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रक्षाबंधन: बहनों ने भाई की कलाई पर बांधी स्नेह की डोर
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बहनों को उपहार देकर भाइयों ने लिया रक्षा का संकल्प
गोरखपुर। भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन धूमधाम से शनिवार को मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर स्नेह की डोर बांधी। इसके बदले में भाइयों ने बहनों को उपहार देकर रक्षा का संकल्प लिया। शनिवार को सावन मास का समापन हो गया।
रक्षाबंधन के दिन भद्रा नहीं होने से पूरे दिन बहनों ने भाई की कलाई सजाई। सुबह से ही राखी बांधने का सिलसिला शुरु हो गया। नए वस्त्र धारण कर बहन ने भाई को सबसे पहले अक्षत, रोली से तिलक लगाया। इसके बाद भाई की आरती उतारी गई। इसके बाद भाई की कलाई पर बहनों ने राखी बांधी। बहन की ओर से भाई को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराया गया।
रक्षाबंधन के साथ श्रावण मास का हुआ समापन
श्रावण मास की शुरुआत 11 जुलाई से हुई थी। समापन नौ अगस्त को रक्षाबंधन से हो गया। भगवान भोलेनाथ के प्रिय मास में श्रद्धालुओं ने सावन के हर दिन में जलाभिषेक किया। पूरे महीने तक भगवान शिव की भक्ति में श्रद्धालु लीन रहे।
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गोरखपुर। भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन धूमधाम से शनिवार को मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर स्नेह की डोर बांधी। इसके बदले में भाइयों ने बहनों को उपहार देकर रक्षा का संकल्प लिया। शनिवार को सावन मास का समापन हो गया।
रक्षाबंधन के दिन भद्रा नहीं होने से पूरे दिन बहनों ने भाई की कलाई सजाई। सुबह से ही राखी बांधने का सिलसिला शुरु हो गया। नए वस्त्र धारण कर बहन ने भाई को सबसे पहले अक्षत, रोली से तिलक लगाया। इसके बाद भाई की आरती उतारी गई। इसके बाद भाई की कलाई पर बहनों ने राखी बांधी। बहन की ओर से भाई को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराया गया।
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रक्षाबंधन के साथ श्रावण मास का हुआ समापन
श्रावण मास की शुरुआत 11 जुलाई से हुई थी। समापन नौ अगस्त को रक्षाबंधन से हो गया। भगवान भोलेनाथ के प्रिय मास में श्रद्धालुओं ने सावन के हर दिन में जलाभिषेक किया। पूरे महीने तक भगवान शिव की भक्ति में श्रद्धालु लीन रहे।
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