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Gorakhpur News: इलाज के नाम पर लूट तो हुई ही...डर गई थी इंजेक्शन देकर मारने की बात से

Sun, 26 Jan 2025 12:57 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jan 2025 12:57 AM IST
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Gorakhpur News: Robbery took place in the name of treatment...she was scared of being killed by injection
मरीज माफिया के चंगुल में फंसी नवजात की मां ने सुनाई अपनी पीड़ा
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गुलरिहा (गोरखपुर)। बीमार बच्चे की सलामती के लिए एंबुलेंस चालक के झांसे में आ गई। क्या पता था कि निजी अस्पताल के डॉक्टरों को मरीज की नहीं सिर्फ पैसों की चिंता होती है। हम जैसे ना जाने कितने रोज ऐसे ठगे जाते होंगे। अस्पताल वालों ने बच्चे को भर्ती करते ही 60 हजार वसूल लिए थे। ये हमारे लिए बड़ी रकम थी फिर भी हमने दे दिए कि बच्चे का इलाज सही से होगा, लेकिन अस्पताल वाले बात-बात पर रुपये मांगते थे। उस समय तो सहम ही गई थी, जब हमने बच्चे को आधी रात बीआरडी ले जाने की बात की और अस्पतालवालों ने बच्चे को गलत इंजेक्शन देकर मार देने की धमकी दी। भगवान से मनाती हूं कि कभी किसी के साथ ऐसा न हो।



ये दर्द है देवरिया जिले के सलेमपुर भरौली निवासी जयराम चौहान की पत्नी लीलावती का। बेहतर इलाज दिलाने का झांसा देकर उनके नवजात बीमार बेटे को सरकारी एंबुलेंस के चालक और ईएमटी ने एक निजी अस्पताल को बेच दिया था। शनिवार को जब अमर उजाला ने बात की तो अपनी पीड़ा सुनाते हुए वह भावुक हो गईं। लीलावती के बच्चे के सीने में जकड़न की परेशानी है। अभी बीआरडी मेडिकल कालेज के एनआईसीयू में उसका इलाज चल रहा है। उसके साथ पति और रिश्तेदार भी हैं।
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लीलावती ने बताया कि 17 जनवरी को मेरे नवजात बेटे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे देवरिया जिला अस्पताल ले गए, लेकिन वहां से बीआरडी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। तब बाहर खड़ी 108 नंबर एंबुलेंस से बच्चे को लेकर बीआरडी पहुंची। यहां बताया गया कि वेंटिलेटर खाली नहीं है, दो दिन इंतजार करना पड़ेगा। तब एंबुलेंस चालक ने कहा कि तब तक तो बच्चे की जान चली जाएगी। वह वेंटिलेटर और अच्छे इलाज का झांसा देकर एक निजी अस्पताल लेता गया। वहां उसे पांच-पांच सौ रुपये भी अस्पताल वालों ने दिए। इसके बाद बच्चे के इलाज के लिए अस्पतालकर्मियों ने उनसे 60 हजार रुपये जमा करा लिए। लेकिन बच्चे की तबीयत में सुधार नहीं हुआ। उन्होंने बच्चे को मेडिकल कॉलेज ले जाने की कोशिश की तो अस्पताल कर्मियों ने गलत इंजेक्शन लगाकर मारने की धमकी दी। पुलिस को सूचना दी तो रात में अस्पताल वालों ने निजी एंबुलेंस से देवरिया पहुंचा दिया, लेकिन वहां से डॉक्टर ने फिर बच्चे को गोरखपुर मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। इस तरह बच्चे के इलाज के लिए दौड़ती रही। अब भी बच्चे की तबीयय में सुधार नहीं हुआ है।
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एम्बुलेंस चालक व ईएमटी को भेजा जेल, बिचौलिए की तलाश

मरीज बेचने के आरोपी एंबुलेंस चालक उरुवा थाना क्षेत्र के भवानीपुर निवासी मुनेंद्र कुमार और ईएमटी सहजनवां के बनकटिया निवासी मिथिलेश गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। शनिवार को पुलिस ने दोनों से पूछताछ की, जिसमें कुछ तथ्य पुलिस के हाथ लगे हैं। पुलिस एक बिचौलिया की तलाश भी कर रही है।
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