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Gorakhpur News: नदियां बढ़ी खतरे की निशान की तरफ, रोहिन केवल चार सेंटीमीटर नीचे
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राप्ती नदी का तेजी से बढ़ रहा जलस्तर।
राप्ती में भी 48 घंटे में तीन मीटर पानी चढ़ा, नदी अब खतरे के निशान से केवल 82 सेंटीमीटर नीचे
बृहस्पतिवार को नदी खतरे के निशान को पार कर सकती है
गोरखपुर। नेपाल की पहाड़ियों पर लगातार हो रही बारिश का असर गोरखपुर की नदियों पर दिखने लगा है। राप्ती और रोहिन नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रोहिन नदी खतरे के निशान से मात्र चार सेंटीमीटर नीचे बह रही है और अनुमान है कि रात तक यह लाल निशान को पार कर जाएगी। वहीं राप्ती नदी में बीते 48 घंटों में करीब तीन मीटर पानी चढ़ चुका है और अब यह खतरे के निशान से केवल 82 सेंटीमीटर नीचे है।
नेपाल के श्रावस्ती और बांनगंगा बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। राप्ती में लगभग 70-74 हजार क्यूसेक और रोहिन में करीब 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यह पानी धीरे-धीरे गोरखपुर की ओर बढ़ रहा है।
सितंबर के अंतिम दिनों तक यह माना जा रहा था कि इस वर्ष बड़ी बाढ़ की संभावना नहीं है, क्योंकि राप्ती सामान्यतः खतरे के निशान से दो से तीन मीटर नीचे बह रही थी। लेकिन नेपाल में अचानक हुई भारी बारिश से स्थिति बदल गई है। रोहिन नदी जो इस बार अब तक खतरे के निशान के करीब भी नहीं पहुंच पाई थी, वह भी अब उफान पर है।
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उधर, सरयू नदी का जलस्तर भी अचानक बढ़ा है। अयोध्या से लेकर बरहज तक नदी ने खतरे का निशान पार कर लिया है। बरहज में सरयू नदी 65 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। राप्ती की सहायक गोर्रा नदी हालांकि अभी खतरे के निशान से 1.35 मीटर नीचे है, लेकिन सिंचाई विभाग के अफसरों का कहना है कि यदि बारिश का क्रम जारी रहा तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता विकास कुमार सिंह ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पानी छोड़े जाने और नेपाल की बारिश को देखते हुए अगले एक-दो दिनों में राप्ती और रोहिन का जलस्तर और बढ़ेगा।
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बृहस्पतिवार को नदी खतरे के निशान को पार कर सकती है
गोरखपुर। नेपाल की पहाड़ियों पर लगातार हो रही बारिश का असर गोरखपुर की नदियों पर दिखने लगा है। राप्ती और रोहिन नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रोहिन नदी खतरे के निशान से मात्र चार सेंटीमीटर नीचे बह रही है और अनुमान है कि रात तक यह लाल निशान को पार कर जाएगी। वहीं राप्ती नदी में बीते 48 घंटों में करीब तीन मीटर पानी चढ़ चुका है और अब यह खतरे के निशान से केवल 82 सेंटीमीटर नीचे है।
नेपाल के श्रावस्ती और बांनगंगा बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। राप्ती में लगभग 70-74 हजार क्यूसेक और रोहिन में करीब 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यह पानी धीरे-धीरे गोरखपुर की ओर बढ़ रहा है।
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सितंबर के अंतिम दिनों तक यह माना जा रहा था कि इस वर्ष बड़ी बाढ़ की संभावना नहीं है, क्योंकि राप्ती सामान्यतः खतरे के निशान से दो से तीन मीटर नीचे बह रही थी। लेकिन नेपाल में अचानक हुई भारी बारिश से स्थिति बदल गई है। रोहिन नदी जो इस बार अब तक खतरे के निशान के करीब भी नहीं पहुंच पाई थी, वह भी अब उफान पर है।
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उधर, सरयू नदी का जलस्तर भी अचानक बढ़ा है। अयोध्या से लेकर बरहज तक नदी ने खतरे का निशान पार कर लिया है। बरहज में सरयू नदी 65 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। राप्ती की सहायक गोर्रा नदी हालांकि अभी खतरे के निशान से 1.35 मीटर नीचे है, लेकिन सिंचाई विभाग के अफसरों का कहना है कि यदि बारिश का क्रम जारी रहा तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता विकास कुमार सिंह ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पानी छोड़े जाने और नेपाल की बारिश को देखते हुए अगले एक-दो दिनों में राप्ती और रोहिन का जलस्तर और बढ़ेगा।