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Gorakhpur News: किचन में मिला बासी चिकन, दही के पैकेट पर नहीं थी एक्सपायरी डेट
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एम्स : खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने की जांच, दही, दाल, जीरा, मसाला और सॉस का लिया गया सैंपल
30 विद्यार्थियों को हुई थी फूड प्वाॅइजनिंग, बासी मीट खाने का है अंदेशा
गोरखपुर। फूड प्वॉइजनिंग का मामला सामने आने के बाद बृहस्पतिवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एम्स के मेस में खाद्य सामग्रियों का नमूना लिया। इस दौरान टीम यह देखकर चौंक गई कि किचन के फ्रिज में बासी चिकन रखा था। वहीं दही के पैकेट पर एक्सपायरी डेट भी नहीं थी। टीम ने कुछ खाद्य पदार्थों के नमूनों की मौके पर ही जांच की। इसके अलावा दही समेत पांच नमूनों का सैंपल भी लिया।
दो दिन पहले एम्स के कई छात्र फूड प्वाॅइजनिंग के चलते बीमार हो गए थे। परिसर में चर्चा है कि करीब 30 छात्र-छात्राओं ने मेस में खाना खाया था, जिसके बाद सभी को उल्टी-दस्त होने लगी। कहा जा रहा है कि इन लोगों ने मीट खाया था। हालांकि, एम्स प्रशासन की तरफ से बताया गया कि कुल 19 छात्र बीमार हुए थे, जिनमें से 18 की हालत अब ठीक है। एक छात्रा जिसकी स्थिति गंभीर थी, उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
बृहस्पतिवार को यह मामला मीडिया में आने के बाद दोपहर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हितेंद्र मोहन त्रिपाठी की अगुवाई में पहुंची और किचन में रखी सामग्री की जांच की। इस दौरान कैंटीन रखे कई खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता ठीक नहीं दिख रही थी। इसके बाद टीम ने पके भोजन के कुछ सैंपल लेकर फूड सेफ्टी वैन के लैब में इसकी जांच की। इसके बाद टीम ने यहां से दही, सॉस, जीरा, मसाला और अरहर के सैंपल लिए। किचन में गंदगी दिखी। इसके अलावा किचन के फ्रिज में चिकन रखा था, जिसे संभवत: एक दिन पहले बनाया गया था।
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बीते सितंबर में भी मिला था खाने में कीड़ा
एम्स के मेस में बने खाने में बीते सितंबर में कीड़ा मिलने के बाद हंगामा मचा था। अगले दिन पहुंची खाद्य सुरक्षा विभाग टीम ने जांच की थी तो कैंटीन में भी एक्सपायरी डेट का नमकीन मिला था। इसके बाद कैंटीन में पनीर, समोसा और नमकीन के सैंपल भी लिए गए थे। कैंटीन को बंद करा दिया गया था। सैंपल में दो नमूने फेल भी हुए थे।
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30 विद्यार्थियों को हुई थी फूड प्वाॅइजनिंग, बासी मीट खाने का है अंदेशा
गोरखपुर। फूड प्वॉइजनिंग का मामला सामने आने के बाद बृहस्पतिवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एम्स के मेस में खाद्य सामग्रियों का नमूना लिया। इस दौरान टीम यह देखकर चौंक गई कि किचन के फ्रिज में बासी चिकन रखा था। वहीं दही के पैकेट पर एक्सपायरी डेट भी नहीं थी। टीम ने कुछ खाद्य पदार्थों के नमूनों की मौके पर ही जांच की। इसके अलावा दही समेत पांच नमूनों का सैंपल भी लिया।
दो दिन पहले एम्स के कई छात्र फूड प्वाॅइजनिंग के चलते बीमार हो गए थे। परिसर में चर्चा है कि करीब 30 छात्र-छात्राओं ने मेस में खाना खाया था, जिसके बाद सभी को उल्टी-दस्त होने लगी। कहा जा रहा है कि इन लोगों ने मीट खाया था। हालांकि, एम्स प्रशासन की तरफ से बताया गया कि कुल 19 छात्र बीमार हुए थे, जिनमें से 18 की हालत अब ठीक है। एक छात्रा जिसकी स्थिति गंभीर थी, उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
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बृहस्पतिवार को यह मामला मीडिया में आने के बाद दोपहर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हितेंद्र मोहन त्रिपाठी की अगुवाई में पहुंची और किचन में रखी सामग्री की जांच की। इस दौरान कैंटीन रखे कई खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता ठीक नहीं दिख रही थी। इसके बाद टीम ने पके भोजन के कुछ सैंपल लेकर फूड सेफ्टी वैन के लैब में इसकी जांच की। इसके बाद टीम ने यहां से दही, सॉस, जीरा, मसाला और अरहर के सैंपल लिए। किचन में गंदगी दिखी। इसके अलावा किचन के फ्रिज में चिकन रखा था, जिसे संभवत: एक दिन पहले बनाया गया था।
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बीते सितंबर में भी मिला था खाने में कीड़ा
एम्स के मेस में बने खाने में बीते सितंबर में कीड़ा मिलने के बाद हंगामा मचा था। अगले दिन पहुंची खाद्य सुरक्षा विभाग टीम ने जांच की थी तो कैंटीन में भी एक्सपायरी डेट का नमकीन मिला था। इसके बाद कैंटीन में पनीर, समोसा और नमकीन के सैंपल भी लिए गए थे। कैंटीन को बंद करा दिया गया था। सैंपल में दो नमूने फेल भी हुए थे।