फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Sick lion Pataudi sent from Gorakhpur zoo to Kanpur zoo, now will be treated there

गोरखपुर चिड़ियाघर: शेर पटौदी भी अब बीमार...कानपुर चिड़ियाघर में होगा इलाज, 'मरियम' की मौत के बाद से है गुमसुम

Sun, 11 May 2025 01:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sun, 11 May 2025 01:07 AM IST
सार

शुक्रवार को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने चिड़ियाघर के निरीक्षण के दौरान पटौदी को भी देखा। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए इसे कानपुर चिड़ियाघर भेजने का निर्णय हुआ। शनिवार रात में उसे कानपुर भेज दिया गया।

विज्ञापन
Sick lion Pataudi sent from Gorakhpur zoo to Kanpur zoo, now will be treated there
बब्बर शेर( फाइल फोटो) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

गोरखपुर चिड़ियाघर में करीब एक माह से बीमार बब्बर शेर पटौदी को शनिवार की रात कानपुर चिड़ियाघर भेज दिया गया। वहीं, पर उसका इलाज होगा। प्रदेश के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना से निर्देश मिलने के बाद इस शेर को कानपुर भेजने का फैसला हुआ।

विज्ञापन


बब्बर शेर की औसत उम्र 15 से 16 वर्ष होती है। पटौदी करीब 15 वर्ष का हो गया है। ऐसे में उम्र के साथ उसकी खुराक भी कम हो गई है। उसका महीने भर से इलाज चल रहा है। इंडियन वेटनेरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई) बरेली की टीम ने भी इसका इलाज किया।
विज्ञापन


शुक्रवार को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने चिड़ियाघर के निरीक्षण के दौरान पटौदी को भी देखा। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए इसे कानपुर चिड़ियाघर भेजने का निर्णय हुआ। शनिवार रात में उसे कानपुर भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पटौदी काफी कमजोर हो गया है, जिस वजह से उसे बिना हड्डी वाला मीट ही दिया जा रहा है। आमतौर पर बब्बर शेर को गर्मी में 10 से 12 किलो मीट दिया जाता है, लेकिन पटौदी केवल चार से पांच किलो मीट ही खा रहा है।

शेरनी मरियम की मौत के बाद रहता है गुमसुम
चिड़ियाघर में पिछले साल शेरनी मरियम की मौत हो गई थी। उसके बाद से ही बब्बर शेर पटौदी काफी गुमसुम रहता है। साथी के जाने के बाद वह ज्यादातर समय बाड़े के कोने में पड़े रहता है। बता दें कि चिड़ियाघर में फरवरी 2021 में इटावा लायन सफारी से बब्बर शेर पटौदी और शेरनी मरियम को लाया गया था।

पटौदी को गुजरात के शक्करबाग से इटावा लाया गया था। इसे पहले जंगल से पकड़ा गया था। इटावा सफारी में दोनों में नजदीकियां भी बढ़ गई थीं। वहीं इसकी जोड़ी मरियम के साथ बनाई गई थी। गोरखपुर आने के बाद दोनों एक-दूसरे को देखते रहते थे।

पटौदी की उम्र करीब 15 वर्ष है। मरियम (17) इससे बड़ी थी। वह प्रदेश की सबसे उम्रदराज शेरनी थी। उम्र ज्यादा होने पर उसकी तबीयत खराब रहने लगी और दो अप्रैल 2024 को उसकी मौत हो गई।


पटौदी को बेहतर इलाज के लिए कानपुर चिड़ियाघर भेजा गया है। आईवीआरआई की टीम ने भी उसका इलाज किया और कानपुर भेजने का सुझाव दिया: विकास यादव, निदेशक, चिड़ियाघर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed