{"_id":"688927a89862d3926a099311","slug":"gorakhpur-news-regular-and-disciplined-routine-is-the-first-school-for-the-body-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1019475-2025-07-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: नियमित और संयमित दिनचर्या शरीर की प्रथम पाठशाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: नियमित और संयमित दिनचर्या शरीर की प्रथम पाठशाला
विज्ञापन
सीएम योगी बोले-खेलों में उपलब्धियां हासिल कर परिवार, प्रदेश और देश का नाम रोशन करते हैं खिलाड़ी
गोरखनाथ मंदिर में आयोजित प्रदेशस्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता का समापन
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नियमित और संयमित दिनचर्या शरीर की प्रथम पाठशाला है। इसके लिए खेल सर्वोत्तम विकल्प है। खिलाड़ी की आरोग्यता हमेशा उपयोगी बनी रहती है। इसलिए सभी को किसी न किसी खेल से जुड़ना चाहिए। खेल को अपनाकर जब कोई युवा प्रोफेशनल तरीके से आगे बढ़ता है तो वह परिवार, समाज, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने में अपना योगदान देता है।
सीएम योगी मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में परिसर में आयोजित दो दिवसीय प्रदेशस्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने स्वस्थ शरीर के लिए खेलों की महत्ता बताते हुए प्राचीन भारतीय संस्कृति का उद्धरण दिया। उनहोंने कहा-‘शरीर माध्यम खलु धर्म साधनम’। अर्थात धर्म के सभी साधनों की पूर्ति के लिए शरीर ही माध्यम है। धर्म के साधनों की पूर्ति के लिए शरीर का स्वस्थ रहना आवश्यक है।
गोरखनाथ मंदिर में नागपंचमी पर कुश्ती की परंपरा सैकड़ों वर्ष पुरानी
सीएम योगी ने कहा कि गोरखनाथ मंदिर के प्रांगण में प्राचीन भारतीय खेल कुश्ती प्रतियोगिता की परंपरा सैकड़ों वर्ष पुरानी है। विगत कुछ सालों से इसका स्वरूप प्रदेशस्तरीय कर दिया गया है। अब यह आयोजन पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए उत्साह और उमंग का माध्यम बन रहा है।
विज्ञापन
सीएम योगी ने दी नागपंचमी की बधाई
मुख्यमंत्री ने सभी को नागपंचमी पर्व की बधाई देते हुए कहा कि यह आध्यात्मिक शक्ति पूजन का भी पर्व है। हर शरीर में आध्यात्मिक शक्ति होती है जिसे सामान्य भाषा में सर्पेंट पॉवर कहा जाता है। आध्यात्मिक शक्ति से ही अष्ट सिद्धि और नवनिधि की प्राप्ति संभव होती है जिसके लिए साधु-संत लालायित रहते हैं। नागपंचमी का पर्व कुश्ती दंगल के आयोजनों से शारीरिक और आध्यात्मिक शक्ति के प्रदर्शन का माध्यम बनता है। उन्होंने कहा कि सामान्य दिनों में लोग भले ही सांपों को देखकर डरते हों लेकिन नागपंचमी पर्व पर दूध-लावा चढ़ाकर उनकी पूजा करते हैं। यह पर्व भारतीय परंपरा के अनुसार जीव-जंतुओं के प्रति अनुराग व करुणा का भाव प्रदर्शित करने का भी माध्यम है। कारण, सबके संरक्षण से ही जीव सृष्टि बचेगी।
खेल और खिलाड़ियों के हित में लिए गए कई ऐतिहासिक निर्णय: खेल मंत्री
कुश्ती प्रतियोगिता के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छूते हुए सर्वोत्तम प्रदेश बन रहा है। सीएम योगी के मार्गदर्शन में राज्य के खेल विभाग ने खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए। इससे गांव-गांव में खेल का माहौल बन रहा। उन्होंने बताया कि यूपी में 20 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों में खेल के मैदान विकसित हुए हैं।
इस अवसर पर मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह, युवा कल्याण परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. विभ्राट चंद कौशिक, जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष दिनेश सिंह, जिला कबड्डी संघ के अध्यक्ष अरुणेश शाही, हॉकी संघ के जिलाध्यक्ष मनीष सिंह, आदित्य सिंह आगू, मयाशंकर शुक्ल, सुरेश चंद्र उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
गोरखनाथ मंदिर में आयोजित प्रदेशस्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता का समापन
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नियमित और संयमित दिनचर्या शरीर की प्रथम पाठशाला है। इसके लिए खेल सर्वोत्तम विकल्प है। खिलाड़ी की आरोग्यता हमेशा उपयोगी बनी रहती है। इसलिए सभी को किसी न किसी खेल से जुड़ना चाहिए। खेल को अपनाकर जब कोई युवा प्रोफेशनल तरीके से आगे बढ़ता है तो वह परिवार, समाज, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने में अपना योगदान देता है।
सीएम योगी मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में परिसर में आयोजित दो दिवसीय प्रदेशस्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने स्वस्थ शरीर के लिए खेलों की महत्ता बताते हुए प्राचीन भारतीय संस्कृति का उद्धरण दिया। उनहोंने कहा-‘शरीर माध्यम खलु धर्म साधनम’। अर्थात धर्म के सभी साधनों की पूर्ति के लिए शरीर ही माध्यम है। धर्म के साधनों की पूर्ति के लिए शरीर का स्वस्थ रहना आवश्यक है।
विज्ञापन
गोरखनाथ मंदिर में नागपंचमी पर कुश्ती की परंपरा सैकड़ों वर्ष पुरानी
सीएम योगी ने कहा कि गोरखनाथ मंदिर के प्रांगण में प्राचीन भारतीय खेल कुश्ती प्रतियोगिता की परंपरा सैकड़ों वर्ष पुरानी है। विगत कुछ सालों से इसका स्वरूप प्रदेशस्तरीय कर दिया गया है। अब यह आयोजन पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए उत्साह और उमंग का माध्यम बन रहा है।
विज्ञापन
सीएम योगी ने दी नागपंचमी की बधाई
मुख्यमंत्री ने सभी को नागपंचमी पर्व की बधाई देते हुए कहा कि यह आध्यात्मिक शक्ति पूजन का भी पर्व है। हर शरीर में आध्यात्मिक शक्ति होती है जिसे सामान्य भाषा में सर्पेंट पॉवर कहा जाता है। आध्यात्मिक शक्ति से ही अष्ट सिद्धि और नवनिधि की प्राप्ति संभव होती है जिसके लिए साधु-संत लालायित रहते हैं। नागपंचमी का पर्व कुश्ती दंगल के आयोजनों से शारीरिक और आध्यात्मिक शक्ति के प्रदर्शन का माध्यम बनता है। उन्होंने कहा कि सामान्य दिनों में लोग भले ही सांपों को देखकर डरते हों लेकिन नागपंचमी पर्व पर दूध-लावा चढ़ाकर उनकी पूजा करते हैं। यह पर्व भारतीय परंपरा के अनुसार जीव-जंतुओं के प्रति अनुराग व करुणा का भाव प्रदर्शित करने का भी माध्यम है। कारण, सबके संरक्षण से ही जीव सृष्टि बचेगी।
खेल और खिलाड़ियों के हित में लिए गए कई ऐतिहासिक निर्णय: खेल मंत्री
कुश्ती प्रतियोगिता के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छूते हुए सर्वोत्तम प्रदेश बन रहा है। सीएम योगी के मार्गदर्शन में राज्य के खेल विभाग ने खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए। इससे गांव-गांव में खेल का माहौल बन रहा। उन्होंने बताया कि यूपी में 20 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों में खेल के मैदान विकसित हुए हैं।
इस अवसर पर मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह, युवा कल्याण परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. विभ्राट चंद कौशिक, जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष दिनेश सिंह, जिला कबड्डी संघ के अध्यक्ष अरुणेश शाही, हॉकी संघ के जिलाध्यक्ष मनीष सिंह, आदित्य सिंह आगू, मयाशंकर शुक्ल, सुरेश चंद्र उपाध्याय आदि मौजूद रहे।