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Gorakhpur News: त्रिस्तरीय होगी राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था, पांच किमी का दायरा नो फ्लाइंग जोन
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अधिकारियों ने जमीन से लेकर आसमान तक निगरानी के लिए बनाई योजना
गोरखपुर। एम्स के दीक्षांत समारोह व आयुष विश्वविद्यालय के लोकार्पण में आ रहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सुरक्षा के पुलिस-प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था त्रिस्तरीय होगी। कार्यक्रम स्थल से लेकर सर्किट हाउस तक करीब पांच किलोमीटर का दायरा नो फ्लाइंग जोन घोषित किया जाएगा। सुरक्षा के लिए अधिकारियों ने जमीन से लेकर आसमान तक निगरानी की योजना बनाई है। कार्यक्रम को देखते हुए केंद्रीय व स्थानीय खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं।
सुरक्षा-व्यवस्था में करीब चार हजार पुलिस, पीएसी व अर्धसैनिक बल के जवान की ड्यूटी लगी है, जो दो दिन पहले ही कार्यक्रम स्थल पर मुस्तैद हो जाएंगे। नो फ्लाइंग जोन में ड्रोन, पतंग, गुब्बारे उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा। राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था त्रिस्तरीय होगी। पहले घेरे में पुलिस और अर्ध सैनिक बल के जवान, दूसरे घेरे में एटीएस कमांडो सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात होंगे। जबकि, तीसरा घेरा राष्ट्रपति के सुरक्षा टीम की होगी। डीजीपी कार्यालय से अधिकारी रोजाना तैयारी की जानकारी ले रहे हैं।
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आपातकालीन रूट भी हो रहा तैयार
राष्ट्रपति के कार्यक्रम के लिए दो रूट बनाए जा रहे हैं, जिसमें एक मुख्य व दूसरा आपातकालीन होगा। दोनों रूट पर सुरक्षाकमियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। आवश्यकतानुसार सुरक्षा कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
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गोरखपुर। एम्स के दीक्षांत समारोह व आयुष विश्वविद्यालय के लोकार्पण में आ रहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सुरक्षा के पुलिस-प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था त्रिस्तरीय होगी। कार्यक्रम स्थल से लेकर सर्किट हाउस तक करीब पांच किलोमीटर का दायरा नो फ्लाइंग जोन घोषित किया जाएगा। सुरक्षा के लिए अधिकारियों ने जमीन से लेकर आसमान तक निगरानी की योजना बनाई है। कार्यक्रम को देखते हुए केंद्रीय व स्थानीय खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं।
सुरक्षा-व्यवस्था में करीब चार हजार पुलिस, पीएसी व अर्धसैनिक बल के जवान की ड्यूटी लगी है, जो दो दिन पहले ही कार्यक्रम स्थल पर मुस्तैद हो जाएंगे। नो फ्लाइंग जोन में ड्रोन, पतंग, गुब्बारे उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा। राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था त्रिस्तरीय होगी। पहले घेरे में पुलिस और अर्ध सैनिक बल के जवान, दूसरे घेरे में एटीएस कमांडो सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात होंगे। जबकि, तीसरा घेरा राष्ट्रपति के सुरक्षा टीम की होगी। डीजीपी कार्यालय से अधिकारी रोजाना तैयारी की जानकारी ले रहे हैं।
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आपातकालीन रूट भी हो रहा तैयार
राष्ट्रपति के कार्यक्रम के लिए दो रूट बनाए जा रहे हैं, जिसमें एक मुख्य व दूसरा आपातकालीन होगा। दोनों रूट पर सुरक्षाकमियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। आवश्यकतानुसार सुरक्षा कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
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