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Gorakhpur News: आरपीएफ-जीआरपी और स्थानीय पुलिस करेगी रेलवे ट्रैक की निगरानी
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गोरखपुर। कानपुर के पास अनवरगंज-कासगंज रूट पर पर गैस सिलिंडर रखने की घटना से सबक लेते हुए पूर्वोत्तर रेलवे ने भी अपने सभी ट्रैक की निगरानी तेज कर दी है। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ट्रैक पर नजर रख रही है। संवेदनशील स्थलों पर पहुंचकर सुरक्षाकर्मी लोगों को समझा रहे हैं। साथ ही ऐसी किसी आशंका की सूचना तुरंत ही वरिष्ठ अफसरों को देने के लिए नंबर भी साझा किया जा रहा है। इस काम में स्थानीय पुलिस व खुफिया एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है।
पिछले सप्ताह कालिंदी एक्सप्रेस को जानबूझकर पटरी से उतारने की कोशिश की गई थी। इसके लिए रेल लाइन पर गैस सिलिंडर रखा गया था। जब लोको पायलट को सिलेंडर के ट्रेन से टकराने की संदिग्ध आवाज सुनाई दी, तो उसने तुरंत ही बड़राजपुर और बिल्हौर क्षेत्र के बीच इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया था। इससे पहले बीते 16-17 अगस्त की रात कानपुर-झांसी रूट पर साबरमती एक्सप्रेस के डिब्बे इंजन समेत पटरी से नीचे उतर गए थे। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। जांच में रेलवे ट्रैक पर करीब तीन फिट लंबी रेल पटरी का टुकड़ा रखा था।
बीते 24-25 अगस्त की रात को फर्रुखाबाद में कानपुर-फर्रूखाबाद एक्सप्रेस ट्रेन को डिरेल करने की कोशिश हुई। वहां ट्रैक पर लकड़ी का बोटा रखा मिला था। लगातार हुईं इन घटनाओं से सबक लेते हुए पूर्वोत्तर रेलवे प्रबंधन ने अपने क्षेत्र में सभी ट्रैकों की निगरानी के निर्देश दिए हैं। आरपीएफ और जीआरपी की टीमों की पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। इसके अलावा स्थानीय पुलिस व खुफिया एजेंसियों के माध्यम से भी खुराफातियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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जीआरपी व आरपीएफ की टीम रेलवे लाइन के किनारे बसे गांव और कस्बों में जाकर वहां भी संवेदनशील स्थान चिह्नित कर लोगों को समझा रही है। रेलवे लाइन पर दिखे किसी भी संदिग्ध के बारे में तत्काल सूचना देने के लिए टीम अपना नंबर भी लोगों को उपलब्ध करा रही है।
वर्जन
पिछली घटनाओं को देखते हुए रेलवे लाइनों की पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। आरपीएफ व जीआरपी की टीमें संवेदनशील स्थलों को चिह्नित कर वहां विशेष निगरानी का प्रबंध कर रही है। जिनके घर रेल लाइन के किनारे है, उन लोगों से संपर्क कर सतर्क किया जा रहा है। लोगों को समझाया जा रहा है कि अगर कोई संदिग्ध दिखे तो तुरंत ही इसकी सूचना साझा करें।
-पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनईआर
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पिछले सप्ताह कालिंदी एक्सप्रेस को जानबूझकर पटरी से उतारने की कोशिश की गई थी। इसके लिए रेल लाइन पर गैस सिलिंडर रखा गया था। जब लोको पायलट को सिलेंडर के ट्रेन से टकराने की संदिग्ध आवाज सुनाई दी, तो उसने तुरंत ही बड़राजपुर और बिल्हौर क्षेत्र के बीच इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया था। इससे पहले बीते 16-17 अगस्त की रात कानपुर-झांसी रूट पर साबरमती एक्सप्रेस के डिब्बे इंजन समेत पटरी से नीचे उतर गए थे। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। जांच में रेलवे ट्रैक पर करीब तीन फिट लंबी रेल पटरी का टुकड़ा रखा था।
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बीते 24-25 अगस्त की रात को फर्रुखाबाद में कानपुर-फर्रूखाबाद एक्सप्रेस ट्रेन को डिरेल करने की कोशिश हुई। वहां ट्रैक पर लकड़ी का बोटा रखा मिला था। लगातार हुईं इन घटनाओं से सबक लेते हुए पूर्वोत्तर रेलवे प्रबंधन ने अपने क्षेत्र में सभी ट्रैकों की निगरानी के निर्देश दिए हैं। आरपीएफ और जीआरपी की टीमों की पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। इसके अलावा स्थानीय पुलिस व खुफिया एजेंसियों के माध्यम से भी खुराफातियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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जीआरपी व आरपीएफ की टीम रेलवे लाइन के किनारे बसे गांव और कस्बों में जाकर वहां भी संवेदनशील स्थान चिह्नित कर लोगों को समझा रही है। रेलवे लाइन पर दिखे किसी भी संदिग्ध के बारे में तत्काल सूचना देने के लिए टीम अपना नंबर भी लोगों को उपलब्ध करा रही है।
वर्जन
पिछली घटनाओं को देखते हुए रेलवे लाइनों की पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। आरपीएफ व जीआरपी की टीमें संवेदनशील स्थलों को चिह्नित कर वहां विशेष निगरानी का प्रबंध कर रही है। जिनके घर रेल लाइन के किनारे है, उन लोगों से संपर्क कर सतर्क किया जा रहा है। लोगों को समझाया जा रहा है कि अगर कोई संदिग्ध दिखे तो तुरंत ही इसकी सूचना साझा करें।
-पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनईआर