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ज्ञान की खोज करना ही अनुसंधान है: प्रो. सुशील कुमार सिंह
Fri, 31 May 2024 05:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 31 May 2024 05:54 AM IST
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गोरखपुर। दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज एवं साइंस टेक इंस्टीट्यूट, लखनऊ की ओर से चल रहे तीन दिवसीय ऑनलाइन इंटरनेशनल कांफ्रेंस में ''अनुसंधान के विभिन्न पहलू'' विषय पर दूसरे दिन चर्चा हुई। साइंस टेक इंस्टीट्यूट के प्रो. सुशील कुमार सिंह ने कहा कि व्यापक अर्थ में अनुसंधान किसी भी क्षेत्र में ''''ज्ञान की खोज करना'''' या ''''विधिवत गवेषणा'''' करना होता है।
उन्होंने आगे कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान में वैज्ञानिक विधि का सहारा लेते हुए जिज्ञासा का समाधान करने की कोशिश की जाती है। नवीन वस्तुओं की खोज और पुरानी वस्तुओं एवं सिद्धान्तों का पुनः परीक्षण करना, जिससे कि नए तथ्य प्राप्त हो सके, उसे शोध कहते हैं।
कांफ्रेंस के दूसरे सत्र में 48 रिसर्च स्कॉलर्स ने पेपर प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. धर्मेंद्र कुमार यादव ने किया। सभी प्रतिभागियों का स्वागत आईक्यूएसी समन्यवक प्रो. परीक्षित सिंह और आभार ज्ञापन प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश सिंह ने किया। इस अवसर पर श्वेता सिंह, डॉ. नेहा सिंह, प्रो. नित्यानंद श्रीवास्तव, प्रो. शुभ्रा श्रीवास्तव, डॉ. इंद्रेश पांडेय, डॉ. आरपी यादव, डॉ. पवन पांडेय, डॉ. शैलेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने आगे कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान में वैज्ञानिक विधि का सहारा लेते हुए जिज्ञासा का समाधान करने की कोशिश की जाती है। नवीन वस्तुओं की खोज और पुरानी वस्तुओं एवं सिद्धान्तों का पुनः परीक्षण करना, जिससे कि नए तथ्य प्राप्त हो सके, उसे शोध कहते हैं।
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कांफ्रेंस के दूसरे सत्र में 48 रिसर्च स्कॉलर्स ने पेपर प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. धर्मेंद्र कुमार यादव ने किया। सभी प्रतिभागियों का स्वागत आईक्यूएसी समन्यवक प्रो. परीक्षित सिंह और आभार ज्ञापन प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश सिंह ने किया। इस अवसर पर श्वेता सिंह, डॉ. नेहा सिंह, प्रो. नित्यानंद श्रीवास्तव, प्रो. शुभ्रा श्रीवास्तव, डॉ. इंद्रेश पांडेय, डॉ. आरपी यादव, डॉ. पवन पांडेय, डॉ. शैलेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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