फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur News: Ravana missed reaching the bank by a few minutes, could have saved Rs 1 crore

Gorakhpur News: बैंक पहुंचने में चंद मिनटों से चूक गए रवना बच जाते एक करोड़

Fri, 15 Nov 2024 02:58 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 15 Nov 2024 02:58 AM IST
विज्ञापन
Gorakhpur News: Ravana missed reaching the bank by a few minutes, could have saved Rs 1 crore
गोरखपुर। साइबर जालसाजी की घटना के बाद पीड़ित शुद्ध प्लस कंपनी के जीएम रमेश कुमार बैंक और इधर-उधर घूमते रह गए। जब कहीं बात नहीं बनी तब वह साइबर थाने पहुंचे। थाने की पुलिस ने तत्काल बैंक पहुंचकर एक खाते में 45 लाख रुपये होल्ड करा दिए। पुलिस का कहना है कि अगर जीएम 15 मिनट पहले आ जाते तो करीब एक करोड़ रुपये और बचाए जा सकते थे। चंद मिनटों की देरी की वजह से बड़ा नुकसना बचा नहीं सके।
विज्ञापन




शुद्ध प्लस और नाइन का फाइनेंस और अकाउंट से संबंधित काम जीएम रमेश कुमार ही देखते हैं। बताया जा रहा है कि जालसाजी के बाद वह घबरा गए थे। बार-बार उनके चेहरे पर पसीना आ रहा था। उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करें। कुछ लोगों से मिले सुझाव पर वह बैंक पहुंचे।
विज्ञापन




रमेश कुमार ने व्हाट्सएप पर मैसेज आने के बाद यस बैंक में 90 लाख और आईसीआईसीआई में 1.80 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। जालसाजी की जानकारी होने पर वह दोनों बैंकों में गए और भेजे गए रुपये होल्ड कराने के लिए भी कहा, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद उन्होंने साइबर थाने पहुंचकर तहरीर दी। साइबर थाने की पुलिस ने दोनों बैंकों में जाकर कुल 45 लाख रुपये होल्ड कराए।
विज्ञापन
विज्ञापन






पुलिस ने मांगा आईपी एड्रेस



तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जिस नंबर से कॉल आई थी, उसका आईपी एड्रेस पुलिस पता लगा रही है। साथ ही उस नंबर को सर्विलांस पर लगाया गया है। व्हाट्सएप नंबर पर कॉल कर बात करने का भी प्रयास किया गया, लेकिन अब नंबर बिजी बता रहा है। शुक्रवार को इस बारे में पुलिस कंपनी के जीएम से भी पूछताछ करेगी। कहीं कोई करीबी इस जालसाजी में शामिल नहीं है, इसकी भी जांच पुलिस कर रही है। बैंक से भी पुलिस ने कुछ जानकारियां मांगी हैं।





81 लाख के गबन में हुई पूछताछ



गोरखपुर। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे बनाने वाली फर्म से 81 लाख रुपये की रायल्टी के गबन के मामले की जांच भी साइबर थाने की पुलिस कर रही है। बृहस्पतिवार को साइबर थाने की पुलिस ने फर्म के कुछ कर्मचारियों से पूछताछ की है। फर्म से कुछ कागजात भी मांगे गए हैं। फर्म ने करीब दो हजार रायल्टी नंबर दिए हैं, जिनकी जांच पड़ताल के लिए पुलिस संबंधित विभाग से भी संपर्क करेगी।




पुलिस का मानना है कि रॉयल्टी का कोड शेयर कर किसी भी विभाग में उसका पेमेंट कराया जा सकता है। इसमें कुछ करीबी लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसमें करीब सौ रायल्टी नंबर बेहद पुराने हैं, जिनकी जांच पड़ताल में परेशानी भी आ रही है। फिलहाल पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द इसका पर्दाफाश कर दिया जाएगा। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed