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Gorakhpur News: विद्यांश को गोद में उठाया और दीवार से ईंट निकालकर सिर पर मारने लगा रंजीत
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गोरखपुर। बांसगांव के भैंसा रानी गांव में डेढ वर्ष के मासूम विद्यांश की जघन्य हत्या से हर कोई हतप्रभ है। शाम करीब छह बजे विद्यांश बहनों के साथ घर के बगल की गली में खेल रहा था। उसकी बुआ ने बताया कि रंजित (35) आया, दीवार से एक ईंट निकाली और बच्चे को गोद में लेकर उसके सिर पर मारने लगा। यह देख बहने चिल्लाने लगीं, आस-पास से पहुंचे लोग बच्चे को छुड़ाने लगे, लेकिन वह मासूम को छोड़ ही नहीं रहा था। आलम यह था कि ईंट टूटकर आधी हो गई, किसी तरह लोगों ने बच्चे को छुड़ाया।
विद्यांश तीन भाई बहनों में सबसे छोटा था। उसके पिता गुजरात में पेंट पालिस का काम करते हैं। घटना के बाद से परिजनों का रो रो के बुरा हाल है। पूरा गांव आरोपी युवक को कोस रहा है। मासूम की हत्या से गांव के अन्य घरों में लोग सहमे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक बार पहले भी एक युवक से आरोपी ने मारपीट की थी। वहीं मासूम विद्यांश की दादी का कहना था कि आरोपी को पागल बोलकर लोग उसे बचाना चाह रहे हैं, वह पागल नहीं है। मेरे पोते को उसने मार दिया, उसे इसकी सख्त सजा मिलनी चाहिए।
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बच्चों को पढ़ाता था, लोग बुलाने लगे मास्टरजी
रंजित के मां-बाप की पहले ही मौत हो चुकी है। बड़ा भाई भी परिवार के साथ दिल्ली में रहता है। गांव में रंजित अकेला एक कमरे में रहता है। गांव वालों का कहना है कि शुरू में वह पढ़ाई में बहुत तेज था। गांव के बच्चों को वह पढ़ाता भी है। इस वजह से उसे लोग मास्टरजी बुलाने लगे। वह कई प्रतियोगी परीक्षा में भी बैठा, लेकिन निराशा हाथ लगने के बाद से ही उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी।
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नल का हैंडिल लेकर दौड़ने लगता है
अब रंजित अजीब हरकतें करता है। वह दिन भर वर्जिश करता है और दौड़ता रहता है। एक दिन में वह 10 से 15 किमी तक दौड़ता है। उसकी ये हरकतें देख लोग हैरान हो जाते हैं। गांव के लोगों ने बताया कि कई बार वह एक नल का हैंडिल लेकर दौड़ने लगता है। एक युवक से एक बार विवाद के बाद उसने किसी पर हमला नहीं किया था। बच्चे की जघन्य हत्या के बाद लोग उसे लेकर सशंकित हो गए हैं।
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विद्यांश तीन भाई बहनों में सबसे छोटा था। उसके पिता गुजरात में पेंट पालिस का काम करते हैं। घटना के बाद से परिजनों का रो रो के बुरा हाल है। पूरा गांव आरोपी युवक को कोस रहा है। मासूम की हत्या से गांव के अन्य घरों में लोग सहमे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक बार पहले भी एक युवक से आरोपी ने मारपीट की थी। वहीं मासूम विद्यांश की दादी का कहना था कि आरोपी को पागल बोलकर लोग उसे बचाना चाह रहे हैं, वह पागल नहीं है। मेरे पोते को उसने मार दिया, उसे इसकी सख्त सजा मिलनी चाहिए।
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बच्चों को पढ़ाता था, लोग बुलाने लगे मास्टरजी
रंजित के मां-बाप की पहले ही मौत हो चुकी है। बड़ा भाई भी परिवार के साथ दिल्ली में रहता है। गांव में रंजित अकेला एक कमरे में रहता है। गांव वालों का कहना है कि शुरू में वह पढ़ाई में बहुत तेज था। गांव के बच्चों को वह पढ़ाता भी है। इस वजह से उसे लोग मास्टरजी बुलाने लगे। वह कई प्रतियोगी परीक्षा में भी बैठा, लेकिन निराशा हाथ लगने के बाद से ही उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी।
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नल का हैंडिल लेकर दौड़ने लगता है
अब रंजित अजीब हरकतें करता है। वह दिन भर वर्जिश करता है और दौड़ता रहता है। एक दिन में वह 10 से 15 किमी तक दौड़ता है। उसकी ये हरकतें देख लोग हैरान हो जाते हैं। गांव के लोगों ने बताया कि कई बार वह एक नल का हैंडिल लेकर दौड़ने लगता है। एक युवक से एक बार विवाद के बाद उसने किसी पर हमला नहीं किया था। बच्चे की जघन्य हत्या के बाद लोग उसे लेकर सशंकित हो गए हैं।