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Gorakhpur News: हफ्ते भर में छह कौओं की मौत...चिड़ियाघर प्रशासन की बढ़ी चिंता
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कौओं का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है भोपाल
गोरखपुर। बर्ड फ्लू से बाघिन शक्ति की मौत के बाद चिड़ियाघर में लगातार कौओं की मौत ने चिड़ियाघर प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। एक सप्ताह के अंदर चिड़ियाघर में छह कौओं की मौत हो चुकी है। रविवार को भी परिसर में एक कौआ मरा मिला।
चिड़ियाघर में वन्यजीवों की मौत और संक्रमण की जांच के लिए सीजेडए की केंद्रीय टीम आई है। विशेषज्ञों को आशंका है कि कौए ही संक्रमण के कैरियर बन रहे हैं। चिड़ियाघर में आए दिन हो रही कौओं की मौत ने विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। इस बीच दो दिन से मौसम में नरमी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे में कौओं की मौत गर्मी की वजह से नहीं हो सकती। इस स्थिति में हिरण के बाड़े के पास लगातार तीन कौओं की मौत ने चिड़ियाघर प्रशासन को भी सकते में डाल रखा है।
अब तक मरे छह कौओं का सैंपल चिड़ियाघर प्रशासन ने जांच के लिए राष्ट्रीय उच्च पशु रोग संस्थान भोपाल को भेज दिया है। माना जा रहा है कि कहीं न कहीं किसी पक्षी से ही बर्ड फ्लू का संक्रमण चिड़ियाघर के जानवरों में पहुंचा है। हालांकि, अब तक बर्ड फ्लू के कैरियर की पुष्टि न तो चिड़ियाघर प्रशासन कर पाया न ही आईवीआरआई बरेली की टीम कर पाई है। अब सभी को राष्ट्रीय उच्च पशु रोग संस्थान, भोपाल की रिपोर्ट का इंतजार है।
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केंद्रीय टीम को सुपुर्द किए जाएंगे कौए
शनिवार और रविवार को चिड़ियाघर में दो कौओं की मौत हुई है। चिड़ियाघर प्रशासन दोनों को केंद्रीय टीम को सुपुर्द करेगा। यह टीम इनकी जांच करेगी। चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि कौए और पक्षी ही संक्रमण के कैरियर बन रहे हैं। यह बाहर कहीं संक्रमित मांस का टुकड़ा खाकर चिड़ियाघर में घूम रहे हैं। जांच के लिए सैंपल भोपाल भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।
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गोरखपुर। बर्ड फ्लू से बाघिन शक्ति की मौत के बाद चिड़ियाघर में लगातार कौओं की मौत ने चिड़ियाघर प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। एक सप्ताह के अंदर चिड़ियाघर में छह कौओं की मौत हो चुकी है। रविवार को भी परिसर में एक कौआ मरा मिला।
चिड़ियाघर में वन्यजीवों की मौत और संक्रमण की जांच के लिए सीजेडए की केंद्रीय टीम आई है। विशेषज्ञों को आशंका है कि कौए ही संक्रमण के कैरियर बन रहे हैं। चिड़ियाघर में आए दिन हो रही कौओं की मौत ने विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। इस बीच दो दिन से मौसम में नरमी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे में कौओं की मौत गर्मी की वजह से नहीं हो सकती। इस स्थिति में हिरण के बाड़े के पास लगातार तीन कौओं की मौत ने चिड़ियाघर प्रशासन को भी सकते में डाल रखा है।
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अब तक मरे छह कौओं का सैंपल चिड़ियाघर प्रशासन ने जांच के लिए राष्ट्रीय उच्च पशु रोग संस्थान भोपाल को भेज दिया है। माना जा रहा है कि कहीं न कहीं किसी पक्षी से ही बर्ड फ्लू का संक्रमण चिड़ियाघर के जानवरों में पहुंचा है। हालांकि, अब तक बर्ड फ्लू के कैरियर की पुष्टि न तो चिड़ियाघर प्रशासन कर पाया न ही आईवीआरआई बरेली की टीम कर पाई है। अब सभी को राष्ट्रीय उच्च पशु रोग संस्थान, भोपाल की रिपोर्ट का इंतजार है।
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केंद्रीय टीम को सुपुर्द किए जाएंगे कौए
शनिवार और रविवार को चिड़ियाघर में दो कौओं की मौत हुई है। चिड़ियाघर प्रशासन दोनों को केंद्रीय टीम को सुपुर्द करेगा। यह टीम इनकी जांच करेगी। चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि कौए और पक्षी ही संक्रमण के कैरियर बन रहे हैं। यह बाहर कहीं संक्रमित मांस का टुकड़ा खाकर चिड़ियाघर में घूम रहे हैं। जांच के लिए सैंपल भोपाल भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।