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Gorakhpur News: पैर पर मारकर तो कभी शरीर छूकर भटकाती हैं ध्यान...पलक झपकते उड़ा लेती हैं चेन
Wed, 17 Sep 2025 01:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 17 Sep 2025 01:45 AM IST
सार
ऑटो में महिलाओं के साथ जेवरात चोरी के बढ़ते मामलों को देखते हुए शातिर चोरों को पकड़ने के लिए शहर के सभी थानों से दो-दो महिला सिपाहियों को लगाया गया था। सादे कपड़े में ये महिला सिपाही जेवरात पहनकर अलग-अलग रूट पर ऑटो में सफर कर रहीं थीं।
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गीडा पुलिस द्वारा जेल भेजी गई आरोपी महिलाएं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
ऑटो या ई-रिक्शा से जाने वाली महिलाएं सतर्क रहें। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सक्रिय लुटेरी महिलाएं बड़ी चालाकी से ध्यान भटकाती हैं। बातचीत और हंसी-मजाक करती हैं। वे पैर मारकर तो कभी शरीर को छूकर ध्यान भटकाती हैं और फिर पलक झपकते ही गहने उड़ा लेती हैं। हाल में ही पुलिस ने ऐसे गिरोह को पकड़ा है।
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पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह महिलाओं की आड़ लेकर बड़ी सफाई से वारदात को अंजाम देता है। गिरोह की महिलाएं कभी सलवार-कुर्ता तो कभी साड़ी और घूंघट में ऑटो या ई-रिक्शा में बैठती हैं। इनके साथियों का काम था चौराहों पर ऑटो बदलवाना।
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शिकार बनी महिला को भनक भी नहीं लगती थी और झुमके या गले का हार अचानक गायब हो जाता था। अगले चौराहे पर उतरने के बाद ये महिलाएं दूसरे ऑटो में बैठकर आसानी से भीड़ में गुम हो जातीं।
जुलाई 2025 में बेलीपार इलाके की अनीता, धर्मशाला बाजार से पनियरा क्षेत्र जाने के लिए ऑटो में बैठीं।
सरहरी के पास तीन महिलाएं बैठीं और धक्का देकर परेशान करने लगीं। कुछ देर बाद वह मलंग स्थान के पास उतर गईं। आगे जाकर अनीता ने ध्यान दिया तो गले से सोने की चेन गायब थी। कुशीनगर की मनोरमा देवी ने बताया कि वह एक बार मेडिकल कॉलेज से काली मंदिर की तरफ जा रही थीं।
जुलाई 2025 में बेलीपार इलाके की अनीता, धर्मशाला बाजार से पनियरा क्षेत्र जाने के लिए ऑटो में बैठीं।
सरहरी के पास तीन महिलाएं बैठीं और धक्का देकर परेशान करने लगीं। कुछ देर बाद वह मलंग स्थान के पास उतर गईं। आगे जाकर अनीता ने ध्यान दिया तो गले से सोने की चेन गायब थी। कुशीनगर की मनोरमा देवी ने बताया कि वह एक बार मेडिकल कॉलेज से काली मंदिर की तरफ जा रही थीं।
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इस दौरान राप्तीनगर में दो औरतें ऑटो में बैठीं और चरगांवा में उतर गईं। थोड़ी देर बाद जब ध्यान दिया तो गले से चेन गायब थी। इसी तरह अनामिका सिंह रुस्तमपुर से एम्स जाने के लिए ऑटो में बैठीं तभी बुढिया माता मंदिर जाने के लिए पांच महिलाएं बैठ गईं। उनके साथ एक बच्ची भी थी। बच्ची बार-बार पैर मार रही थी। वह देखने के लिए झुकी भी थीं। एम्स के पास उतरने के बाद देखा तो गले में चेन नहीं था।
आम यात्रियाें जैसे रहती थीं..भांप पाना मुश्किल
ऑटो में महिलाओं के साथ जेवरात चोरी के बढ़ते मामलों को देखते हुए शातिर चोरों को पकड़ने के लिए शहर के सभी थानों से दो-दो महिला सिपाहियों को लगाया गया था। सादे कपड़े में ये महिला सिपाही जेवरात पहनकर अलग-अलग रूट पर ऑटो में सफर कर रहीं थीं।
पुलिस की जांच में आया है कि गिरोह का सबसे बड़ा हथियार था उसका भेष बदलना। सलवार-कुर्ता, साड़ी, घूंघट और कभी-कभी बच्चों को गोद में लेकर सफर करने से ये महिलाएं आम यात्रियों जैसी दिखती थीं। यही कारण था कि कई बार पीड़ित महिलाएं खुद भी भ्रमित हो जातीं और चोरी का पता काफी देर बाद चलता। ये महिलाएं एक ही ऑटो में ज्यादा देर नहीं रुकतीं थीं।
ऑटो में महिलाओं के साथ जेवरात चोरी के बढ़ते मामलों को देखते हुए शातिर चोरों को पकड़ने के लिए शहर के सभी थानों से दो-दो महिला सिपाहियों को लगाया गया था। सादे कपड़े में ये महिला सिपाही जेवरात पहनकर अलग-अलग रूट पर ऑटो में सफर कर रहीं थीं।
पुलिस की जांच में आया है कि गिरोह का सबसे बड़ा हथियार था उसका भेष बदलना। सलवार-कुर्ता, साड़ी, घूंघट और कभी-कभी बच्चों को गोद में लेकर सफर करने से ये महिलाएं आम यात्रियों जैसी दिखती थीं। यही कारण था कि कई बार पीड़ित महिलाएं खुद भी भ्रमित हो जातीं और चोरी का पता काफी देर बाद चलता। ये महिलाएं एक ही ऑटो में ज्यादा देर नहीं रुकतीं थीं।