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Gorakhpur News: राप्ती हर घंटे एक सेंटीमीटर चढ़ रही है, घट रहा है सरयू का पानी
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गोरखपुर। राप्ती नदी का जलस्तर बीते 24 घंटे में 25 सेंटीमीटर बढ़ गया है। शनिवार की शाम को नदी का जलस्तर 75.48 मीटर था जो रविवार की शाम चार बजे 75.73 मीटर पर पहुंच गया। बढ़ते जलस्तर के कारण गोरखपुर, गोला और बांसगांव तहसील के 45 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। रोहिन नदी भी खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। हालांकि, सरयू नदी खतरे के निशान से 26 सेमी नीचे आ गई है। वहीं गोर्रा भी खतरे के निशान से 10 सेमी नीचे आकर स्थिर है। राहत की बात यह है कि राप्ती नदी को छोड़कर अन्य सभी का जलस्तर घटने लगा है।
नेपाल में हुई भारी बारिश के चलते गंडक, राप्ती, सरयू, रोहिन समेत पूर्वांचल की सभी नदियों में ऊफान आ गया था। हजारों एकड़ फसलें प्रभावित हो गई हैं। रविवार शाम चार बजे बर्डघाट पर राप्ती नदी का जलस्तर 75.73 मीटर था। यहां खतरे का निशान 74.98 मीटर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से गोरखपुर, गोला और बांसगांव तहसील क्षेत्र के नदी के किनारे बसे गांवों के आबादी के नजदीक तक पानी पहुंच गया है। शहर से सटे शेरपुर और बहरामपुर गांव में लोगों को नाव से आना जाना पड़ रहा है। हालांकि, सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता विकास कुमार सिंह का कहना है कि राप्ती नदी जहां से निकली है, उसके ऊपरी क्षेत्र में इसका पानी घटना शुरू हो गया है। अगर इसके क्षेत्र में कहीं भारी बारिश नहीं हुई तो एक से दो दिन में यहां भी पानी नीचे आने लगेगा। रोहिन नदी खतरे के निशान से ऊपर है लेकिन, उसका जलस्तर नीचे आ रहा है। रोहिन नदी की खासियत है कि जिस तरह तेजी से इसका पानी बढ़ता है उसी तरह से नीचे भी उतरता है। गोर्रा राप्ती की सहायक नदी है। यह स्थिर है और खतरे के निशान से नीचे है। सबसे राहत की बात यह है कि सरयू नदी का जलस्तर नीचे आने लगा है।
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नेपाल में हुई भारी बारिश के चलते गंडक, राप्ती, सरयू, रोहिन समेत पूर्वांचल की सभी नदियों में ऊफान आ गया था। हजारों एकड़ फसलें प्रभावित हो गई हैं। रविवार शाम चार बजे बर्डघाट पर राप्ती नदी का जलस्तर 75.73 मीटर था। यहां खतरे का निशान 74.98 मीटर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से गोरखपुर, गोला और बांसगांव तहसील क्षेत्र के नदी के किनारे बसे गांवों के आबादी के नजदीक तक पानी पहुंच गया है। शहर से सटे शेरपुर और बहरामपुर गांव में लोगों को नाव से आना जाना पड़ रहा है। हालांकि, सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता विकास कुमार सिंह का कहना है कि राप्ती नदी जहां से निकली है, उसके ऊपरी क्षेत्र में इसका पानी घटना शुरू हो गया है। अगर इसके क्षेत्र में कहीं भारी बारिश नहीं हुई तो एक से दो दिन में यहां भी पानी नीचे आने लगेगा। रोहिन नदी खतरे के निशान से ऊपर है लेकिन, उसका जलस्तर नीचे आ रहा है। रोहिन नदी की खासियत है कि जिस तरह तेजी से इसका पानी बढ़ता है उसी तरह से नीचे भी उतरता है। गोर्रा राप्ती की सहायक नदी है। यह स्थिर है और खतरे के निशान से नीचे है। सबसे राहत की बात यह है कि सरयू नदी का जलस्तर नीचे आने लगा है।
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