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Gorakhpur News: टीबी के संभावित मरीजों की बनेगी विशेष आईडी, हर घर में होगी तलाश
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गोरखपुर। सघन टीबी उन्मूलन अभियान के दौरान उच्च जोखिम श्रेणी के संभावित टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग की जाएगी। साथ ही उनकी निक्षय पोर्टल पर विशेष आईडी बनाई जाएगी। जांच के बाद जिनमें टीबी बीमारी की पुष्टि होगी, उनका उपचार शुरू होगा और बाकी आईडी बंद कर दी जाएगी। टीबी मरीजों के करीबियों की भी जांच होगी और टीबी की पुष्टि नहीं होने पर इलाज किया जाएगा। यह जानकारी सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने दी। वह बृहस्पतिवार को कार्यालय में टीबी रोगी खोजी वाहन को हरी झंडी दिखाने के बाद कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे।
सीएमओ ने आगे कहा कि यह वैन पोर्टेबल एक्स रे मशीन के साथ जाएगी, प्रतिदिन संभावित टीबी मरीजों की जांच साथ चलने वाले कर्मचारी करेंगे। अभियान के दौरान 60 साल से अधिक उम्र के लोग, कुपोषित या कमजोर लोग, मधुमेह रोगी, धुम्रपान व नशा करने वाले, इलाज प्राप्त कर रहे टीबी मरीजों के करीबी, इलाज पूरा कर चुके टीबी रोगी, एचआईवी मरीज और मलिन बस्तियों में रहने वाले लोग उच्च जोखिम श्रेणी में आते हैं। उच्च जोखिम वाले संभावित टीबी मरीजों को एक्स रे केंद्र और सीबीनॉट मशीन तक ले जाने के लिए 108 नंबर एंबुलेंस सेवा की भी सुविधा सरकारी खर्चे पर दी जाएगी। अलग-अलग स्थानों पर कैंप लगाकर भी जांच होगी। इसके अलावा समाज के प्रभावशाली लोगों और धर्मगुरुओं की भी मदद ली जाएगी।
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सीएमओ ने आगे कहा कि यह वैन पोर्टेबल एक्स रे मशीन के साथ जाएगी, प्रतिदिन संभावित टीबी मरीजों की जांच साथ चलने वाले कर्मचारी करेंगे। अभियान के दौरान 60 साल से अधिक उम्र के लोग, कुपोषित या कमजोर लोग, मधुमेह रोगी, धुम्रपान व नशा करने वाले, इलाज प्राप्त कर रहे टीबी मरीजों के करीबी, इलाज पूरा कर चुके टीबी रोगी, एचआईवी मरीज और मलिन बस्तियों में रहने वाले लोग उच्च जोखिम श्रेणी में आते हैं। उच्च जोखिम वाले संभावित टीबी मरीजों को एक्स रे केंद्र और सीबीनॉट मशीन तक ले जाने के लिए 108 नंबर एंबुलेंस सेवा की भी सुविधा सरकारी खर्चे पर दी जाएगी। अलग-अलग स्थानों पर कैंप लगाकर भी जांच होगी। इसके अलावा समाज के प्रभावशाली लोगों और धर्मगुरुओं की भी मदद ली जाएगी।
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