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छापा : एक मेडिकल स्टोर और क्लिनिक सील, आठ को नोटिस
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हाटा बाजार में अवैध अस्पतालों पर एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग ने की कार्रवाई
कहीं वेंटिलेशन नहीं तो कहीं भाग निकले झोलाछाप
गगहा। क्षेत्र के हाटा बाजार में संचालित अवैध अस्पतालों, क्लीनिक और पैथोलॉजी की जांच सोमवार को एसडीएम बांसगांव प्रदीप सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की। इस दौरान एक मेडिकल स्टोर और क्लिनिक को सील किया गया। वहीं, बिना पंजीकरण संचालित आठ नर्सिंग होम व मेडिकल स्टोर को नोटिस देकर चेतावनी दी गई।
जांच में अधिकतर जगहों पर फायर सेफ्टी मानकों का अभाव, वेंटिलेशन नहीं होने, कचरा निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई। वहीं कई नर्सिंग होम व मेडिकल स्टोर बिना पंजीकरण के संचालित होते मिले। गगहा क्षेत्र के हाटा बाजार में अवैध अस्पतालों के संचालन पर अमर उजाला ने 30 जून को ‘हाटा बाजार में अवैध क्लिनिक की भरमार.. इलाज के नाम पर लूट’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान लेकर एसडीएम बांसगांव ने टीम गठित कर सोमवार को कार्रवाई की।
टीम युवराज नर्सिंग होम पर पहुंची तो मौके पर कोई डाॅक्टर नहीं मिला। यह अस्पताल एक रेस्टोरेंट के ऊपर पहले मंजिल पर संचालित होता मिला। संचालक ने सीएमओ के यहां से पंजीकरण का दावा किया, जिसका दस्तावेज जांच के लिए भेजा गया है। जांच के समय नर्सिंग होम में तीन मरीज भर्ती थे। अस्पताल में वेंटिलेशन की सुविधा नहीं थी, जिस पर टीम ने संचालक को फटकार लगाई। अस्पताल को नोटिस भी दिया गया।
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इसके बाद मयंक ऑर्थो केयर में टीम के पहुंचने पर क्लीनिक अंदर से बंद मिला। 15 मिनट तक टीम फाटक खुलवाती रही लेकिन अंदर से नहीं खोला गया। बता दें कि मयंक ऑर्थो केयर को पिछले वर्ष पंजीकरण न होने और डॉक्टर के पास डिग्री न होने के चलते सील किया गया था लेकिन कुछ दिन बाद संचालक ने सील तोड़कर अवैध रूप से क्लिनिक का संचालन करने लगा। वहीं, विवेक मेडिकल स्टोर में कोई चिकित्सक नहीं मिला, जिसके चलते सील कर दिया गया। अंसारी क्लिनिक का पंजीकरण न होने के कारण सील किया गया।
जाचं में लाइफ डेंटल क्लिनिक के पास पंजीकरण नहीं था। संचालक ने दावा किया कि पंजीकरण के लिए आवेदन किया गया है। वहीं फातिमा मेडिकल स्टोर, शिवांश क्लिनिक, मां अंबे क्लिनिक, लाइफ मेडिकल स्टोर, राज फार्मा क्लीनिक, डॉ आरपी यादव क्लिनिक पर जब टीम पहुंची तो सभी संचालक ताला लगाकर भाग निकले। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के नोडल प्रभारी डॉ. एके सिंह, गगहा सीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी बृजेश बरनवाल, थानाध्यक्ष गगहा सुशील कुमार चौरसिया आदि मौजूद रहे।
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कोट
हाटा बाजार में टीम गठित कर विभिन्न क्लीनिक और अस्पतालों की जांच की गई। दो को सील किया गया है। आठ क्लीनिक/अस्पतालों को नोटिस भेजा जा रहा है। इनके पंजीकरण और डॉक्टर की डिग्री की जांच कराई जाएगी। कोई भी क्लीनिक या अस्पताल अवैध रूप से संचालित न हो इसके लिए योजना बनाई गई है।
- प्रदीप सिंह, एसडीएम, बांसगांव
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कहीं वेंटिलेशन नहीं तो कहीं भाग निकले झोलाछाप
गगहा। क्षेत्र के हाटा बाजार में संचालित अवैध अस्पतालों, क्लीनिक और पैथोलॉजी की जांच सोमवार को एसडीएम बांसगांव प्रदीप सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की। इस दौरान एक मेडिकल स्टोर और क्लिनिक को सील किया गया। वहीं, बिना पंजीकरण संचालित आठ नर्सिंग होम व मेडिकल स्टोर को नोटिस देकर चेतावनी दी गई।
जांच में अधिकतर जगहों पर फायर सेफ्टी मानकों का अभाव, वेंटिलेशन नहीं होने, कचरा निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई। वहीं कई नर्सिंग होम व मेडिकल स्टोर बिना पंजीकरण के संचालित होते मिले। गगहा क्षेत्र के हाटा बाजार में अवैध अस्पतालों के संचालन पर अमर उजाला ने 30 जून को ‘हाटा बाजार में अवैध क्लिनिक की भरमार.. इलाज के नाम पर लूट’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान लेकर एसडीएम बांसगांव ने टीम गठित कर सोमवार को कार्रवाई की।
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टीम युवराज नर्सिंग होम पर पहुंची तो मौके पर कोई डाॅक्टर नहीं मिला। यह अस्पताल एक रेस्टोरेंट के ऊपर पहले मंजिल पर संचालित होता मिला। संचालक ने सीएमओ के यहां से पंजीकरण का दावा किया, जिसका दस्तावेज जांच के लिए भेजा गया है। जांच के समय नर्सिंग होम में तीन मरीज भर्ती थे। अस्पताल में वेंटिलेशन की सुविधा नहीं थी, जिस पर टीम ने संचालक को फटकार लगाई। अस्पताल को नोटिस भी दिया गया।
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इसके बाद मयंक ऑर्थो केयर में टीम के पहुंचने पर क्लीनिक अंदर से बंद मिला। 15 मिनट तक टीम फाटक खुलवाती रही लेकिन अंदर से नहीं खोला गया। बता दें कि मयंक ऑर्थो केयर को पिछले वर्ष पंजीकरण न होने और डॉक्टर के पास डिग्री न होने के चलते सील किया गया था लेकिन कुछ दिन बाद संचालक ने सील तोड़कर अवैध रूप से क्लिनिक का संचालन करने लगा। वहीं, विवेक मेडिकल स्टोर में कोई चिकित्सक नहीं मिला, जिसके चलते सील कर दिया गया। अंसारी क्लिनिक का पंजीकरण न होने के कारण सील किया गया।
जाचं में लाइफ डेंटल क्लिनिक के पास पंजीकरण नहीं था। संचालक ने दावा किया कि पंजीकरण के लिए आवेदन किया गया है। वहीं फातिमा मेडिकल स्टोर, शिवांश क्लिनिक, मां अंबे क्लिनिक, लाइफ मेडिकल स्टोर, राज फार्मा क्लीनिक, डॉ आरपी यादव क्लिनिक पर जब टीम पहुंची तो सभी संचालक ताला लगाकर भाग निकले। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के नोडल प्रभारी डॉ. एके सिंह, गगहा सीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी बृजेश बरनवाल, थानाध्यक्ष गगहा सुशील कुमार चौरसिया आदि मौजूद रहे।
कोट
हाटा बाजार में टीम गठित कर विभिन्न क्लीनिक और अस्पतालों की जांच की गई। दो को सील किया गया है। आठ क्लीनिक/अस्पतालों को नोटिस भेजा जा रहा है। इनके पंजीकरण और डॉक्टर की डिग्री की जांच कराई जाएगी। कोई भी क्लीनिक या अस्पताल अवैध रूप से संचालित न हो इसके लिए योजना बनाई गई है।
- प्रदीप सिंह, एसडीएम, बांसगांव