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Gorakhpur News: धनतेरस के साथ आज से शुरू होगा छह दिनों का दीपोत्सव महापर्व
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गोरखपुर। दीपोत्सव का छह दिनों का महापर्व मंगलवार को धनतेरस से शुरू हो जाएगा। मंगलवार को लोग बाजारों में धनतेरस को लेकर खरीदारी करेंगे। इस दिन सुबह 11 बजे के बाद त्रियोदशी तिथि हो रही है जो 30 को दोपहर 1:05 तक रहेगी। इस दिन लोग सोना, चांदी, वाहन, बर्तन, झाड़ू, नमक व गणेश लक्ष्मी प्रतिमा, पूजन सामग्री इत्यादि की खरीदारी करेंगे। शाम पांच बजे से रात 8:32 तक वृष स्थिर लग्न व प्रदोष काल होगा। इसमें भगवान धनवंतरी की पूजा-अर्चना विधि पूर्वक की जाएगी। बृहस्पतिवार को दिवाली होगी।
पंडित विकास मालवीय ने बताया कि धनतेरस के अगले दिन 30 अक्तूबर को छोटी दिवाली व नरक चतुर्दशी होगी। इस दिन शाम को शाम 5:20 से शाम छह बजे तक के बीच में यम का दीया निकलेगा। इससे घर का दोष दूर होता है। 31 अक्तूबर बृहस्पतिवार को दिवाली धूमधाम से मनाई जाएगी। एक नवंबर को परूआ होगा।
गोरखनाथ मंदिर संस्कृत विद्यापीठ के सहायक आचार्य डॉ. प्रांगेश कुमार मिश्र ने बताया कि दो नवंबर को गोवर्धन पूजा धूमधाम से मनाई जाएगी। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्रदेव के क्रोध से व्रजवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को उठाया था। इसमें गोबर से बने गोधन-गोधनी की पूजा होगी। तीन नवंबर को भाई दूज मनाया जाएगा। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। इसमें बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाएंगी व उन्हें भोजन कराएंगी। इसदिन चित्रगुप्त जयंती भी मनाई जाएगी।
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पंडित विकास मालवीय ने बताया कि धनतेरस के अगले दिन 30 अक्तूबर को छोटी दिवाली व नरक चतुर्दशी होगी। इस दिन शाम को शाम 5:20 से शाम छह बजे तक के बीच में यम का दीया निकलेगा। इससे घर का दोष दूर होता है। 31 अक्तूबर बृहस्पतिवार को दिवाली धूमधाम से मनाई जाएगी। एक नवंबर को परूआ होगा।
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गोरखनाथ मंदिर संस्कृत विद्यापीठ के सहायक आचार्य डॉ. प्रांगेश कुमार मिश्र ने बताया कि दो नवंबर को गोवर्धन पूजा धूमधाम से मनाई जाएगी। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्रदेव के क्रोध से व्रजवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को उठाया था। इसमें गोबर से बने गोधन-गोधनी की पूजा होगी। तीन नवंबर को भाई दूज मनाया जाएगा। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। इसमें बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाएंगी व उन्हें भोजन कराएंगी। इसदिन चित्रगुप्त जयंती भी मनाई जाएगी।
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