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Gorakhpur News: प्राकृतिक विधि के जल शोधन से नदी की शुद्धि के साथ करोड़ों की बचत

Sat, 04 Jan 2025 01:08 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jan 2025 01:08 AM IST
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Gorakhpur News: Saving of crores along with purification of river through natural method of water purification
सीएम योगी ने किया राप्ती नदी में गिरने वाले नालों के जल शोधन की 2 करोड़ 70 लाख की परियोजना का शुभारंभ
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जल शोधन उर्वरता और जीवन को बचाने का कार्य, हर नाले के साथ इसे जोड़ें

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राप्ती नदी में गिरने वाले नालों के प्राकृतिक विधि (फाइटोरेमिडीएशन तकनीकी) से जल शोधन की 2 करोड़ 70 लाख रुपये की नगर निगम की परियोजना का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक विधि से जल शोधन से नदी की शुद्धि के साथ करोड़ों रुपए की बचत भी होगी। इसमें न तो बिजली का खर्च आएगा और न ही मरम्मत में खर्च होगा। उन्होंने कहा कि इस विधि को और भी अच्छे ढंग से आगे बढ़ा सकते हैं। यह सतत विकास का एक मॉडल है। इसको हर नाले के साथ जोड़ सकते हैं।

शुक्रवार को तकियाघाट पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर में राप्ती नदी अविरल एवं निर्मल रहे, उसका जल स्वच्छ एवं सुंदर रहे, इसके लिए जो प्रयास नगर निगम ने किया है वह सराहनीय है। यह कार्य उर्वरता और जीवन को बचाने के लिए हुआ है। सीएम ने कहा कि महापुरुषों ने जल को जीवन माना है। प्रदूषित जल के कारण गोरखपुर के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1977 से लेकर 2017 तक 50 हजार मासूम बच्चे इंसेफेलाइटिस एवं वेक्टरजनित बीमारियों के कारण काल के गाल में समा गए। विषाणुजनित बीमारियों से होने वाली मौतों का कारण प्रदूषित जल और गंदगी था।
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पीएम मोदी की प्रेरणा से शुरू हुआ नदी संस्कृति को बचाने का कार्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नमामि गंगे परियोजना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से नदी संस्कृति को बचाने का कार्य शुरू किया गया है। आज उसका परिणाम है कि दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक व आध्यात्मिक समागम उत्तर प्रदेश की धरती प्रयागराज में मां गंगा, यमुना और सरस्वती की त्रिवेणी पर महाकुंभ के रूप में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में भी सभ्यता एवं संस्कृति नदी के तट पर बसी है। गोरखपुर राप्ती नदी व रोहिन नदी के तट पर बसा है। जो नदी हमारी सभ्यता व संस्कृति की जननी है, उसे शुद्ध करने का कार्य किया जा रहा है।
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पहले गंदा पानी सिंचाई लायक नहीं था
मुख्यमंत्री ने कहा कि राप्ती नदी में प्रदूषित पानी गिरने के कारण पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल नगर निगम पर लगातार जुर्माना कर रहा था। नगर निगम ने 110 करोड़ रुपये की लागत से एसटीपी बनने की तैयारी की थी। तब हमने कहा कि जल शोधन के लिए प्राकृतिक तरीका अपनाया जाए। आज उसका सुखद परिणाम सबके सामने है। पहले यहां पानी का बीओडी (बायो केमिकल ऑक्सीजन डिमांड) लेवल 350 तक पहुंच गया था और खतरनाक जहर से भी बदतर होकर वह खेतों में सिंचाई के लायक भी नहीं था। प्राकृतिक विधि से जल शोधन के बाद अब बीओडी लेवल शुद्ध स्थिति में आ गया है। इस परियोजना में अंतिम छोर पर गिरने वाले पानी का बीओडी लेवल 22 आया है। इस अवसर पर मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, राजेश गुप्ता, भोला अग्रहरि, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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नाले के शोधन कार्य का सीएम में लिया जायजा
मुख्यमंत्री नगर निगम की प्राकृतिक विधि (फाइटोरेमिडीएशन तकनीकी) से जल शोधन परियोजना का शुभारंभ करने से पूर्व इसका जायजा भी लिया। उन्होंने प्रोजेक्ट की डिजाइन का अवलोकन करने के साथ मौके पर जाकर शोधित जल की स्थिति भी देखा। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने उन्हें बताया कि महानगर से निकलने वाला दूषित जल मुख्य 15 नालों के माध्यम से राप्ती और रोहिन नदी में गिरता है। नदी के जल को दूषित होने से बचाने के लिए इलाहीबाग रेगुलेटर से तकिया घाट होते हुए राप्ती नदी में गिरने वाले नाले पर 2 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से प्राकृतिक विधि से जल शोधन का कार्य कराया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अन्य नालों को भी इंटरसेप्ट कर प्राकृतिक विधि से जल शोधन का सुझाव दिया।

बच्ची से पूछा- कैसी चल रही पढ़ाई
तकियाघाट पर जल शोधन परियोजना का निरीक्षण करने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कक्षा तीन में पढ़ने वाली आशिया नाम की एक बच्ची से पूछा कि पढ़ाई कैसी चल रही है। मुख्यमंत्री में आशिया और अन्य बच्चों को आशीर्वाद देते हुए चॉकलेट भी गिफ्ट किया।


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रुद्राभिषेक कर सीएम योगी ने की राष्ट्र कल्याण की कामना
गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर स्थित शक्तिपीठ में रुद्राभिषेक कर भगवान भोलेनाथ से राष्ट्र कल्याण और सभी नागरिकों के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। पौष माह की शुक्ल पक्ष चतुर्थी (विनायक चतुर्थी) के मान में हुए रुद्राभिषेक अनुष्ठान की पूर्णता सीएम योगी ने हवन करके की।
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