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एसबीआई जंगल कौड़िया : 78 पन्ने की जांच रिपोर्ट... बड़े गबन की आशंका

Fri, 07 Mar 2025 12:48 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 07 Mar 2025 12:48 AM IST
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Gorakhpur News: SBI Jungle Kauriya: 78 page investigation report... suspicion of big embezzlement
71 लाख से अधिक की धोखाधड़ी मामले में जांच रिपोर्ट लेकर लखनऊ से पहुंचे सहायक महाप्रबंधक सुरेश कुमार
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चौकी इंचार्ज जंगल कौड़िया को सौंपी जांच रिपोर्ट, आरोपियों पर और सख्त कार्रवाई में पुलिस को मिलेगी मदद


जंगल कौड़िया। एसबीआई जंगल कौड़िया में 71 लाख से उपर के धोखाधड़ी मामले की जांच रिपोर्ट बृहस्पतिवार को पुलिस को सौंप दी गई। लखनऊ से 78 पन्नों की रिपोर्ट लेकर आए सहायक महाप्रबंधक जांच एवं पूछताछ सुरेश कुमार ने चौकी इंचार्ज को दी। सूत्र बताते हैं कि रिपोर्ट में और भी बड़े गबन की आशंका है। फिलहाल, पुलिस जांच रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है।
सूत्रों के अनुसार एसबीआई शाखा जंगल कौड़िया में पेंशन, पशु लोन और ग्राहकों के बिना जानकारी के बैंक एफडी तोड़े जाने से संबंधित मामले की 78 पन्ने की जांच रिपोर्ट है। इसमें आठ ऐसे लोगों को पेंशन लोन बैंक अधिकारियों की ओर से दिए गए जो मौके पर पेंशनर नहीं मिले हैं। इनका रिकॉर्ड बैंक के पास उपलब्ध है। जबकि रामजतन तिवारी नाम के एक व्यक्ति को 99 हजार आठ सौ का पेंशन लोन दिया गया। खोजने के बाद भी बैंक को इनका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। वहीं बैंक से जुड़े छह ग्राहक ऐसे हैं जिन्होंने लोन के लिए कभी आवेदन नहीं किया लेकिन उनको लोन दे दिया गया। तीन लोन केसीसी के फर्जी स्वीकृत भी किए गए हैं।
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बता दें कि मामले के उजागर होने के बाद से बैंक की आंतरिक टीम जांच में जुटी हुई थी। कई बार लखनऊ से आकर टीम ने शाखा में छानबीन भी की थी। इधर, इस संबंध में जंगल कौड़िया चौकी प्रभारी विकास मिश्रा ने बताया कि सहायक महाप्रबंधक ने विभिन्न धोखाधड़ी मामले की रिपोर्ट दी है। इसके अनुरूप विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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मृत व्यक्तियों के जीवित प्रमाण पत्र सिस्टम में फिट
सूत्रों के अनुसार 13 मृत व्यक्तियों का फर्जी जीवित प्रमाणपत्र बैंक के सिस्टम में फिट किया गया है। वहीं अनेक मृत व्यक्तियों के खाते में लाखों रुपया भेजे गए। अधिकतर रकम सीएसपी यानी ग्राहक सेवा केंद्र से निकाले गए हैं। लखनऊ से आए अफसर ने चौकी इंचार्ज को रिपोर्ट सौंपने के बाद बृहस्पतिवार रात में आठ बजे चौकी इंचार्ज से बातचीत की। इसमें अफसर ने बयान भी दर्ज कराए। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस को आरोपियों पर और सख्त कार्रवाई में मदद मिलेगी।

राजू सिंह की शिकायत पर खुलता गया मामला
वर्ष 2024 में रसूलपुर चकिया निवासी राजू सिंह ने एसबीआई के अधिकारियों से शिकायत की थी कि उन्होंने शाखा में दो एफडी में रकम जमा की थी। उनकी बिना जानकारी के ही तीन लाख की एफडी तोड़ दी गई। रकम को दूसरे के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। जबकि एफडी की मूल प्रति उनके पास थी। बैंक अधिकारियों ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक भास्कर भूषण, कैशियर अमरेंद्र सिंह और कैंटीन बॉय पंकज मणि त्रिपाठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक भास्कर भूषण ने अरेस्ट स्टे लिया है। इसके चलते पुलिस ने उसको गिरफ्तार नहीं किया है। जबकि बीते वर्ष अक्तूबर में कैशियर अमरेंद्र सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। वहीं कैंटीन बाय पंकज मणि त्रिपाठी ने 16 जनवरी को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद से वह जेल में बंद है।
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