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Gorakhpur News: असुरन-पिपराइच मार्ग चौड़ीकरण के पुनरीक्षित प्रस्ताव को मिली मंजूरी
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पहले 28 मीटर चौड़ा करने का था प्रस्ताव, अब 20.5 मीटर चौड़ी होगी सड़क
जल्द ही प्रभावित लोगों में किया जाएगा मुआवजा वितरण
गोरखपुर। असुरन चौक से पिपराइच तक करीब 19.5 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन बनाने को लेकर संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। चौड़ीकरण की जद में आ रहे मकान, दुकान व जमीनों का मुआवजा वितरण फरवरी में शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही निर्माण भी शुरू हो जाएगा।
कुशीनगर और महराजगंज जिले से जुड़ी असुरन-पिपराइच मार्ग पर वाहनों का दबाव अधिक है। इस रोड के किनारे नई-नई कॉलोनियां भी विकसित हो रही हैं। जंगल धूसड़ तक कई नए मोहल्ले बस गए हैं। इसे देखते हुए पिछले साल इस सड़क को फोरलेन बनाने की मंजूरी मिली थी। पहले यह सड़क असुरन से लेकर पिपराइच तक 29 मीटर चौड़ी बननी थी। लेकिन असुरन के व्यापारियों की परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर सड़क की चौड़ाई आबादी के बीच घटाकर 20.5 मीटर कर दी गई। चौड़ाई कम करने से तमाम लोगों की मकान-दुकान टूटने से बच जाएंगे। इसके बाद पिपराइच के लोग भी कस्बे में सड़क की चौड़ाई कम करने की मांग करने लगे। कस्बे के मकानों को बचाने के लिए फोरलेन बाईपास बनाने की संभावना भी तलाशी गई, लेकिन उपयुक्त जगह नहीं मिली। इसके बाद इसी सड़क को कप्तानगंज जाने वाली सड़क तक 20.5 मीटर चौड़ा करने का प्रस्ताव बनाया गया।
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सात-सात मीटर चौड़े होंगे दोनों लेन
नई डिजाइन में दोनों लेन की चौड़ाई 7-7 मीटर रहेगी। शेष पर डिवाइडर, फुटपाथ और नाला का निर्माण किया जाएगा। आबादी के बीच चौड़ाई घटने से बहुत से व्यापारियों का मकान और दुकान टूटने से बच जाएगा। साथ ही इससे निर्माण की लागत में भी कमी आएगी। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड तृतीय को इस सड़क के निर्माण की जिम्मेदारी मिली है। नए प्रस्ताव के अनुरूप जमीन के सीमांकन के साथ ही असुरन से लेकर पिपराइच तक सड़क की पैमाइश का काम भी पूरा हो गया है। कहां कितने मकान टूटेंगे और कितनी जमीन का अधिग्रहण होगी, ये सारी गणना हो चुकी है। इसके अनुरूप ही संशोधित प्रस्ताव भेजा गया है।
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वर्जन
संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है, लेकिन अभी उसकी कॉपी मुख्यालय से प्राप्त नहीं हुई है। कॉपी मिलने पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किस जगह पर कितना मुआवजा वितरण करना है। प्रयास है कि फरवरी में मुआवजा वितरण कर निर्माण कार्य आरंभ करा दिया जाए।
अरविंद कुमार, अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड-तृतीय
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जल्द ही प्रभावित लोगों में किया जाएगा मुआवजा वितरण
गोरखपुर। असुरन चौक से पिपराइच तक करीब 19.5 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन बनाने को लेकर संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। चौड़ीकरण की जद में आ रहे मकान, दुकान व जमीनों का मुआवजा वितरण फरवरी में शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही निर्माण भी शुरू हो जाएगा।
कुशीनगर और महराजगंज जिले से जुड़ी असुरन-पिपराइच मार्ग पर वाहनों का दबाव अधिक है। इस रोड के किनारे नई-नई कॉलोनियां भी विकसित हो रही हैं। जंगल धूसड़ तक कई नए मोहल्ले बस गए हैं। इसे देखते हुए पिछले साल इस सड़क को फोरलेन बनाने की मंजूरी मिली थी। पहले यह सड़क असुरन से लेकर पिपराइच तक 29 मीटर चौड़ी बननी थी। लेकिन असुरन के व्यापारियों की परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर सड़क की चौड़ाई आबादी के बीच घटाकर 20.5 मीटर कर दी गई। चौड़ाई कम करने से तमाम लोगों की मकान-दुकान टूटने से बच जाएंगे। इसके बाद पिपराइच के लोग भी कस्बे में सड़क की चौड़ाई कम करने की मांग करने लगे। कस्बे के मकानों को बचाने के लिए फोरलेन बाईपास बनाने की संभावना भी तलाशी गई, लेकिन उपयुक्त जगह नहीं मिली। इसके बाद इसी सड़क को कप्तानगंज जाने वाली सड़क तक 20.5 मीटर चौड़ा करने का प्रस्ताव बनाया गया।
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सात-सात मीटर चौड़े होंगे दोनों लेन
नई डिजाइन में दोनों लेन की चौड़ाई 7-7 मीटर रहेगी। शेष पर डिवाइडर, फुटपाथ और नाला का निर्माण किया जाएगा। आबादी के बीच चौड़ाई घटने से बहुत से व्यापारियों का मकान और दुकान टूटने से बच जाएगा। साथ ही इससे निर्माण की लागत में भी कमी आएगी। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड तृतीय को इस सड़क के निर्माण की जिम्मेदारी मिली है। नए प्रस्ताव के अनुरूप जमीन के सीमांकन के साथ ही असुरन से लेकर पिपराइच तक सड़क की पैमाइश का काम भी पूरा हो गया है। कहां कितने मकान टूटेंगे और कितनी जमीन का अधिग्रहण होगी, ये सारी गणना हो चुकी है। इसके अनुरूप ही संशोधित प्रस्ताव भेजा गया है।
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वर्जन
संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है, लेकिन अभी उसकी कॉपी मुख्यालय से प्राप्त नहीं हुई है। कॉपी मिलने पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किस जगह पर कितना मुआवजा वितरण करना है। प्रयास है कि फरवरी में मुआवजा वितरण कर निर्माण कार्य आरंभ करा दिया जाए।
अरविंद कुमार, अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड-तृतीय