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Gorakhpur News: दिवाली में लिए गए पनीर-खोवा के नमूने फेल.. अब होली की बारी
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दिवाली से पहले शाहपुर समेत शहर में एक डेयरी समेत कई दुकानों से लिए गए थे पनीर के नमूने
खोवा, दाल, बेसन, सूजी, मैदा आदि के लिए भी लिए गए थे नमूने, अधिकांश में मिलावट की पुष्टि
धंधेबाजों ने फिर बाजार में पहुंचा दिया है मिलावटी सामान, सतर्कता से ही होगा बचाव
गोरखपुर। दशहरा से दिवाली के बीच लिए गए करीब डेढ़ सौ नमूनों में से अधिकांश की रिपोर्ट आ चुकी है। पनीर-खोवा, बेसन, घी आदि के 100 से अधिक नमूनों में मिलावट की पुष्टि हो चुकी है। अब होली की बारी है। धंधेबाजों ने पहले ही बाजार में मिलावटी खाद्य सामग्री पहुंचानी शुरू कर दी है। बीते शनिवार को रेलवे बस स्टेशन के सामने से 10 क्विंटल मिलावटी खोवा पकड़ा भी जा चुका है। वहीं पनीर की तलाश हो रही है। सूजी, बेसन, मैदा आदि के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार जांच और कार्रवाई कर रहा है। अब उपभोक्ताओं को भी खरीदारी करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।
साहबगंज मंडी और महेवा मंडी के अलावा यहां की खोवा मंडी से हर दिन सब्जी, मसाला, तेल, घी, बेसन, सूजी, पनीर आदि की सप्लाई शहर के अलावा देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर और बिहार प्रांत के बगहा, बेतिया, गोपालगंज जिले तक होती है। इसके अलावा पड़ोसी देश नेपाल के सीमावर्ती इलाके में भी यहीं से खाद्य सामग्री भेजी जाती है। इस वजह से हर दिन मंडी में 100 ट्रक से अधिक सामग्री का आवागमन रहता है। इतने बड़े पैमाने पर माल मंगाने व भेजने के चलते यहां की मंडी में धंधेबाज भी सक्रिय हो गए हैं। वे असली सामग्री के साथ-साथ मिलावटी खाद्य सामग्री भी मंडी में पहुंचाते हैं। मिलावटी सामान की थोक में कीमत कम होती है, जबकि फुटकर में यह भी असली के बराबर मूल्य पर ही बिकता है, जिससे मुनाफा अधिक होता है। इसलिए दुकानदार ऐसे सामग्री को भी अधिक तवज्जो देते हैं।
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आंकड़े बता रहे खतरनाक है स्थिति
खाद्य सुरक्षा विभाग ने अप्रैल से जनवरी तक पूरे जिले में 582 खाद्य नमूने लिए हैं, जिनमें से 541 की रिपोर्ट मिल चुकी है। इन 582 नमूनों में से करीब 150 नमूने अक्तूबर-नवंबर में लिए गए थे। इसमें से भी 126 की रिपोर्ट मिल चुकी है। सबसे खराब हालत पनीर और खोवा की है। पनीर के करीब आठ नमूनों में मिलावट की पुष्टि हुई है। खोवा के भी पांच नमूनों में मिलावट पाई गई है। इसके अलावा दाल, सूजी, बेसन, मूंगफली, कुट्टू के आटा के नमूने भी फेल हो चुके हैं। जांच में 26 नमूने असुरक्षित मिले हैं। इसमें भी पनीर-खोवा शामिल है। इसके अलावा 16 नमूने नियम विरुद्ध हैं। इसमें दाल, सूजी, बेसन आदि शामिल हैं। नियम विरुद्ध रिपोर्ट उन नमूनों की आती है, जिनमें दर्शाए गए अवयव जांच में नहीं मिलते। इसमें भी दाल और पनीर शामिल है।
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खुद की सतर्कता सबसे जरूरी
सेवानिवृत खाद्य निरीक्षक राजमणि गुप्ता कहते हैं कि बाजार में खरीदारी करते समय सतर्कता ही सबसे बेहतर है। खोवा-पनीर ही नहीं कोई भी खाद्य सामग्री एकदम से सस्ती मिल रही है तो इस पर विचार जरूर करें कि ऐसा कैसे हो सकता है। जितना दूध का उत्पादन नहीं है, उससे अधिक पनीर बिक रहा है। त्योहार के दिन मांग चाहे जितनी हो, दुकान पर सामान की कमी नहीं नहीं होती है। इतना पनीर, खोवा और घी सस्ते रेट में कहां से आ सकता है। इसलिए सामान खरीदते समय उसकी गुणवत्ता का ख्याल जरूर रखें।
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वर्जन
खाद्य सुरक्षा विभाग मिलावटी सामान की लगातार जांच कर रहा है। अप्रैल से जनवरी के बीच 582 सैंपल लिए गए जिनमें से 541 की जांच रिपोर्ट भी आ गई है। मिलावटखोराें के खिलाफ लगातार केस दर्ज कराए जा रहे हैं। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा दुकानदारों को भी इस बात के लिए सतर्क किया जा रहा है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाली खाद्य सामग्री की बिक्री न करें।
-डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा
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खोवा, दाल, बेसन, सूजी, मैदा आदि के लिए भी लिए गए थे नमूने, अधिकांश में मिलावट की पुष्टि
धंधेबाजों ने फिर बाजार में पहुंचा दिया है मिलावटी सामान, सतर्कता से ही होगा बचाव
गोरखपुर। दशहरा से दिवाली के बीच लिए गए करीब डेढ़ सौ नमूनों में से अधिकांश की रिपोर्ट आ चुकी है। पनीर-खोवा, बेसन, घी आदि के 100 से अधिक नमूनों में मिलावट की पुष्टि हो चुकी है। अब होली की बारी है। धंधेबाजों ने पहले ही बाजार में मिलावटी खाद्य सामग्री पहुंचानी शुरू कर दी है। बीते शनिवार को रेलवे बस स्टेशन के सामने से 10 क्विंटल मिलावटी खोवा पकड़ा भी जा चुका है। वहीं पनीर की तलाश हो रही है। सूजी, बेसन, मैदा आदि के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार जांच और कार्रवाई कर रहा है। अब उपभोक्ताओं को भी खरीदारी करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।
साहबगंज मंडी और महेवा मंडी के अलावा यहां की खोवा मंडी से हर दिन सब्जी, मसाला, तेल, घी, बेसन, सूजी, पनीर आदि की सप्लाई शहर के अलावा देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर और बिहार प्रांत के बगहा, बेतिया, गोपालगंज जिले तक होती है। इसके अलावा पड़ोसी देश नेपाल के सीमावर्ती इलाके में भी यहीं से खाद्य सामग्री भेजी जाती है। इस वजह से हर दिन मंडी में 100 ट्रक से अधिक सामग्री का आवागमन रहता है। इतने बड़े पैमाने पर माल मंगाने व भेजने के चलते यहां की मंडी में धंधेबाज भी सक्रिय हो गए हैं। वे असली सामग्री के साथ-साथ मिलावटी खाद्य सामग्री भी मंडी में पहुंचाते हैं। मिलावटी सामान की थोक में कीमत कम होती है, जबकि फुटकर में यह भी असली के बराबर मूल्य पर ही बिकता है, जिससे मुनाफा अधिक होता है। इसलिए दुकानदार ऐसे सामग्री को भी अधिक तवज्जो देते हैं।
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आंकड़े बता रहे खतरनाक है स्थिति
खाद्य सुरक्षा विभाग ने अप्रैल से जनवरी तक पूरे जिले में 582 खाद्य नमूने लिए हैं, जिनमें से 541 की रिपोर्ट मिल चुकी है। इन 582 नमूनों में से करीब 150 नमूने अक्तूबर-नवंबर में लिए गए थे। इसमें से भी 126 की रिपोर्ट मिल चुकी है। सबसे खराब हालत पनीर और खोवा की है। पनीर के करीब आठ नमूनों में मिलावट की पुष्टि हुई है। खोवा के भी पांच नमूनों में मिलावट पाई गई है। इसके अलावा दाल, सूजी, बेसन, मूंगफली, कुट्टू के आटा के नमूने भी फेल हो चुके हैं। जांच में 26 नमूने असुरक्षित मिले हैं। इसमें भी पनीर-खोवा शामिल है। इसके अलावा 16 नमूने नियम विरुद्ध हैं। इसमें दाल, सूजी, बेसन आदि शामिल हैं। नियम विरुद्ध रिपोर्ट उन नमूनों की आती है, जिनमें दर्शाए गए अवयव जांच में नहीं मिलते। इसमें भी दाल और पनीर शामिल है।
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खुद की सतर्कता सबसे जरूरी
सेवानिवृत खाद्य निरीक्षक राजमणि गुप्ता कहते हैं कि बाजार में खरीदारी करते समय सतर्कता ही सबसे बेहतर है। खोवा-पनीर ही नहीं कोई भी खाद्य सामग्री एकदम से सस्ती मिल रही है तो इस पर विचार जरूर करें कि ऐसा कैसे हो सकता है। जितना दूध का उत्पादन नहीं है, उससे अधिक पनीर बिक रहा है। त्योहार के दिन मांग चाहे जितनी हो, दुकान पर सामान की कमी नहीं नहीं होती है। इतना पनीर, खोवा और घी सस्ते रेट में कहां से आ सकता है। इसलिए सामान खरीदते समय उसकी गुणवत्ता का ख्याल जरूर रखें।
वर्जन
खाद्य सुरक्षा विभाग मिलावटी सामान की लगातार जांच कर रहा है। अप्रैल से जनवरी के बीच 582 सैंपल लिए गए जिनमें से 541 की जांच रिपोर्ट भी आ गई है। मिलावटखोराें के खिलाफ लगातार केस दर्ज कराए जा रहे हैं। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा दुकानदारों को भी इस बात के लिए सतर्क किया जा रहा है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाली खाद्य सामग्री की बिक्री न करें।
-डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा