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Gorakhpur News: सैकरीन का लिया नमूना, एक बोरी एक्सपायर साइट्रिक एसिड नष्ट कराया
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किराना की दुकान में बिक्री के लिए रखा था, दुकान पर आईसक्रीम बनाने का मिलता है सामान
आईसक्रीम बनाने में हो रहा है सैकरीन और साइट्रिक एसिड का इस्तेमाल
गोरखपुर। आईसक्रीम कैंडी को जमाने और मीठा बनाने में प्रयुक्त सैकरीन की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को धर्मशाला बाजार स्थित एक किराना की दुकान पर छापा मारा। यहां दिल्ली से बने एक पैकेट का नमूना लिया गया। पैकेट पर मेटल क्लीनर लिखा था। छानबीन में पता लगा कि इसका प्रयोग आईसक्रीम बनाने में किया जा रहा है, जबकि यह प्रतिबंधित है।
सेहत के लिए हानिकारक होने के कारण सैकरीन को खाद्य सामग्री में मिलाने पर प्रतिबंध लगा है। इससे नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचता है। लेकिन, इस प्रतिबंधित सामग्री का प्रयोग मिलावटखोर आईस कैंडी बनाने में कर रहे हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि चीनी चिपकती नहीं है और सैकरीन चिपक जाती है। बिक्री प्रतिबंधित होने के कारण धंधेबाजों ने इसकी पैकिंग बदल दी है। बाजार में चार ब्रांड के सैकरीन की बिक्री हाे रही है।
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एक्सपायर हो चुकी साइट्रिक एसिड को भी नष्ट कराया
सैकरीन की छानबीन में निकली खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने धर्मशाला बाजार की एक ऐसी दुकान पर छापा मारा, जहां आईसक्रीम बनाने के सामान बिकते हैं। इस दुकान में एक्सपायर हो चुके 18 बॉटल फ्लेवर एवं 25 किलो साइट्रिक एसिड मिली, जिसे नष्ट करा दिया गया। साइट्रिक एसिड का प्रयोग खाद्य सामग्री को खट्टा बनाने में किया जाता है। आशंका है कि इसका प्रयोग भी आईसक्रीम व कैंडी को अलग-अलग फ्लेवर देने के लिए किया जाता होगा। दोनों दुकानों में काफी गंदगी मिली, जिस पर उन्हें नोटिस दिया गया है।
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इस दौरान सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डॉ. सुधीर कुमार सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हितेंद्र मोहन तिवारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी उमाशंकर सिंह, श्रीनिवास, आशुतोष एवं विनय शाही मौजूद रहे।
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आईसक्रीम बनाने में हो रहा है सैकरीन और साइट्रिक एसिड का इस्तेमाल
गोरखपुर। आईसक्रीम कैंडी को जमाने और मीठा बनाने में प्रयुक्त सैकरीन की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को धर्मशाला बाजार स्थित एक किराना की दुकान पर छापा मारा। यहां दिल्ली से बने एक पैकेट का नमूना लिया गया। पैकेट पर मेटल क्लीनर लिखा था। छानबीन में पता लगा कि इसका प्रयोग आईसक्रीम बनाने में किया जा रहा है, जबकि यह प्रतिबंधित है।
सेहत के लिए हानिकारक होने के कारण सैकरीन को खाद्य सामग्री में मिलाने पर प्रतिबंध लगा है। इससे नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचता है। लेकिन, इस प्रतिबंधित सामग्री का प्रयोग मिलावटखोर आईस कैंडी बनाने में कर रहे हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि चीनी चिपकती नहीं है और सैकरीन चिपक जाती है। बिक्री प्रतिबंधित होने के कारण धंधेबाजों ने इसकी पैकिंग बदल दी है। बाजार में चार ब्रांड के सैकरीन की बिक्री हाे रही है।
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एक्सपायर हो चुकी साइट्रिक एसिड को भी नष्ट कराया
सैकरीन की छानबीन में निकली खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने धर्मशाला बाजार की एक ऐसी दुकान पर छापा मारा, जहां आईसक्रीम बनाने के सामान बिकते हैं। इस दुकान में एक्सपायर हो चुके 18 बॉटल फ्लेवर एवं 25 किलो साइट्रिक एसिड मिली, जिसे नष्ट करा दिया गया। साइट्रिक एसिड का प्रयोग खाद्य सामग्री को खट्टा बनाने में किया जाता है। आशंका है कि इसका प्रयोग भी आईसक्रीम व कैंडी को अलग-अलग फ्लेवर देने के लिए किया जाता होगा। दोनों दुकानों में काफी गंदगी मिली, जिस पर उन्हें नोटिस दिया गया है।
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इस दौरान सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डॉ. सुधीर कुमार सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हितेंद्र मोहन तिवारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी उमाशंकर सिंह, श्रीनिवास, आशुतोष एवं विनय शाही मौजूद रहे।