका भी पता चल सके। सूत्रों के अनुसार, पुलिस टीम जब बागचंद्र के घर पहुंची तो वहां लड़कियां नहीं थीं। आरोपियों की तलाश में जुटी टीम को दिल्ली में बैठे दलाल देवा की लोकेशन भी मिल गई है। पुलिस टीम जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लेगी। पुलिस की दो टीमें दिल्ली में ही डेरा जमाए हुए हैं।
एसपी नॉर्थ जितेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।